Site icon बोलते पन्ने

कैसा विकास : आंगनबाड़ी से लौट रही ढाई साल की बच्ची की गड्‍डे में गिरने से मौत

इस नाले के खुले चैंबर में गिरने से मासूम की मौत हो गई।

इस नाले के खुले चैंबर में गिरने से मासूम की मौत हो गई।

पटना | हमारे संवाददाता

बिहार की राजधानी पटना में खुले नाले में ढाई साल की मासूम के डूबने से मौत हो गई है। यह बच्ची आंगनबाड़ी केंद्र से पढ़कर अकेले ही अपने घर जा रही थी। रास्ते में पड़ने वाले खुले गड्‍डे में वह डूब गई। नाले के ऊपर तैरते बच्ची के बस्ते से उसकी पहचान की जा सकी। यह घटना निर्माण विभाग (PWD) की लापरवाही और आंगनबाड़ी से बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था की कमी को उजागर करती है। पीड़ित परिवार ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

यह घटना 19 फरवरी को पटना के नौबतपुर ब्लॉक में हुई। यहां के सरासत गांव के राकेश कुमार की बेटी रिया कुमारी आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने जाती थी। पिता राकेश कुमार ने बताया कि घटना के दिन बच्ची घर पर नहीं लौटी तो उसे ढूंढा गया। आंगनबाड़ी वर्कर ने कहा कि रोज की तरह बच्ची पढ़कर घर को चली गई थी। बताया जाता है कि आंगनबाड़ी सेंटर से बच्ची का घर मात्र सौ मीटर की दूरी पर है।

बच्ची की खोजबीन में लगे परिवार व गांव वालो को वह कहीं नहीं मिली, इसी दौरान गांव के खुले नाले के एक चेंबर में तैरता बस्ता एक व्यक्ति को नजर आया। उस बस्ते को नाले से निकालने के बाद गांव वालो ने मिलकर नाले का पानी बाहर निकाला, तब उन्हें बच्ची का शव नाले के अंदर डूबा मिला। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को हिलाकर रख दिया।

बच्ची की इस तरह हुई मौत ने उसके मां-पिता को अंदर से तोड़ दिया है। वे विलखते हुए कह रहे थे कि नाले में ढक्कन न लगा होेने से उनकी बेटी की मौत हुई है, ये सरकार की गलती है। परिवार की मांग है कि सरकार उन अफसरों पर ऐक्शन ले जिनकी लापरवाही से उनकी बेटी की जान गई है। साथ ही पिता ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

इस घटना को लेकर नौबतपुर के अंचलाधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि एक बच्ची की गुमशुदगी का शिकायत मिली,  बाद में पता चला की बच्ची की नाले में गिरकर मौत हुई है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए पटना एम्स भेज दिया गया है, इस मामले में परिवार को मुआवजा दिया जाएगा जिसका प्रोसेस शुरू किया जाएगा।

Exit mobile version