नई दिल्ली | व्हाइट हाउस कवर करने वाले पत्रकारों के सम्मान में आयोजित एक रात्रिभोज (Dinner) उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब एक अज्ञात हमलावर ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। यह कार्यक्रम हिल्टन होटल में 25 अप्रैल की रात में आयोजित हो रहा था।
इस हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को सीक्रेट सर्विस ने तुरंत सुरक्षा घेरे में लेकर हॉल से बाहर निकाला। भोज के लिए मौजूद सभी व्हाइट हाउस संवाददाता भी सुरक्षित हैं। ट्रंप ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
व्हाइट हाउस में हुई गोलीबारी के दौरान सीक्रेट सर्विस के कर्मी। (X/@JournoAshutosh)
प्रत्यक्षदर्शी बोले- “हमें लगा कांच के बर्तन टूटे हैं”
घटना के समय हॉल में मौजूद कई विदेशी पत्रकारों ने सोशल मीडिया (X) पर इस खौफनाक मंजर का विवरण साझा किया है। पत्रकारों के अनुसार,
“कार्यक्रम के दस मिनट के अंदर यह घटना हुई। हमें अचानक बहुत तेज आवाजें आईं, पहले लगा कि शायद कोई टेबल गिर गई है या कांच के बर्तन टूटे हैं। लेकिन अगले ही पल एक व्यक्ति हवा में अंधाधुंध गोलियां चलाने लगा।”
टेबल के नीचे छिपे राष्ट्रपति और पत्रकार
गोलीबारी के दौरान खुद को बचाने के लिए टेबिल के नीचे छुपने की कोशिश करते संवाददाता। (X/ JackPosobiec)
गोलीबारी शुरू होते ही सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रपति ट्रंप, उनके मंत्रियों और वहां मौजूद पत्रकारों को तुरंत ‘टेबल के नीचे’ झुकने और छुपने का निर्देश दिया गया। व्हाइट हाउस कवर करने वाले दर्जनों पत्रकार भी अपनी जान बचाने के लिए डिनर टेबल के नीचे छुप गए। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने राष्ट्रपति ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया, उपराष्ट्रपति वेंस आदि को मंच के पीछे के रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस ने गोलीबारी करने वाले को पकड़ लिया।
हमलावर गिरफ्तार, एक एजेंट को लगी गोली
सीक्रेट सर्विस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हमलावर को मौके पर ही दबोच लिया। हालांकि, इस मुठभेड़ में राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात एक सीक्रेट सर्विस एजेंट को गोली लगी है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमलावर की पहचान और उसके इरादों के बारे में फिलहाल जांच जारी है।
हमलावर के पकड़े जाने के बाद राष्ट्रपति दोबारा आए और संवाददाताओं को घटना की जानकारी दी।
“प्रेस की आजादी पर हमला”: ट्रंप का बयान
हालात काबू में आने के कुछ ही समय बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने साहस दिखाते हुए दोबारा पत्रकारों के सामने आकर संक्षिप्त बयान दिया। उन्होंने कहा,
“यह आयोजन प्रेस की स्वतंत्रता (Freedom of Press) का जश्न मनाने के लिए बुलाया गया था, लेकिन इस दुखद घटना ने हमें झकझोर दिया है। हम इस तरह की कायरतापूर्ण हरकतों के आगे नहीं झुकेंगे।”

