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बिहार पुलिस के घुड़सवार दस्ते की शान है कोमल, अब तक जीत चुकी 11 गोल्ड मेडल

अपने राइडर के साथ खड़ी मादा अश्व कोमल।

सासाराम | अविनाश कुमार श्रीवास्तव

अवरोधों को पार करके शान से दौड़ लगाती इस घोड़ी का नाम कोमल है जो बिहार की अश्वारोही विशेष सैन्य पुलिस का अहम हिस्सा है। ऑल इंडिया ओपन जंपिंग प्रतियोगिताओं में यह घोड़ी अब तक 11 बार गोल्ड मेडल जीत चुकी है। इस मादा अश्व ने राज्य की प्रतिष्ठित सच्चिदानंद अखौरी शूटिंग प्रतियोगिता में खूब चर्चा बटोरीं।

ये मौका था बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल की 23 यूनिटों की खेल प्रतियोगिताओं का, जो बीती 14 से 17 मार्च के बीच खेली गईं। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन स्थित विशेष सशस्त्र पुलिस बल की दूसरी बटालियन में हुआ।

इस प्रतियोगिता में मादा अश्व कोमल ने दर्शकों का दिल जीत लिया। ओपन जंपिंग में कोमल ने पहला स्थान पाया। थाई नस्ल की कोमल अब तक 1.55 मीटर की सबसे ऊंची छलांग लगा चुकी है और यह अपनी नस्ल की बिहार में इकलौती अश्व है।

प्रतियोगिता में कोमल के प्रदर्शन से बिहार के डीजीपी विनय कुमार भी बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने खड़े होकर तालियां बजाईं और राइडर मनोज कुमार की पीठ थपथपाकर उनका हौसला बढ़ाया।

बता दें कि अश्वारोही विशेष सशस्त्र पुलिस, बिहार पुलिस की एक विशिष्ट इकाई है, जो मुख्य रूप से भीड़ नियंत्रण, गश्त और औपचारिक परेड के लिए प्रशिक्षित घुड़सवार दस्ते का उपयोग करती है।

बात अश्वारोही टीम की घोड़ी कोमल की करें तो उसे आरा के ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण मिला है। मादा अश्व कोमल के राइडर मनोज कुमार सिंह का कहना है कि साल 2005 से वह कोमल के साथ ऑल इंडिया चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं। अब तक कोमल ने 11 गोल्ड, चार सिल्वर व 4 ब्राउन्ज मेडल जिताए हैं।

वे कहते हैं कि कोमल काफी वफादार है, आज तक इसने कभी राइडर को धोखा नहीं दिया है। साल 2000 से वह कोमल के साथ घुड़सवारी की ट्रेनिंग कर रहे हैं।

 

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