नई दिल्ली | दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘हॉर्मुज’ में जहाजों की आवाजाही फिर शुरू कराने के लिए फ्रांस ने एक बड़ी कूटनीतिक कोशिश शुरू की है।
रॉयटर्स के मुताबिक, फ्रांस के सैन्य प्रमुख ने गुरुवार को दुनिया के करीब 35 देशों के साथ वीडियो कॉल पर बात की।
इसमें एशिया, यूरोप और अमेरिका समेत सभी महाद्वीपों के देश शामिल थे। हालांकि सैन्य प्रमुख की ओर से देशों के नाम नहीं बताए गए हैं।
गौरतलब है कि फ्रांस का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब वहां जी-7 समूह देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक चल रही है, जिसमें शामिल होने के लिए भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी गए हुए हैं।
फ्रांस चाहता है कि जैसे ही ईरान और इजराइल के बीच का युद्ध रुके, उसके बाद एक अंतरराष्ट्रीय टीम (मिशन) बनाई जाए जो इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा करे, ताकि भविष्य में इस रास्ते के बंद हो जाने की संभावना न रहे।
फ्रांस ने साफ कहा है कि उनकी यह पहल किसी पर हमला करने के लिए नहीं, न ही वह इस युद्ध में शामिल होना चाहता है। उसका यह कदम रक्षात्मक है।
