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बिहार में तस्करी का नया तरीका: गोपालगंज में फेरे लेने के बाद दो दुल्हनें भागीं, दुल्हों से 5 लाख की ठगी  

एक ही मैरिज हॉल में हुईं दो फर्जी शादियों के दौरान फोटो भी खिंचे, विदाई हुई फिर रास्ते से दुल्हनें फरार हो गईं। (तस्वीर - गोपालगंज संवाददाता)

एक ही मैरिज हॉल में हुईं दो फर्जी शादियों के दौरान फोटो भी खिंचे, विदाई हुई फिर रास्ते से दुल्हनें फरार हो गईं। (तस्वीर - गोपालगंज संवाददाता)

  • बिहार के गोपालगंज में शादी के नाम पर 5 लाख की ठगी।
  • राजस्थान के दो युवकों की शादी कराई फिर पीटा, दुल्हनें भागीं।
  • सात फेरे लेकर दोनों शादी हुईं, फोटो भी खिंचवाए गए।
(note – इस खबर को वीडियो पर देखने के लिए इस लिंक पर जाएं)
गोपालगंज | आलोक कुमार
बिहार के गोपालगंज जिले में शादी कराने के नाम पर दूसरे राज्यों के युवकों से ठगी का रैकेट सक्रिय हो गया है।  हाल के दिनों में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं। बीती 23 फरवरी को  राजस्थान से आए दो युवकों से बिचौलियों ने शादी कराने के बहाने 5 लाख रुपये ऐठे और दुल्हनों को लेकर भी भाग गए। जबकि इससे पहले हिन्दू रीति रिवाज से पारंपरिक तरीके से शादी और सात फेरे कराए गए थे।
दोनों दुल्हनों के साथ बाकायदा फोटो भी खिंचे और जब दूल्हे अपनी दुल्हनों को वापस अपने घर ले जाने लगे तो रास्ते में उनके साथ मारपीट की गई और कथित लुटेरी दुल्हनें भी भाग गईं। इससे एक सप्ताह पहले राजस्थान के ही एक अधेड़ के साथ गोपालगंज की एक लड़की की शादी कराई गई, फिर लड़की ने उस व्यक्ति के साथ जाने से इनकार कर दिया। इन तीनों ही मामलों में शादी कराने के नाम पर युवकों से रुपये ऐठे गए थे। 
हाथों में लगी शादी की मेंहदी दिखाते पीड़ित दोनों युवक। दोनों ही गोपालगंज की लड़कियों को 'खरीदकर' शादी करने आए थे।

हाथों में लगी शादी की मेंहदी दिखाते पीड़ित दोनों युवक। दोनों ही गोपालगंज की लड़कियों को ‘खरीदकर’ शादी करने आए थे।

ये हालिया घटनाएं सिर्फ शादी में ठगी की कहानी नहीं है, बल्कि पितृसत्तात्मक समाज में महिलाओं को वस्तु (commodity) मानने की सोच से जुड़ी भी है। बिहार में गरीबी और सामाजिक असमानता के चलते लड़कियों की “खरीद-फरोख्त” का पुराना चलन अब संगठित गिरोहों के हाथों में जा चुका है।
दलाल लड़कियों को कुछ रुपयों के लालच में फंसाते हैं, उन्हें फर्जी शादी के लिए दुल्हन बनाते हैं, दूल्हों से भारी रकम वसूलते हैं और फिर मारपीट कर पैसा लूट लेते हैं। लड़कियां या तो मजबूरी में सहमति देती हैं या धोखे से शामिल होती हैं। शादी के बाद वे बार-बार इस्तेमाल की जाती हैं – एक लड़की कई “शादियों” में दुल्हन बन सकती है।
यह सेक्स ट्रैफिकिंग और फोर्स्ड मैरिज ट्रैफिकिंग का एक नया और खतरनाक रूप है, ये घटना सामने आने के बाद पुलिस ऐसे गिरोह की पहचान करने के लिए छानबीन कर रही है। इस घटना में रुपये लेने वाले बिचौलिये को दुल्हों ने ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। 
फर्जी शादी के जरिए ठगे गए दोनों युवक राजस्थान के रहने वाले हैं। अंकित कुमार जयपुर व प्रिंस कुमार सवाई माधोपुर जिले के निवासी हैं और दोनों ही शादी के इच्छुक थे। दोनों ने जिला पुलिस को बताया कि उनके पास रहने वाले दलाल ने बिहार में शादी कराने का झांसा दिया। आरोप है कि दलाल ने दोनों से 2-2 लाख रुपये नकद और शादी खर्च के नाम पर 50-50 हजार रुपये वसूल लिए।
23 फरवरी की सुबह वे दोनों युवक अपने परिवार के साथ बस से बिहार के गोपालगंज पहुंचे। बंजारी मोड़ से दलाल के सहयोगी ने उन्हें जादोपुर रोड के मैरेज हॉल में ले जाया। वहां पहले से लोग मौजूद थे। भोजन के बाद दो युवतियों को बुलाया गया, जिन्होंने शादी के लिए सहमति जताई। पारंपरिक रीति-रिवाज से शादी हुई और तस्वीरें भी खिंचवाई गईं।शादी के बाद दोनों युवक अपनी-अपनी दुल्हन के साथ आटो से बस स्टैंड के लिए रवाना हुए।
दुल्हो का कहना है कि बंजारी मोड़ के पास दो अपाची बाइक पर सवार चार युवकों ने आटो रोका। दूल्हों के साथ मारपीट की गई, सामान छीन लिया गया और दोनों दुल्हनें बाइक सवारों के साथ फरार हो गईं। दूल्हों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन दुल्हनें भी भाग गईं। तब दोनों पीड़ितों ने नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई और दलाल को पुलिस के हवाले किया।
इस मामले मेें थानाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि मामले की छानबीन जारी है। पीड़ितों ने लुटेरी दुल्हनों और मैरेज हॉल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। 
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