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पटना NEET छात्रा कांड: CBI की बड़ी लापरवाही से मुख्य आरोपी को मिली बेल

सीबीआई (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सीबीआई (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पटना |  पटना की जिस नीट छात्रा को रेप-मर्डर मामले में न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग उठी, परिवार व समाज ने धरने दिए थे; उसी सीबीआई की लापरवाही से केस ‘कमज़ोर’ हो गया है।

इस केस के मुख्य आरोपी शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को गुरुवार को पटना सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई है।

यह जमानत इसलिए मिली है क्योंकि सीबीआई इस मामले में 90 दिनों की तय अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी।

इसके चलते नियम के मुताबिक कोर्ट ने डिफॉल्ट बेल दी है।

मुख्य आरोपी हॉस्टल मालिक मनीष रंजन

सीबीआई को अदालत ने लताड़ा, IO की जांच होगी

दो दिन पहले पटना सिविल कोर्ट की पॉस्को पीठ ने चार्जशीट दाखिल करने में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए सीबीआई को लताड़ा था।

अदालत ने कहा था कि “चार विवेचना अधिकारी बदले जाने के बाद भी इस केस में लापरवाही हुई, जिसका लाभ मुख्य आरोपी को मिल सकता है।” और हुआ भी वही।

अदालत के आदेश के बाद भी जांच अधिकारी ने चार्ज शीट दाखिल नहीं की । अदालत ने इसे अपने आदेश की अवहेलना मानते हुए आईओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

शंभु गर्ल्स हॉस्टल को सील कर दिया गया था।

पुलिस आत्महत्या बता रही थी, पोस्टमार्टम में रेप निकला

बता दें कि जहानाबाद जिले की एक छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह इस साल 5 व 6 जनवरी की दरमियानी रात में संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोश पाई गई।

11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी।

पटना पुलिस इस मामले को आत्महत्या बता रही थी, फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए छात्रा से रेप की बात सामने आने पर पॉस्को व रेप की धारा में केस दर्ज हुआ था।

इस मामले में एसआईटी बनाई गई, पटना पुलिस के दो जांच अधिकारी बदले गए, फिर सीबीआई के भी दो जांच अधिकारी बदले। फिर भी 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दायर नहीं हो सकी।

जंतर-मंतर पर नीट आकांक्षी छात्रा हत्याकांड को लेकर परिवार ने धरना दिया था। (फोटो – X/@pappuyadavjapl)

परिजन लगा चुके हैं जांच को लेकर गंभीर आरोप

इस केस में परिजन लगातार आरोप उठा रहे हैं कि सीबीआई आरोपी के खिलाफ ठीक से जांच नहीं कर रही है। बीती 30 जनवरी को मृतक छात्रा की मां ने मीडिया के सामने दावा किया कि “बिहार डीजीपी ने उन्हें बुलाकर कहा कि वे मान लें कि बेटी ने आत्महत्या की है।”

अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि सीबीआई कब तक चार्जशीट दाखिल कर पाती है, या आरोपी की रिहाई रोकने के लिए क्या कोशिश करेगी।

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