नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु संयंत्रों व तेल संयंत्रों पर हमले की डेडलाइन मंगलवार रात तक बढ़ा दी थी, लेकिन इससे पहले मंगलवार की सुबह ईरान के खर्ग द्वीप के सैन्य ठिकानों पर हमलों का दावा किया गया है।
रॉयटर्स ने बताया है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ये ताज़ा हमले अमेरिकी रणनीति में किसी बदलाव का संकेत नहीं हैं।
एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से इस समाचार एजेंसी ने कहा है कि खर्ग द्वीप के सैन्य ठिकानों पर किए गए इन हमलों से तेल के बुनियादी ढांचे (Oil Infrastructure) पर कोई असर नहीं पड़ा है।
अधिकारी का यह भी कहना है कि ये वही सैन्य ठिकाने हैं जिनके ऊपर पहले भी हमला किया जा चुका है।
बता दें कि खर्ग द्वीप, फारस की खाड़ी में स्थित ईरान का एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीप है। यह मेन लैंड से लगभग 25 किमी दूर है। इसे ईरान की ‘आर्थिक जीवनरेखा’ कहा जाता है क्योंकि यहां से देश के 90-95% कच्चे तेल का निर्यात होता है।
