नई दिल्ली | ईरान की संसद एक ऐसे विधेयक पर काम कर रही है, जिसके जरिए हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कुछ जहाजों से वसूले जाने वाले कथित शुल्क को कानूनी रूप दिया जा सके।
ईरानी मीडिया के हवाले से अमेरिका की समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने यह जानकारी दी है।
गौरतलब है कि अमेरिका-इज़रायल के हमलों के बाद से ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रखा है। वह भारत समेत कुछ चुनिंदा देशों के जहाजों को ईरानी प्रशासन की अनुमति के बाद ही गुजरने दे रहा है। साथ ही, ईरान कुछ देशों के जहाजों के ऊपर शुल्क भी वसूल रहा है।
गूगल मैप में देखा जा सकता है कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान की सीमा पर स्थित है।
ईरान की ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ से जुड़े माने जाने वाली ईरानी मीडिया ‘फार्स न्यूज’ (Fars) और ‘तस्नीम’ (Tasnim) ने सांसद मोहम्मदरेजा रजाई कूची के हवाले से संभावित शुल्क विधेयक को लेकर जानकारी दी है।
रिपोर्ट्स में कहा है कि हॉर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता, नियंत्रण और निगरानी को औपचारिक रूप से कानूनी जामा पहनाने (Codify) की योजना पर ईरानी संसद काम कर रही है।
साथ ही कहा गया है कि हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाकर देश के राजस्व के लिए भी एक स्रोत बनाया जा रहा है।
बता दें कि फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित संकरा मार्ग ‘हॉर्मुज स्ट्रेट’ दुनिया के 20% तेल व्यापार के आवागमन का रास्ता है। इसका सबसे संकरा हिस्सा करीब 35 किलोमीटर लंबा है।
अभी इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है जो सभी तरह के समुद्री वाहनों के लिए खुला है। अगर इस पर ईरान शुल्क लगाता है तो इसका यह दर्जा समाप्त हो जाएगा। माना जा रहा है कि खाड़ी देश, अमेरिका और यूरोपीय देश इसका विरोध करेंगे।

