नई दिल्ली | भारत में जैसे RBI के गर्वनर के हस्ताक्षर नोटों पर होते हैं, ठीक उसी तरह अमेरिका में अमेरिकी ट्रेजरर के हस्ताक्षर वाले डॉलर छपने की परंपरा रही है। लेकिन आगामी जून से अमेरिकी डॉलर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर छपने लगेंगे।
बीते 165 वर्षों में ऐसा पहली बार ऐसा होगा कि ‘अमेरिकी ट्रेजरर’ (U.S. Treasurer) के हस्ताक्षर को नोट से हटा दिया जाएगा।
ट्रंप के हस्ताक्षर वाला आदेश (फाइल फोटो)
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गुरुवार को यह घोषणा करते हुए कहा है कि सौ डॉलर के करेंसी नोट पर यह बदलाव शुरू होगा। यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा जब कोई मौजूदा राष्ट्रपति देश की मुद्रा पर हस्ताक्षर करेंगे।
हालांकि ट्रंप की तस्वीर वाले एक डॉलर के सिक्के नहीं छापे जा सकते हैं क्योंकि अमेरिकी कानून किसी जीवित व्यक्ति का सिक्कों पर चित्रण करने की इजाज़त नहीं देता है।
ट्रंप का हस्ताक्षर, इसकी काफी चर्चा रहती है।
नई करेंसी पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षर होंगे।
हालांकि इन नए नोटों को बैंकों के माध्यम से चलन में आने में कई सप्ताह का समय लग सकता है।
फिलहाल पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन और पूर्व कोषाध्यक्ष लिन मालेरबा के हस्ताक्षर वाले नोट ही छप रहे हैं।
ट्रंप के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बयान दिया है कि
“अमेरिकी डॉलर पर राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिखे जाने से ज्यादा बेहतर कोई और तरीका नहीं हो सकता जो देश के लिए उनकी उपलब्धियों को दर्ज करा सके।”
गौरतलब है कि ट्रेजरी विभाग जालसाजी रोकने के लिए करेंसी की डिजाइन में बड़े बदलाव करने का अधिकार रखता है और इसी अधिकार का इस्तेमाल करके मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाले डॉलर लाए जाने की घोषणा हुई है।
इससे पहले देखा गया है कि ट्रंप प्रशासन ने कई इमारतों, संस्थानों, सरकारी कार्यक्रमों, युद्धपोतों पर राष्ट्रपति का नाम अंकित किया है।
हाल में एक फेडरल कला पैनल ने ट्रंप की छवि वाले एक Gold Coin के डिजाइन को भी मंजूरी दी है।

