पटना | बिहार में सत्ता के नए समीकरणों के बीच बुधवार को एनडीए सरकार का गठन हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ जनता दल (यूनाइटेड) के दो दिग्गज नेताओं विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
नीतीश कुमार के इन दोनों बेहद करीबी और अनुभवी नेताओं को सरकार में शामिल करना प्रशासन और राजनीति के बीच संतुलन बनाए रखने की रणनीति माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान(बाये से दाये) – बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय चौधरी व डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव।
विजय कुमार चौधरी बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व वित्त मंत्री रह चुके हैं। नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार माने जाते हैं।
वहीं, बिजेंद्र यादव बिहार के सबसे लंबे समय तक रहे ऊर्जा मंत्रियों में शुमार रहे हैं। जदयू में गहरी पकड़ रखने वाले व प्रशासनिक बारीकियों के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
इन दोनों अनुभवी नेताओं को डिप्टी सीएम बनाकर भाजपा ने संकेत दिया है कि नई सरकार भी नीतीश कुमार के मूल्यों पर चलेगी।
बिहार की नई सरकार में दो डिप्टी सीएम बनाए गए हैं जो जदयू से हैं और नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं।
गौरतलब है कि नई सरकार में मुख्यमंत्री कुशवाहा, डिप्टी सीएम विजय चौधरी (भूमिहार) व बिजेंद्र यादव (यादव) समाज़ से आते हैं इसलिए सरकार के इन तीन चेहरों के जरिए सोशल इंजीनियरिंग भी अच्छी बैठी नज़र आती है।
‘नीतीश कुमार की नीतियों पर ही चलेगी सरकार’
डिप्टी सीएम पद की शपथ लेते विजय चौधरी
शपथ ग्रहण के बाद विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से कहा कि नई सरकार में भले ही चेहरा बदला हो, लेकिन विजन वही रहेगा। उन्होंने कहा,
“मुझ पर जो भरोसा जताया गया है, वह नीतीश कुमार की वजह से है। बिहार के विकास के लिए उन्होंने जो नीतियां और कार्यक्रम तैयार किए हैं, सरकार उसी पर आगे बढ़ेगी। बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार जैसा दूसरा कोई नेता नहीं हो सकता।”
गौरतलब है कि अपने इस्तीफे वाले ट्वीट में नीतीश कुमार ने कहा था कि “नई सरकार भी उनके अगले पांच साल के लिए बनाए विकास के रोडमैप ‘सात निश्चय-3.0’ का पालन करके विकसित बिहार बनाएगी।”
डिप्टी सीएम पद की शपथ लेते बिजेंद्र यादव
निशांत कुमार के शपथ में न आने पर बोले
दूसरे डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के शपथ ग्रहण में शामिल न होने पर कहा- “राजनीति में आना या न आना उनका निजी फैसला है और इस पर अनावश्यक चर्चा की जरूरत नहीं है।”
साथ ही, विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के बयानों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “किसी पर टिप्पणी करने से पहले तेजस्वी को अपनी पृष्ठभूमि देखनी चाहिए।”
विजय कुमार चौधरी – 44 साल के राजनीतिक अनुभव वाले नेता
सम्राट चौधरी की दायीं ओर खड़े विजय कुमार चौधरी
विजय चौधरी समस्तीपुर जिले के रहने वाले हैं जो भूमिहार (ब्राह्मण) समाज से आते हैं। राजनीति में करीब 44 साल से हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1982 में की थी।
अपने पिता जगदीश प्रसाद चौधरी के निधन के बाद उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़कर कांग्रेस के टिकट पर दलसिंहसराय से उपचुनाव जीता था। वे बिहार विधानसभा के अध्यक्ष, वित्त मंत्री, शिक्षा मंत्री और जल संसाधन मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
बिजेंद्र प्रसाद यादव – जदयू के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके करीबी नेता बिजेंद्र यादव (फाइल फोटो)
बिजेंद्र प्रसाद यादव, जदयू के सबसे वरिष्ठ नेता में से एक हैं और पार्टी में गहरी पकड़ रखते हैं। उन्हें कोसी क्षेत्र की राजनीति का मजबूत स्तंभ माना जाता है। वे सुपौल जिले से आते हैं और सुपौल विधानसभा के लगातार नौवीं बार विधायक बने हैं।
उनका राजनीतिक जीवन लगभग 36 साल का है। 1990 में उन्होंने पहली बार चुनाव जीता था। उनके पास वित्त, योजना एवं विकास और मद्य निषेध जैसे मंत्रालयों का कार्यभार रहा है।

