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तेहरान की बड़ी कूटनीतिक जीत : युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरान के तेल पर बैन हटाया

By Fars Media Corporation, CC BY 4.0, Link

ईरानी तेल जहाज (प्रतीकात्मक फोटो, साभार विकीमीडिया)

  • ईरान के समुद्र में मौजूद तेल को कोई भी देश 30 दिनों तक खरीद सकेगा।

नई दिल्ली |

अमेरिका और इजरायल के ईरान पर जारी हमलों और उसकी जवाबी कार्रवाइयोें के 21वें दिन ईरान के तेल पर अमेरिका ने पाबंदी हटा दी है। ईरानी तेल को ज़्यादातर देशों को बेचने की अनुमति अगले 30 दिनों के लिए दी जा रही है।

अमेरिका के वित्त विभाग ने 21 मार्च को यह घोषणा करते हुए कहा कि ये प्रतिबंध अस्थायी तौर पर हटाए जा रहे हैं। ये सिर्फ उस ईरानी तेल पर लागू होगा जो पहले से समुद्र में है, इससे वैश्विक बाज़ार में तेल की क़ीमतों को कम रखा जा सकेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि ईरान तबाह हो चुका है पर अब उन्हें ईरानी तेल पर अस्थायी छूट देनी पड़ी है।

अमेरिका ने यह भी कहा है कि “हम तेल की क़ीमतें कम रखने के लिए ईरान के बैरल का इस्तेमाल उसके ख़िलाफ़ ही करेंगे।” हालांकि ट्रंप प्रशासन के इस कदम को युद्ध के बीच ईरान की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की लीडरशिप में ईरान युद्ध में कड़ी टक्कर दे रहा है। 

गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने हाल में ठीक इसी तरह रूसी तेल की खरीद के लिए भी भारत समेत कई देशों को खरीद की छूट अस्थायी तौर पर दी थी। ट्रंप के उस कदम के बाद यूरोप उससे नाराज हो गया था।

उधर, ईरानी तेल पर छूट की घोषणा करते हुए अमेरिका वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर लिखा

“इस अनुमति से समुद्र लगभग 14 करोड़ बैरल तेल वैश्विक बाज़ारों में आ सकेगा। ईरान को इस बिक्री से होने वाले किसी भी वित्तीय लाभ तक पहुंचने में मुश्किल होगी।”

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (साभार X)

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि ईरानी तेल की नई खरीद या उत्पादन के लिए अनुमति नहीं दी गई है।

माना जा रहा है कि ईंधन संकट के बीच अमेरिका के इस कदम से भारतीय तेल रिफाइनरी लाभ उठा सकती हैं। अभी ईरानी तेल को चीन सस्ते दामों पर खरीदकर लाभ उठा रहा है।

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