- “यादव जी की लव स्टोरी” फिल्म को लेकर जहानाबाद में विरोध।
- प्रतिरोध मार्च निकालकर फिल्म रिलीज रोकने की मांग उठाई।
- सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के नाम को आपत्तिजनक नहीं पाया है।
जहानाबाद | शिवा केसरी
“यादव जी की लव स्टोरी” नाम से आ रही एक नई हिन्दी फिल्म का विरोध बिहार में होने लगा है। यहां के जहानाबाद जिले में यादव समाज ने प्रतिरोध मार्च निकालकर फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की है। जबकि एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि इस फिल्म के नाम से यादव समाज को लेकर कोई निगेटिव छवि का संदेश नहीं जा रहा है। यह फिल्म सिनेमाघरों में 27 फरवरी को रिलीज होने जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुस्लिम-यादव समीकरण को जानबूझकर लव-जेहाद के रूप में प्रदर्शित करने के मकसद से फिल्म बनाई गई है।
दरअसल फिल्म में यादव सरनेम वाले एक व्यक्ति की लव स्टोरी दिखाई गई है जो मुस्लिम लड़की से प्रेम करता है। इस मामले में विश्व यादव परिषद की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कहा था कि एक हिन्दू का मुस्लिम से प्रेम करना, सामाजिक तानेबाने को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है?
जहानाबाद के अरवल मोड़ से शुरू होकर प्रतिरोध मार्च कारगिल चौक होते हुए समाहरणालय गेट तक पहुंचा, जहां समाज के प्रतिनिधियों ने जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शनकारियों ने सीएम नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी पर भी जमकर हमला बोला। साथ ही सेंसर बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान यादव समाज के लोगों ने कहा कि अगर यह फिल्म रिलीज की गई तो वे राज्यभर में आंदोलन को और तेज करेंगे। मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन मुस्तैद रही और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 फरवरी को इस मामले की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि हाल ही में आई फिल्म ‘घुसखोर पंडित’ से यह मामला अलग है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घुसखोर शब्द का अर्थ भ्रष्ट होता है जो नकारात्मक अर्थ से जोड़ता है, जबकि यादव जी की लव स्टोरी फिल्म में ऐसा कोई शब्द नहीं है।

