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वैशाली: गंगा में डूब रही बहन को बचाने की कोशिश में भाई भी लापता, छुट्टी मनाने रिश्तेदारी में आए थे

दोनों बच्चों को ढूंढने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार तक चला लेकिन दोनों लापता हैं।

दोनों बच्चों को ढूंढने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार तक चला लेकिन दोनों लापता हैं।

हाजीपुर | मुन्ना खान

वैशाली जिले के रुस्तमपुर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। गंगा नदी में स्नान करने के दौरान ममेरे-फुफेरे भाई-बहन गहरे पानी में समा गए। 24 घंटे से ज्यादा वक्त तक चले बचाव अभियान में दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

यह घटना उस वक्त हुई जब एक बहन को डूबता देख भाई और परिवार के अन्य सदस्य उसे बचाने के लिए नदी में कूदे।

इस अफरा-तफरी में कुल छह लोग डूबने लगे थे, जिनमें से चार को स्थानीय लोगों ने सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दो का अब तक पता नहीं चल सका है।

दो दिन तक गंगा में चला बचाव अभियान।

जानकारी के मुताबिक, पटना जिले के धनरुआ निवासी निशांत कुमार और दीदारगंज की मानती कुमारी अपने रिश्तेदारों के यहां आलमपुर आए हुए थे।

रविवार को परिवार के सात सदस्य जिसमें 5 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल थे, सभी गंगा स्नान के लिए रुस्तमपुर घाट पहुंचे। नदी का जलस्तर कम होने के कारण सभी लोग पीपा पुल के पास स्नान करने चले गए।

इसी दौरान मानती अचानक गहरे पानी में जाने लगी और डूबने लगी।

उसे बचाने के लिए निशांत और परिवार के अन्य सदस्य दौड़े, लेकिन पानी की तेज धार ने सभी को चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद लोगों के शोर मचाने पर स्थानीय गोताखोरों ने चार लोगों को तो बचा लिया, लेकिन निशांत और मानती तेज धारा में बह गए।

घटना की सूचना मिलते ही रुस्तमपुर थाना पुलिस और SDRF की दो टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रभारी सीओ राजीव रंजन ने बताया कि रविवार को बताया कि दिनभर चले सर्च ऑपरेशन में दोनों का सुराग नहीं मिल सका।

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