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बुजुर्ग मां-बाप की उपेक्षा पर सरकारी कर्मचारियों का वेतन काटेगा, जानिए तेलंगाना सरकार की योजना

तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी की सरकार में रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री हैं।

नई दिल्ली | तेलंगाना सरकार ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती का बड़ा प्रस्ताव तैयार किया है।
समाचार एजेंसी एएनआई ने राज्य सरकार के सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि सोमवार को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।
प्रस्ताव है कि राज्य सरकार बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा करने वाले कर्मचारियों के मासिक वेतन में 10% की कटौती करेगी।  
यह नियम तेलंगाना के सभी राज्य सरकारी कर्मचारियों शिक्षक, क्लर्क, पुलिसकर्मी, डॉक्टर आदि पर लागू हो सकता है।
प्रस्ताव है कि जो सरकारी कर्मचारी अपने मां-बात का ख्याल नहीं रख रहे हैं, उनके वेतन में 10% की कटौती तब तक की जाएगी, जब तक वे दोबारा अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ नहीं रहते या उनकी उचित देखभाल नहीं करते।
प्रस्ताव में कहा गया है कि वेतन कटौती की राशि को राज्य के बुजुर्ग कल्याण फंड में ट्रांसफर किया जाएगा।
प्रस्ताव में कहा गया है कि कर्मचारियों को यह साबित करना होगा कि वह अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ रहता है या उनकी नियमित देखभाल कर रहा है।
बता दें कि बीते 13 मार्च को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा था कि आगामी बजट सेशन में वे ऐसा प्रस्ताव ला सकते हैं जिससे बुजुर्गों का ध्यान न रखने वाले कर्मचारियों की सैलरी में 10 से 15 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बुजुर्गों के लिए डे केयर बनाए जा रहे हैं, बुजुर्गों से उत्पीड़न की शिकायतों पर कड़ा ऐक्शन होगा।  
गौरतलब है कि अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो तेलंगाना देश का पहला राज्य बनेगा, जहां सरकारी कर्मचारियों के वेतन को बुजुर्गों की देखभाल से सीधे जोड़ा जाएगा।
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