होर्मुज़ स्ट्रेट : सुरक्षा के लिए जहाज भेजने की ट्रंप की अपील जापान-ऑस्ट्रेलिया ने ठुकराई
Bolte Panne Staff
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को ईरान ने बंद कर रखा है जिससे तेल के दाम बढ़ रहे हैं और ट्रंप के ऊपर दवाब पड़ रहा है।
नई दिल्ली| वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के 20% तेल के यातायात का अहम रास्ता होर्मुज स्ट्रेट, जंग के 17 दिन बाद भी नहीं खुला है।
इस संकरे समुद्री रास्ते में जहाजों को सुरक्षा देने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, फ़्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन से युद्धपोत भेजने की अपील की है।
पर अब तक किसी भी देश ने मदद का हाथ नहीं बढ़ाया है। बल्कि अमेरिका के दो करीबी सहयोगी जापान और ऑस्ट्रेलिया ने सीधे शब्दों में मना कर दिया है।
वैश्विक तेल संकट के बीच ट्रंप प्रशासन का भारतीय कंपनी के साथ यह सौदा अहम है।
अलजजीरा के मुताबिक, जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने संसद में कहा कि नौसैनिक जहाजों को भेजने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है।”
वहीं, ऑस्ट्रेलिया के परिवहन मंत्री कैथरीन किंग ने कहा है कि वह स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए जहाज नहीं भेजेंगे।
दूसरी ओर, चीन ने अपने बयान में जारी संघर्ष पर चिंता जतायी है लेकिन स्ट्रेट में जहाज भेजने का कोई जिक्र नहीं किया। जबकि ट्रंप धमकी दे चुके हैं कि मदद न करने पर वे चीनी राष्ट्रपति के साथ प्रस्तावित शिखर सम्मेलन को टाल सकते हैं।
उधर, दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि वे अमेरिका की इस अपील की समीक्षा कर रहे हैं।
और ब्रिटेन के ऊर्जा मंत्री एड मिलिबैंड ने बिना डिटेल दिए कहा है कि हम होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए कई तरह से योगदान दे सकते हैं और इन विकल्पों पर विचार विमर्श चल रहा है।
इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इन देशों के मदद करने या न करने, दोनों ही स्थितियों में वह इसे ‘याद रखेंगे’।