नई दिल्ली| रमजान के दौरान वाराणसी में गंगा पर वोटिंग के दौरान इफ्तार करने वाले मुस्लिमों को जेल भेजे जाने के बाद इफ्तारी से जुड़े एक और मामले में यूपी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में सोनपथरी आश्रम मंदिर के पास इफ्तार पार्टी किए जाने की शिकायत पर अब तक 10 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारियां हुई हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 17 मार्च को सिरसिया इलाके में हुई। जहां मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने कथित तौर पर वन क्षेत्र के भीतर स्थित मंदिर के पास इफ्तार के लिए मांसाहारी भोजन तैयार किया था।
पुलिस का दावा है कि इफ्तार के बाद बचे भोजन को उस नदी में फेंक दिया गया जिसके पानी का उपयोग मंदिर के श्रद्धालु पीने, खाना पकाने और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए करते हैं।
दावा किया गया है कि इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
आश्रम के पुजारी हरि शरणानंद जी महाराज ने 19 मार्च को सिरसिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स से पता लगा है कि इसी मामले में वन विभाग ने भी एक रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जंगल में अवैध रूप से आग जलाई थी, जिससे जंगल में आग लगने का खतरा पैदा हुआ और स्थानीय वन्यजीवों की जान जोखिम में पड़ गई।
