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उत्तरकाशी : स्वतंत्र पत्रकार ने क्या कवरेज की थी.. जिसके बाद बैराज में मिला शव

14 सितंबर को राजीव ने जिला अस्पताल के हालात पर रिपोर्ट की थी। (साभार: दिल्ली-उत्तराखंड लाइव फेसबुक पेज)

14 सितंबर को राजीव ने जिला अस्पताल के हालात पर रिपोर्ट की थी। (साभार: दिल्ली-उत्तराखंड लाइव फेसबुक पेज)

उत्तरकाशी |

जिले के स्वतंत्र पत्रकार राजीव प्रताप का शव रविवार को जिले के जोशियाड़ा बैराज (Joshiyara hydroelectric barrage) में मिला जो दस दिन से लापता थे। पत्रकार की संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने के बाद राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। पत्रकार के शव का सोमवार को अंतिम संस्कार हुआ।

28 सितंबर को राज्य सरकार ने राजीव की मौत के मामले में जांच के आदेश दिए (screen grab – @ukcmo)

गौरतलब है कि जिला अस्पताल को ‘मदिरालय’ बताते हुए राजीव ने ग्राउंड रिपोर्ट की थी। अगले दिन वे लापता हो गए थे। राजीव जिले के एक स्वतंत्र पत्रकार थे जो यूट्यूब व फेसबुक पर ‘दिल्ली-उत्तराखंड लाइव’ नामक चैनल चलाकर लोकल मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते थे।

30 सितंबर को राजीव के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी, सीने व पेट में अंदरुनी चोटों से मौत की पुष्टि हुई। विस्तार में खबर इस लिंक पर पढ़ें।
14 sep : ग्राउंड रिपोर्ट में जिला अस्पताल को ‘मदिरालय’ कहा  
राजीव ने उत्तरकाशी जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर की छत पर खड़े होकर वहां बड़ी शराब की बोतलें दिखाते हुए रिपोर्ट की थी। रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने सवाल किया था कि यह अस्पताल है या मदिरालय? वीडियो के ऊपर चल रही पट्टी में भी लिखा हुआ है ‘अस्पताल या मदिरालय’।
खबर में अस्पताल में पड़ी गंदगी और सीढ़ियों पर घूमते कुत्ते को दिखाया था। सात मिनट के इस वीडियो में एक मरीज से भी बात करवाई गई थी, हालांकि अस्पताल प्रशासन का पक्ष इसमें नहीं दिखाया गया।
18 sep : खबर का असर कवर किया, सफाई का आदेश 
‘दिल्ली-उत्तराखंड लाइव’ नाम के अपने फेसबुक पेज पर राजीव ने ट्रामा सेंटर के सुधरे हालात का वीडियो डाला। इसमें कहा कि उनकी खबर को संज्ञान में लेते हुए सफाई कराने के आदेश हुए हैं।

18 सितंबर को खबर के असर पर अस्पताल से लाइव किया था।

 

‘दिल्ली-उत्तराखंड लाइव’ के फेसबुक पोस्ट में लिखा- “जिलाधिकारी प्रशांतकुमारआर्य और गंगोत्री विधायक सुरेशचौहान ने जनता की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए जिला अस्पताल की साफ़-सफ़ाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का तत्काल आदेश दिया है।”
19 sep : दोस्त की कार लेकर गए, कार मिली राजीव लापता

राजीव की पत्नी का कहना है कि बीते 18 सितंबर की रात पति राजीव प्रताप अपने एक दोस्त सोबन सिंह की कार लेकर ज्ञानसू से गंगोरी के लिए रवाना हुए। अगले दिन सुबह तक जब राजीव नहीं लौटे तो उनके दोस्त ने इसकी जानकारी पुलिस को देकर इसकी खोजबीन शुरू की।

19 सितंबर को स्यूणा गांव के समीप सोबन सिंह की कार भागीरथी नदी के बीच में मिली, पर राजीव का कोई पता नहीं लगा। इस पर परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की तहरीर नगर कोतवाली में दर्ज करवाई।

उत्तरकाशी पुलिस ने राजीव के लापता होने पर सार्वजनिक सूचना जारी की थी ( Screen grab – @uttarkashipol)

जिला पुलिस ने लापता राजीव के लिए इश्तिहार निकाला था।

 

पत्नी बोली- वीडियो डिलीट करने की धमकी से परेशान थे

राजीव की पत्नी सोनम का कहना है कि “उनके पति की मौत अचानक कार के नदी में गिरने से नहीं हुई, उन्हें किसी ने अगवा करके मारा है।” उन्होंने बताया कि “18 सितंबर को रात 11 बजे उनकी पति से फोन पर बात हुई थी, तब उन्होंने कहा कि वे कुछ परेशान हैं क्योंकि उन्हें बार-बार फोन आ रहे हैं और धमकाया जा रहा है कि वीडियो डिलीट नहीं हुआ तो जान से मार डालेंगे”।

सोनम के मुताबिक, रात 11:50 पर भेजा उनका वीडियो अनडिलीवर्ड ही रहा और उसके बाद से उनका कोई पता नहीं लगा।

 

10वें दिन जोशियाड़ा बैराज से मिला शव

खोज-बचाव अभियान चला रही संयुक्त टीम को राजीव का शव रविवार को जोशियाड़ा हाईड्रोइलेक्ट्रिक बैराज में मिला। शव को बैराज से बाहर निकालकर पुलिस को सौंपा।

28 सितंबर को बैराज से मिली पत्रकार की बॉडी (तस्वीर – सुरेन्द्र लेलोटा देवजानी, काशीपुर)

पुलिस ने शव का पंचनामा भर शिनाख्त व पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां पर मृतक के परिजनों ने शव की पहचान की।

इस दौरान राजीव की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। वे मान रही थीं कि राजीव को किसी ने धमकाने के लिए अगवा कर लिया है, पर उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके पति की मौत हो चुकी होगी।

 

मौत से ठीक पहले का CCTV मिला

एसपी सरिता डोभाल ने स्थानीय मीडिया को बताया है कि घटना से कुछ मिनट पहले का एक CCTV फुटेज मिला है, जिसमें वह कार में अकेले दिखाई दे रहे हैं।
“परिवार ने मौत की वजह को लेकर आरोप लगाए हैं, मौत के कारणों की पुष्टि के लिए हम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया राजीव की कार एक खड्ड में गिरने के बाद फिर नदी में गिरी, जो घटना के समय उफान पर थी।” – SP, उत्तरकाशी
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(उत्तरकाशी से सुरेन्द्र लेलोटा देवजानी के इनपुट के साथ)
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