सासाराम | अविनाश कुमार श्रीवास्तव
झारखंड की सीमा से लगते बिहार के रोहतास जिले में दो सप्ताह से एक हाथी के उत्पात से ग्रामीण परेशान हैं। झुंड से बिछड़ गए हाथी के हमले से कई झोपड़ियां उजड़ गई हैं, कुछ मवेशियों की हमले में मौत हो गई जबकि कई दर्जन मवेशी घायल हैं।
भयभीत किसानों को जागकर रात गुजारनी पड़ रही है। दूसरी ओर, वन विभाग कह रहा है कि वह हाथी को दोबारा झारखंड की ओर भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर चुका है।
हाथी के उत्पात की हालिया घटनाएं रोहतास जिले के तिलौथू व अमझोर के पास देखी गई हैं। जहां सोन नदी के बीचों-बीच स्थित बालू के ऊंचे टीलों पर बसी कई झाड़ियों को हाथी ने उजाड़ दिया।
किसानों की मांग है कि हाथी को बेहोश करके वन विभाग सुरक्षित स्थान पर ले जाए क्योंकि गेहूं की फसल पक जाने के चलते वे मशाल या पटाखे जलाकर हाथी को नहीं भगा सकते, इससे फसल जल सकती है।
दूसरी ओर, DFO पहले कह चुके हैं कि क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए हाथी को बेहोश करना जोखिम भरा हो सकता है।
उसे हटाने के लिए वन विभाग के सात पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से आई विशेष टीम लगातार अभियान चला रही है।
हाथी इन टीलों पर बसी झोपड़ियों को उजाड़ रहे हैं। पीड़ित किसानों का कहना है कि जंगली इलाके से भटककर हाथी दो दिन पहले यहां पहुंचा है।
एक सप्ताह पहले यही हाथी नौहट्टा के जंगलों में कैमूर पहाड़ी के आसपास उत्पात मचा रहा था। अब यह हाथी आगे बढ़कर तिलौथू की तरफ आ गया है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने वन विभाग को सूचना भेजी है पर कोई मदद को नहीं पहुंचा और स्थानीय व्हाट्सऐप ग्रुपों में यह मैसेज भेजा जा रहा है कि “हाथी झारखंड भेज दिया गया है।”
दूसरी ओर, संवाददाता ने इस बारे में पूछने के लिए रोहतास के DFO स्टालिन फिडल कुमार से संपर्क साधना चाहा पर बात नहीं हो सकी।

