Site icon बोलते पन्ने

PK का बड़ा आरोप- ‘डिप्टी CM सम्राट चौधरी तारापुर व शिल्पी हत्याकांड के आरोपी, गिरफ्तार हों’

प्रेसवार्ता में डिप्टी सीएम के ऊपर गंभीर आरोप लगाते प्रशांत किशोर (फोटो - स्थानीय संवाददाता)

प्रेसवार्ता में डिप्टी सीएम के ऊपर गंभीर आरोप लगाते प्रशांत किशोर (फोटो - स्थानीय संवाददाता)

पटना | 
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) ने सोमवार को
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक भूचाल ला दिया। 
पीके ने सम्राट पर 1995 के तारापुर हत्याकांड में 6-7 लोगों की हत्या का आरोपी होने का गंभीर आरोप लगाया। 
बता दें कि ये दोनों ही हत्याकांड 1990 के दशक के बिहार के ‘जंगल राज’ के पर्याय माने जाते हैं।
पीके ने साथ ही कहा कि बिहार सरकार ने एक हत्यारे को मंत्री बना दिया है। सम्राट चौधरी ने पीके के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट से बरी हो चुके हैं। 
प्रशांत किशोर ने साथ ही ग्रामीण निर्माण मंत्री अशोक चौधरी पर 100 करोड़ की संदिग्ध प्रॉपर्टी खरीद का सवाल उठाया। सम्राट और अशोक ने इन आरोपों को “परसेप्शन गेम” बताया।
पीके के आरोपों को राजद व कांग्रेस का साथ मिला है, ऐसे में यह झगड़ा बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है।
पीके ने सम्राट को तारापुर हत्याकांड का आरोपी बताया 
पीके ने कहा, “सम्राट चौधरी 1995 के तारापुर केस नंबर 44 में 6 लोगों की हत्या के अभियुक्त हैं। सुप्रीम कोर्ट के डॉक्युमेंट्स में नाबालिग होने का दावा कर जेल से छूटे, लेकिन 2020 हलफनामे में उम्र 26 बताई।”

“तारापुर केस नंबर 44/1995 इनके (सम्राट) खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट का डॉक्यूमेंट है, जो सम्राट चौधरी ने दिया है। नाबालिग होने के नाम पर इनको जेल से निकाला गया था। इनका जो इलेक्शन डॉक्यूमेंट है, जो उन्होंने 2020 में दिया है। उसके अनुसार इनकी उस समय उम्र 26 साल होनी चाहिए।” – पीके ने प्रेसवार्ता में कहा

‘सम्राट चौधरी की गिरफ्तारी होनी चाहिए वरना बिहार में जितने लोग हत्या के अभियुक्त हैं, उनको भी जेल से रिहा कीजिए। अगर पुलिस अरेस्ट नहीं करती है, तो हम लोग कोर्ट जाएंगे।

पीके ने शिल्पी-गौतम हत्याकांड से भी सम्राट को जोड़ा
मिस पटना रही शिल्पी की हत्या उसके दोस्त रहे गौतम के साथ की गई थी। 1999 की इस घटना को बिहार के ‘जंगलराज’ का एक बड़ा उदाहरण कहा जाता है। इस केस का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर आरोप लगाए। 
आरोप लगाया कि इस केस में सम्राट से CBI ने पूछताछ की थी, वे नामजद अभियुक्त थे।

“सम्राट चौधरी बता दें कि उनसे शिल्पी के रेप व मर्डर के मामले में पूछताछ हुई थी या नहीं। अगर वे मना करते हैं तो हम पूछताछ के कागज जारी करेंगे।” – प्रशांत किशोर

 

सम्राट का जवाब: कोर्ट ने बरी किया
सम्राट चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा, “1997-98 में कोर्ट ने मुझे बरी कर दिया। पीके के पास कोई मुद्दा नहीं, वे खोजी पत्रकारिता कर रहे हैं।”
उन्होंने तारापुर हत्याकांड को RJD-लोक जनशक्ति पार्टी के जातीय संघर्ष से जोड़ा, जिसमें CBI ने उन्हें बरी किया था।
विपक्ष की प्रतिक्रिया – ‘पीके ने सही मुद्दा उठाया’
  1. आरजेडी: तेजस्वी यादव ने कहा, “पीके सही मुद्दा उठा रहे हैं। सम्राट जैसे लोग जंगलराज का प्रतीक हैं। सरकार कार्रवाई करे, CBI जांच हो।”
  2. कांग्रेस: शकील अहमद खान ने कहा, “NDA की नाकामी है कि हत्या के आरोपी मंत्री बने। तारापुर की निष्पक्ष जांच हो।”

गौरतलब है कि भले तेजस्वी ने पीके के आरोपों का समर्थन किया हो पर उन्होंने तेजस्वी के भ्रष्टाचारी नेताओं की लिस्ट बनाने को लेकर तंज कसा। बोले- “उनके मामा, माता-पिता का नाम लिस्ट में पहले लिखना पड़ेगा। RJD चोर है, पूरा बिहार जानता है।” 

 

अशोक चौधरी की प्रॉपर्टी पर सवाल उठाया

 प्रशांत किशोर ने ग्रामीण निर्माण मंत्री अशोक चौधरी की प्रॉपर्टी और उनके 100 करोड़ की नोटिस पर सवाल उठाए।

अशोक चौधरी पर वैभव विकास ट्रस्ट के जरिए पिछले साल 100 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदने का आरोप लगाया। यह भी आरोप लगाया कि ‘अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी की शादी के बाद 100 करोड़ की प्रॉपर्टी न्यास बोर्ड की और से खरीदी गई है।’

बता दें कि अशोक चौधरी ने 23 सितंबर को पीके को 100 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा था।

 

जन सुराज की फंडिंग का बचाव किया
प्रशांत किशोर ने पार्टी जनसुराज की फंडिंग को लेकर अपनी बात रखी। फंडिंग का बचाव करते हुए कहा, “3 साल में 241 करोड़ फीस, 30.95 करोड़ GST, 20 लाख इनकम टैक्स जमा किए। हमारी लक्ष्मी सरस्वती से आती है।

 

BJP में तेजी से बढ़ा था सम्राट का कद 

सम्राट चौधरी को बीजेपी में शामिल हुए अभी महज 6 साल पूरे हुए हैं, वे 2017 में पार्टी में शामिल हुए, तब पंचायती राज मंत्री बनाए गए थे। फिर वो प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष बने और फिर उपमुख्यमंत्री बनाए गए।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी (क्रेडिट- @samrat4bjp)

बिहार में सम्राट चौधरी का नाम नीतीश कुमार के धुर विरोधी नेता के तौर पर लिया जाता रहा है।

सम्राट चौधरी ओबीसी समुदाय से आते हैं, वो कोइरी (कुशवाहा) वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।

माना जाता है कि बीजेपी ने ओबीसी को साधने के लिए सम्राट को आगे बढ़ाया था।

सम्राट के पिता शकुनी चौधरी मुंगेर में सात बार के विधायक व सांसद रह चुके हैं। उनकी मां पार्वती तारापुर से विधायक रह चुकी हैं। गौरतलब है कि शकुनी चौधरी ने साल 1999 में बिहार में राबड़ी देवी की सरकार का साथ दिया था, हालांकि वो ख़ुद उस वक़्त सांसद थे।

Exit mobile version