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बिहार : चुनाव ड्यूटी से पहली ‘बीमार’ हो गए 1200 सरकारी कर्मी, अब प्रशासन बताएगा कौन अनफिट

हेल्थ कैंप में मौजूद सिक लीव के आवेदक सरकारी कर्मी।

हेल्थ कैंप में मौजूद सिक लीव के आवेदक सरकारी कर्मी।

सासाराम | अविनाश श्रीवास्तव

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के ठीक पहले रोहतास जिले में करीब 1200 सरकारी कर्मचारियों ने खुद को बीमार (sick leave) बताते हुए चुनावी ड्यूटी न करने की अनुमति मांगी है।

इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की एप्लीकेशन आने के बाद जिला प्रशासन ने बाकायदा दो दिन का हेल्थ कैंप लगवा दिया, जिसमें डॉक्टरों की टीम जांच करके बता रही है कि वास्तव में कितने लोग फिट या अनफिट हैं।

बता दें कि ये एप्लीकेशन ऐसे समय में आई हैं जबकि विधानसभा चुनाव को लेकर कर्मियों की ट्रेनिंग चल रही है। ऐसे में प्रशासन के लिए इतनी बड़ी संख्या में Sick leave स्वीकृत करना सिरदर्द होगा, जिसके चलते प्रशासन ने असलियत जानने के लिए हेल्थ कैंप लगवाया है।

ये कैंप 18-19 अक्तूबर को समाहरणालय (District collectorate) में लगा है।  जांच टीम के चिकित्सक डॉ. शशिकांत प्रभाकर ने बताया कि कई कर्मचारियों ने खुद को बीमार बताकर चुनावी ड्यूटी न करने के लिए आवेदन दिया है इसलिए उनकी फिजिकल फिटनेस की जांच कर रही है।

बता दें कि चुनावी ड्यूटी के समय ऐसी स्थितियां पहले भी देखने को मिलती रही हैं जब सरकारी कर्मचारियों ने सिक लिव लेकर काम करने से मना किया। पर जितनी बड़ी तादाद में रोहतास जिले में एप्लीकेशन मिली हैं, ये चौंकाने वाली हैं। ये कर्मी शिक्षा, बिजली, स्वास्थ्य, सिंचाई, कृषि आदि सभी सरकारी विभागों में अलग-अलग पदों पर कार्यरत हैं।

 

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