नई दिल्ली | ईरान युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश कर जाने के बाद भी अमेरिका यह तर्क नहीं दे सका है कि आखिर उसने अचानक ईरान पर हमला क्यों किया था। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताज़ा बयान ने इस अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
ट्रंप ने संकेत दिया है कि उनके रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान पर हमले को लेकर उन्हें सबसे पहले प्रेरित किया। ट्रंप ने कहा कि पीट ने उनसे कहा था कि ‘चलो इसे करके देखते हैं।’
साथ ही कहा है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस कदम को लेकर कम उत्साहित थे।
इस दावे पर हेगसेथ और वेंस दोनों के ही ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ट्रंप प्रशासन के भीतर से युद्ध को लेकर बदलते स्पष्टीकरणों की कड़ी में यह राष्ट्रपति ट्रंप की नवीनतम टिप्पणी है।
‘हमले के लिए कहने वाले पीट पहले व्यक्ति थे’
सोमवार को टेनेसी राज्य में एक राउंड टेबल बैठक के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ उन पहले लोगों में शामिल थे जिन्होंने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के पक्ष में तर्क दिया था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, –
“पीट (हेगसेथ), मुझे लगता है कि आप सबसे पहले यह कहने वाले व्यक्ति थे कि चलिए यह (ईरान पर हमला) करते हैं क्योंकि उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने दिया जा सकता।”
बता दें कि ईरान युद्ध में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, ट्रंप प्रशासन का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। वे अमेरिकी कार्रवाइयों की जानकारी देते हैं। साथ ही युद्ध की आलोचनाओं का भी खंडन कर चुके हैं।
ट्रंप बोले- ‘अपने वरिष्ठ अफसरों से सलाह ली’
ट्रंप ने यह बताया कि हमले से पहले उन्होंने अपने कई वरिष्ठ लोगों से फोन पर बात की। उन्होंने कहा,
“मैंने पीट (हेगसेथ) को फोन किया। मैंने जनरल केन (संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ) को फोन किया। मैंने अपने कई महान लोगों को फोन किया। मैंने कहा कि मिडिल ईस्ट में हमारे सामने एक समस्या है। या तो हम रुक सकते हैं या फिर मिडिल ईस्ट की एक छोटी सी यात्रा (हमला) कर सकते हैं और एक बड़ी समस्या (ईरान) को खत्म कर सकते हैं।”
गौरतलब है कि मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि ट्रंप प्रशासन में ईरान युद्ध को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं। ट्रंप प्रशासन में नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के प्रमुख जो केंट पहले ही युद्ध से अहमति जताते हुए इस्तीफा दे चुके हैं।
