- प्रदेश सरकार के दो कैबिनेट मंत्री असीम अरुण और राकेश सचान पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।
- यूपी सरकार की ओर से 13.5 लाख की मदद दी जो पत्नी व पिता में आधी-आधी बांटी।
- एक अक्तूबर को हुई मॉब लिंचिंग के बाद से पहली बार सरकार का कोई प्रतिनिधि पहुंचा।
फतेहपुर | संदीप केसरवानी
यूपी के रायबरेली में फतेहपुर के दलित युवक की पीट-पीटकर की गई निर्मम हत्या के 11वें दिन पीड़ित परिवार से मिलने योगी सरकार के दो कैबिनेट मंत्री पहुंचे और उन्होंने मदद राशि भी दी। दोनों मंत्रियों ने रायबरेली जाकर मृतक की पत्नी को भी मदद राशि दी।
बता दें कि हरिओम वाल्मीकि की पत्नी व बेटी उनसे अलग रायबरेली में रहती थी और वे पत्नी से मिलने ही वहां गए, रास्ते में ड्रोन चोर समझकर भीड़ ने उन्हें घेर लिया था।
सरकार के प्रतिनिधि मंत्रियों के शनिवार को घर पहुंचने से पीड़ित पिता मांगे राम का विश्वास बढ़ा है कि अब उन्हें अपने बेटे की हत्या में जल्द न्याय मिलेगा। इससे पहले बीजेपी के जलशक्ति मंत्री वाल्मीकि जयंती पर फतेहपुर आए पर परिवार से नहीं मिले थे, जिससे परिवार निराश था और बीजेपी की आलोचना हुई थी।
गौरतलब है कि इस मामले को कांग्रेस पुरजोर तरीके से उठा रही है, इसका एक कारण यह भी है कि जब भीड़ दलित युवक को पीट रही थी, तब उन्होंने ‘राहुल गांधी’ कहा…इसके बाद लोगों ने उन्हें जानलेवा तरह से पीटना शुरू कर दिया और खुद को ‘बाबा जी’ वाला बताया।
दो कैबिनेट मंत्रियों ने मदद दी, नौकरी का भरोसा भी
प्रदेश सरकार के दो कैबिनेट मंत्री असीम अरुण और राकेश सचान (पूर्व फतेहपुर सांसद) ने शनिवार (11 oct) की दोपहर पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर मुलाकात की। उन्होंने 13.5 लाख की तत्काल राहत राशि पीड़ित परिवार को दी। साथ ही, पीड़ित परिवार को पेंशन का आश्वाशन दिया। मंत्री ने कहा कि चूंकि मृतक हरिओम वाल्मीकि की पत्नी और पिता जी अलग-अलग रहते हैं इसलिए राशि दोनों में बराबर बांटी है। ओमप्रकाश वाल्मीकि की बहन व भाई को लेकर मंत्री ने कहा कि “हम लोग आउटसोर्सिंग के ज़रिए मज़बूत नौकरी देंगे ताकि परिवार अपने पैरों पे खड़ा रहे।”
12 गिरफ्तारियां, एक का हाफ ‘एनकाउंटर’
उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने मृतक की हत्या पर हुईं पुलिस कार्रवाई को लेकर कहा कि-
“अभी तक कुल 21 लोग चिंन्हित हुए जिनमें 12 गिरफ्तार हुए हैं। एक अपराधी ने पुलिस के ऊपर गोली चलाई तो वापस उसको भी गोली का जवाब गोली से दिया गया। आने वाले समय में सभी गिरफ्तारियां भी होंगी और न्यायालय से सबको कठोर सज़ा भी दिलाई जाएगी। परिवार को लगभग साढ़े 13.5 लाख रुपये की तत्काल राहत हमने दी है।”
मंत्री का दावा – “बाहरी लोग ड्रोन अफवाह उड़ा रहे”
चूंकि मृतक की मौत के मामले में कहा जा रहा है कि रायबरेली में अपनी पत्नी से मिलने जाते हुए उसे लोगों ने घेर लिया और ड्रोन चोर समझकर पीटने लगे और बाद में हत्या कर दी। इस संदर्भ को लेकर मंत्री बोले- ड्रोन की अफवाह विरोधी फैला रहे हैं, जिससे ओमप्रकाश की लोगों ने हत्या कर दी थी। इस पर संवाददाता ने उनसे पूछा- ये विरोधी लोग कौन हैं?
इस सवाल पर कैबिनेट मंत्री असीम अरुण ने कहा
“यह पश्चिम यूपी से एक सिलसिला आप देख रहे हैं, एक-डेढ़ महीने से शुरू हुआ कि ड्रोन आ गया, ड्रोन आ गया, चोर आ गए। न चोर है, न ड्रोन है। यह कौन फैला रहा है, यह आप भी जानते हैं, मैं भी जानता हूँ। यह वह लोग हैं जिनकी जो दुकान थी, अपराध के ज़रिए चलती थी, उसको बंद किया गया।”

