- राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है।
नई दिल्ली |
77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई, जिसमें यह पुरस्कार पाने वाले कई व्यक्ति भाजपा की विरोधी विचारधारा के हैं। जैसे CPI(M) के वीएस अच्युतानंदन और JMM के शिबू सोरेन। इन दोनों राजनेताओं को मरणोपरांत पद्द विभूषण पुरस्कार दिया जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा के वरिष्ठ नेता वीके मल्होत्रा और भगत सिंह कोटियारी को भी पद्म पुरस्कार से नवाजा गया है, इन दोनों ने ही अपना करियर जनसंघ से शुरू किया था। इंडियन एक्सप्रेस का मानना है कि ऐसा करके भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र की NDA सरकार क्रॉस आइडियॉलिजी का संदेश देना चाहती है।
पद्द पुरस्कारों की घोषणा में सबसे ज्यादा उन राज्यों के व्यक्तियों को सम्मान मिला है, जो ऐसे राज्यों से आते हैं जहां आने वाले महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। उदाहरण के लिए, इस साल जिन पाँच व्यक्तियों को पद्म विभूषण पुरस्कार दिए गए हैं, उनमें से तीन अकेले केरल से हैं। सभी पद्म पुरस्कारों की बात करें तो पुरस्कार पाने वाले 8 लोग केरल, 13 तमिलनाडु, 11 पश्चिम बंगाल से हैं, इन तीनों राज्यों में चुनाव होने हैं।
केंद्रीय गृहमंत्रालय के मुताबिक़, राष्ट्रपति ने 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। 5 पद्म विभूषण पुरस्कार के अलावा, 13 लोगों को पद्म भूषण और 113 लोगों को पद्म श्री पुरस्कार दिए जाएंगे।
पद्म विभूषण पुरस्कार विजेता
- धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत)– कला
- के. टी. थॉमस– पब्लिक लाइफ
- एन. राजम– कला
- पी. नारायणन– साहित्य एवं शिक्षा
- वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत)– पब्लिक लाइफ
एक नजर में
- भारतीय अंतरिक्ष यात्री व फाइटर पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक चक्र।
- 131 लोगों को पद्म पुरस्कारों से लिए चुना गया, इनमें 16 को मरणोपरांत मिलेगा पुरस्कार।
- 5 पद्म विभूषण पुरस्कार, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की हुई घोषणा।
- 121 पुलिस कर्मी और पांच फायरकर्मियों को शौर्य पुरस्कार दिया जाएगा।

