- डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी (34) न्यूयॉर्क के मेयर बनने वाले पहले दक्षिण भारतीय हैं।
नई दिल्ली |
अमेरिका में न्यूयॉर्क सिटी ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी (34) को अपने इतिहास का सबसे युवा मेयर चुन लिया है। सीबीएस के मुताबिक, जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क में सौ से भी अधिक वर्षों में चुने गए पहले मुसलमान और दक्षिण एशियाई मूल के मेयर होंगे। ममदानी ने जीत के बाद अपने पहले भाषण में जवाहर लाल नेहरू के ऐतिहासिक भाषण के हिस्से को शामिल किया है।
ममदानी की जीत का जश्न सिर्फ अमेरिका ही नहीं पूरी दुनिया विशेषकर दक्षिण एशिया मेें उदारवादी विचारधारा के लोग मना रहे हैं।
इस शानदार जीत के बाद उन्होंने अपने विजयी भाषण में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के 14 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि को दिए ऐतिहासिक भाषण जिसे ‘Tryst with Destiny’ (नियति से साक्षात्कार) नाम से जाना जाता है, को उद्धृत किया।
ज़ोहरान ममदानी ने कहा,
“एक ऐसा क्षण आता है, जो इतिहास में बहुत कम बार आता है, जब हम पुराने से नए की ओर कदम बढ़ाते हैं, जब एक युग समाप्त होता है, और जब एक राष्ट्र की आत्मा, जो लंबे समय से दबाई गई थी, अपनी अभिव्यक्ति पाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “आज रात न्यूयॉर्क ने भी पुराने से नए की ओर वह कदम बढ़ा दिया है, यह परिवर्तन का जनादेश है, भविष्य अब हमारे हाथों में है; हमने एक राजनीतिक वंश को गिरा दिया है।”
ममदानी ने हिन्दी में भाषण देकर किया था प्रचार
न्यूयॉर्क के मेयर का चुनाव काफी समय से चर्चा में था क्योंकि ज़ोहरान ममदानी अपने प्रचार के दौरान हिन्दी-उर्दू में भाषण दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और दक्षिणपंथी विचारधारा की राजनीति का जोरदार तरीके से विरोध किया था।
उनकी जीत के बाद उनके समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा है, सोशल मीडिया पर उनके बारे में लोग अपने विचार साझा कर रहे हैं।
मेयर पद के लिए मुख्य मुक़ाबला ज़ोहरान ममदानी और एंड्रयू कुओमो के बीच था। जोहरान ममदानी से डेमोक्रेट प्राइमरी के चुनाव में उनके करीबी प्रतिद्वंदी एंड्रयू कुओमो हार गए थे, जिसके बाद वे स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे थे।
ट्रंप ने कहा था- ममदानी को जिताया को फंडिंग रोक देंगे
डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क मेयर चुनाव को लेकर खास रूचि दिखाई थी जिसके बाद यहां का चुनाव सुर्खियां में था, उन्होंने यहां तक धमकी दे दी थी कि अगर ज़ोहरान ममदानी जीते तो वे न्यूयॉर्क की फंडिंग रोक देंगे। हालांकि परिणाम आने के बाद स्पष्ट हो गया है कि ट्रंप की धमकी को न्यूयॉर्क की जनता ने अनसुना कर दिया।

