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होर्मुज़ में ट्रंप लगाने जा रहे नाकाबंदी, हालात से निपटने को 40 देश शांतिपूर्ण मिशन बनाएंगे

नई दिल्ली | पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता असफल होते ही युद्ध का एक नया मोर्चा खुल गया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि 13 मार्च से उनकी नौसेना होर्मुज़ स्ट्रेट में आने और निकलने वाले जहाजों की नाकाबंदी शुरू करेगी।

भारतीय समयानुसार यह नाकाबंदी सोमवार शात साढ़े सात बजे से शुरू हो जाएगी।

ईरान ने इसका कड़ा विरोध जताया है। चीन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

‘इस्लामाबाद टॉक्स’ विफल होने के बाद होर्मुज़ की नाकाबंदी शुरू हुई। (फोटो- X/@CaitlinDoornbos)

उधर, 40 से ज्यादा देशों के साथ मिलकर फ्रांस व ब्रिटेन एक बहुराष्ट्रीय शांतिपूर्ण मिशन बनाएगा। यह मिशन होर्मुज़ में स्वतंत्र नैविगेशन के मकसद से तैयार किया जा रहा है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों व ब्रिटिश पीएम कार्मर एक अलग शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं जो अमेरिका से अलग यूरोप को वैश्विक शांति की राह पर ले जा सकता है।

भारत के इस ग्रुप में शामिल होने की संभावना जतायी जा रही है क्योंकि दो सप्ताह पहले वह इसी से संबंधित एक ऑनलाइन मीटिंग में शामिल हुआ था।

होर्मुज़ की नाकेबंदी होने की स्थिति में माना जा रहा है कि भारत समेत एशिया को पहुंचने वाले कच्चे तेल व LPG की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होगी।

वार्ता असफल होने पर नाकाबंदी का ऐलान

राष्ट्रपति ट्रंप का ट्वीट

राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति वार्ता असफल होने पर नाराज़गी जताते हुए 12 मार्च को पोस्ट के जरिए घोषणा की थी कि 13 मार्च से अमेरिकी नौसेना होर्मुज़ स्ट्रेट में आने और निकलने वाले जहाजों की ‘पूर्ण नाकाबंदी’ (Total Blockade) शुरू करेगी।

ईरान की चेतावनी- ‘खाड़ी के बंदरगाह सुरक्षित नहीं बचेंगे’

IRGC के नौसैनिक गश्त लगाते हुए।

ईरान ने ट्रंप की इस नाकाबंदी का कड़ा विरोध करते हुए पलटवार किया है। ईरान ने कहा है कि वह स्ट्रेट से टोल लेना जारी रखेगा और अगर उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो खाड़ी में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं बचेगा।

फ्रांस-ब्रिटेन ने ग्रुप बनाने की घोषणा की

इस घोषणा के बाद वैश्विक हलचल तेज हो गई है। फ्रांस के राष्ट्रपति और ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर स्थिति पर चिंता जताई है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने लिखा कि “समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता।”

ब्रिटिश पीएम का ट्वीट

वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि “होर्मुज़ में स्वतंत्र नैविगेशन के लिए जल्द ही एक शांतिपूर्ण बहुराष्ट्रीय मिशन तैयार होगा, जिसमें 40 से ज्यादा देश शामिल होंगे।”

रूस ने दिया मध्यस्थता प्रस्ताव

रूसी व ईरानी राष्ट्रपति

पाकिस्तान की मध्यस्थता में वार्ता विफल होने के बाद रूस ने ईरान को मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया है। क्रेमलिन की ओर से जानकारी दी गई है कि राष्ट्रपति पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन को वार्ता की मेज पर लौटने का ऑफर दिया है, ताकि तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से संकट का समाधान निकाला जा सके।

‘समुद्री संरगों को हटाने के लिए भेजे युद्धपोत को खदेड़ा’

इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि नौसेना के दो विध्वंसक जहाजों (Destroyers) ने समुद्री सुरंगों (Sea Mines) को साफ करने के लिए इस जलमार्ग को पार किया है।

होर्मुज स्ट्रेट के समुद्री क्षेत्र में इस तरह की सुरंगें ईरान की IRGC ने लगाई हैं ताकि वे इस क्षेत्र में अपना नियंत्रण रखकर अमेरिका-इज़रायली हमलों के खिलाफ दवाब बना सके।

ईरान ने अमेरिका के इन दावों को खारिज किया। ईरानी कॉन्सुलेट ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि उनके एक लड़ाकू विमान ने अमेरिकी वॉरशिप को निर्णायक चेतावनी देकर खदेड़ दिया।

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