Site icon बोलते पन्ने

चुनाव बाद भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से निलंबित किया, अदाणी से जुड़े घोटाले का आरोप लगाया था

RK Singh

RK Singh

नई दिल्ली |

बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के एक दिन बाद भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से छह साल के लिए निलंबित कर दिया है। वे आरा से पूर्व सांसद व भारत सरकार में पावर मिनिस्टर रह चुके हैं। वे चुनाव के पहले से लगातार अपनी पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे थे।

आरके सिंह ने बिहार विधानसभा के पहले चरण के चुनाव से ठीक पहले 4 नवंबर को आरोप लगाया था कि “BJP ने अदाणी समूह को सस्ते दामों में जमीन देकर बड़ा घोटाला किया है।”

चुनाव के चलते पार्टी ने चुप्पी साध रखी थी और चुनाव खत्म होते ही उनके खिलाफ बिहार भाजपा ने कार्रवाई कर दी है। आरके सिंह के नाम बीजेपी के बिहार प्रदेश मुख्यालय की ओर से जारी पत्र में लिखा गया है, “आपकी गतिविधियां पार्टी के विरोध में हैं। ये अनुशासन के दायरे में आता है। पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है. इससे पार्टी को नुकसान हुआ है।”

चुनाव से ठीक पहले उठाया था ‘घोटाले’ का मुद्दा 

बिहार के भागलपुर में अदाणी समूह को हर साल मात्र रुपये की कीमत पर 25 बरस के लिए 1050 एकड़ जमीन लीज पर दी गई है, जिस पर थर्मल पावर प्लांट बनाया जाएगा। हैरानी की बात है कि बिहार चुनाव से ठीक पहले 4 नवंबर को बीजेपी के नेता व पूर्व नौकरशाह आरके सिंह ने इस समझौते को फ्रॉड बताया। गौरतलब है कि आरके सिंह,  भारत सरकार में पावर मिनिस्टर रह चुके हैं।

आरके सिंह ने आजतक के दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि NDA सरकार ने अडाणी को थर्मल पावर प्लांट के लिए बेहद सस्ते में जमीन सौंपने का जो सौदा किया, उसकी सीबीआई जांच की जानी चाहिए। हालांकि इस बड़े आरोप पर बीजेपी की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। बीजेपी की इस चुप्पी को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

आरके सिंह ने आरोप लगाया कि 25 साल के थर्मल पावर प्लांट के एग्रीमेंट से अडानी ग्रुप को 50 हजार करोड़ रुपये का ‘अनुचित लाभ’ होगा। इसे मात्र  एक रूपया प्रति वर्ष की दर से अदाणी को दिए जाने को लेकर पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि ये राशि सीधे बिहार की जनता की जेब से निकलेगी। आरके सिंह ने इसे ‘जनता से खुली लूट’ बताया और तत्काल CBI जांच की मांग की।

इस मामले में तब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आके सिंह जिस 62 हजार करोड़ के घोटाले की बात कर रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।

Exit mobile version