नई दिल्ली | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में कहा कि ‘शायद ममता बनर्जी मुझसे नाराज़ हैं।’ पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ़्रेंस में राष्ट्रपति मुर्मु ने ऐसा कहा। वे इस आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची थीं।
उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जतायी कि उनके राज्य आगमन पर उन्हें रिसीव करने मुख्यमंत्री या राज्य के अन्य प्रमुख प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। साथ ही उन्होंने आयोजन स्थल के चुनाव को लेकर भी राज्य प्रशासन पर सवाल करते हुए कहा कि अगर यह उनके बताए स्थान पर रखा जाता तो बड़ी संख्या में आदिवासी पहुंच पाते।
“प्रशासन को लगा कोई नहीं आएगा..राष्ट्रपति बस लौट जाएंगी”
राष्ट्रपति मुर्मु दार्जलिंग जिले के गोशाईपुर में हुई अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ़्रेंस में पहुंचीं, फिर सिलीगुड़ी उपमंडल के बिधान नगर गईं जहां उन्होंने यह बयान दिया। यह पहली बार है जब राष्ट्रपति मुर्मु की ओर से किसी भी राज्य सरकार को लेकर नाराजगी जतायी गई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिधान नगर में कहा,
“आज अंतरराष्ट्रीय संथाल परिषद का सम्मेलन था, जब मैं इसे (गोशाईपुर में) अटेंड करके यहां आई तो मुझे लगा कि अगर यह सम्मेलन यहां होता तो बेहतर होता क्योंकि यह इलाक़ा बहुत बड़ा है। मुझे समझ नहीं आया कि प्रशासन ने क्या सोचकर ऐसा किया। उन्होंने मुझसे कहा कि वह छोटी जगह है, लेकिन मुझे लगता है यहां आसानी से पांच लाख लोग इकट्ठा हो सकते थे। मुझे बहुत दुख है कि यहां के लोग सम्मेलन तक नहीं पहुंच पाए क्योंकि यह बहुत दूर रखा गया था। शायद प्रशासन को लगा कि कोई नहीं आएगा और राष्ट्रपति बस लौट जाएंगी।
राष्ट्रपति बोलीं- सीएम ममता मिलने नहीं आईं
इतना ही नहीं, राष्ट्रपति मुर्मु ने यह भी कहा कि “अगर राष्ट्रपति कहीं जाती हैं तो मुख्यमंत्री और मंत्री को भी आना चाहिए लेकिन वह नहीं आईं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं, ममता दीदी भी मेरी बहन हैं, छोटी बहन। पता नहीं, शायद वह मुझसे नाराज़ हैं।”

