रोहतास | अविनाश कुमार श्रीवास्तव
रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड में बिजली विभाग की लापरवाही से जन प्रतिनिधि की जान चली गई। परिवार के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने मुआवज़े का ऐलान किया। अब और आर्थिक मदद जुटाने के लिए प्रशासन ने क्राउड फंडिंग की पहल शुरू की है।
एसडीएम की ओर से सासाराम अनुमंडल कार्यालय और चेनारी प्रखंड कार्यालय के परिसर में एक दान पात्र स्थापित किया गया है।
चेनारी प्रखंड की डिहरियां पंचायत के खैरा गांव के वार्ड मेंबर सदानंद तिवारी की बिजली का करंट लगने से बीते रविवार को मौत हो गई थी।
वे गांव की बिजली ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़े थे, तभी बिजली सप्लाई चालू कर दी गई। उनका शव काफी देर तक खंभे पर ही लटका रहा, जिसे बाद में प्रशासन ने कड़ी मशक्कत से नीचे उतारा।
तब ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मर और जर्जर तारों की शिकायत पर सुनवाई न होने पर थक-हारकर सदानंद खुद तार ठीक करने को चढ़े थे। इस घटना के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने बड़ा प्रदर्शन किया।
इस पर जिला प्रशासन ने मृतक के परिवार के लिए चार लाख रुपये के मुआवज़े की घोषणा की। सासाराम एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी के मुताबिक, तय स्थानीय लोगों की मांग पर यह भी तय हुआ कि और आर्थिक राशि जुटाने के लिए क्राउड फंडिंग करायी जाएगी।
इसी के तहत चार अप्रैल को सासाराम एसडीएम ने यह मानवीय पहल शुरू की है।
इसका मकसद आम जनता और सरकारी कर्मचारियों के सहयोग से अतिरिक्त धन जुटाकर मृतक वार्ड मेंबर सदानंद तिवारी के परिवार को आर्थिक सहयोग देना है।
“वार्ड मेंबर सदानंद तिवारी की मौत एक दुखद घटना थी। हमने चार लाख का मुआवजा तो दे दिया लेकिन उनके परिवार की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ‘फंड रेजर’ शुरू किया गया है। हम सबको अपनी क्षमता के अनुसार इस नेक काम में योगदान देना चाहिए।”- सासाराम एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी

