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मीडिया रिपोर्ट : अमेरिका-ईरान के बीच समझौता कराने में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा पाकिस्तान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई मौकों पर पाक के सेना प्रमुख फील्‍ड मार्शल आसिर मुनीर की तारीफ कर चुके हैं।

नई दिल्ली | अमेरिका व ईरान के बीच समझौता कराने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। ब्रिटेन के दैनिक समाचार पत्र ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।

साथ ही, पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक ‘डॉन’ ने भी सोमवार को एक अधिकारी के हवाले से पुष्टि की है कि पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के साथ मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच खाई को पाटने के लिए “सक्रिय बैक-चैनल डिप्लोमेसी” (परोक्ष कूटनीति) में लगा हुआ है।

साथ ही कहा गया है कि इस तिकड़ी (पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र) के प्रयासों से ही 23 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकाने पर हमला करने की अपनी रणनीति को पांच दिनों के लिए टाल दिया।

ट्रंप और असीम मुनीर के बीच वार्ता

दोनों रिपोर्ट में बताया गया है कि इसी सिलसिले में पाकिस्तान के थल सेना अध्यक्ष फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने रविवार (22 मार्च) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने वार्ता के लिए एक संभावित स्थल के रूप में इस्लामाबाद को प्रस्तावित किया है। यह भी माना जा रहा है कि इस वार्ता के लिए ट्रंप प्रशासन और ईरान के वरिष्ठ अधिकारी पाकिस्तान आ सकते हैं।

पाक पीएम ने ईरानी राष्ट्रपति को फोन मिलाया

दूसरी ओर, पाक के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ ने सोमवार (23 मार्च) को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बातचीत की है। इन सभी घटनाक्रमों को युद्ध में पाक की मध्यस्थता के प्रस्ताव से जोड़कर देखा जा रहा है।

अब तक क्या रहा पाक का स्टैंड?

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर शोक जताया था।

दूसरी ओर, पाक का सऊदी अरब से साथ द्विपक्षीय सैन्य रक्षा समझौता होने के बाद भी ईरान की ओर से किए गए हमलों की प्रतिक्रिया में सऊदी को सैन्य मदद नहीं भेजी। हालांकि खाड़ी देशों पर हुए हमलों की भी निंदा की।

दूसरी ओर, पाक सैन्य प्रमुख के अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ जारी नजदीकी संबंध सार्वजनिक हैं। इसके बावजूद, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत ने अमेरिकी हमले की निंदा की थी।

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