Connect with us

दुनिया गोल

अमेरिका में ट्रंप की ICE के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरे लोग, जानिए क्या है पूरा मामला

Published

on

मिनियापोलिस शहर में ICE एजेंट की हत्या के बाद सड़कों पर उतरे आम लोग।
मिनियापोलिस शहर में ICE एजेंट के गोली मारकर आम अमेरिकी को मार देने के बाद सड़कों पर उतरे लोग, यहां इस समय तापमान 10 सेल्सियस है।
  • मिनियापोलिस शहर में संघीय एजेंटों ने एक महीने में दूसरे अमेरिकी नागरिक को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
नई दिल्ली |
अमेरिका में एक बार फिर आव्रजन पुलिस बल ICE (U.S. Immigration and Customs Enforcement) के खिलाफ भारी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए हैं क्योंकि आईसीई एजेंट ने एक मेडिकल पेशेवर को गोली मारकर 24 जनवरी को उसकी हत्या कर दी। यह घटना अमेरिकी राज्य मिनेसोटा के सबसे बड़े शहर मिनियापोलिस में हुई, मरने वाले व्यक्ति का नाम एलेक्स प्रेटी है जो पेशे से नर्स हैं। इस घटना के बाद इस शहर में भारी विरोध हो रहा है जबकि यहां का तापमान 10 सेल्सियस है। 
गौरतलब है कि इसी महीने ICE ने मिनियापोलिस में ही रेनी गुड नाम की एक महिला को कार न रोकने के चलते गोली मार दी थी। उस मौत के बाद भी आम लोग सड़कों पर उतर आए थे और संघीय बल ICE की तैनाती के खिलाफ जमकर विरोध हुआ था। पर इस संघीय बल की कार्यप्रणाली में कोई अंतर नहीं आया और इसके परिणाम स्वरूप एक और अमेरिकी की मौत हो गई है। 

ICE ने आवासीय इलाके में गोलियां चलाईं, मौके पर मौत

प्रेटी के खिलाफ गोलीबारी की घटना एक आवासीय इलाके में हुई, जहां ICE एजेंट्स किसी ऑपरेशन के दौरान पहुंचे थे। समाचार एजेंसी रॉयर्ट्स ने इस घटना के एक वीडियो के हवाले से बताया है कि 37 वर्षीय एलेक्स प्रेटी के हाथ में एक फोन दिख रहा है, जिससे वह ICE की गतिविधि को फिल्मा रहा है क्योंकि ये एजेंट अन्य प्रदर्शनकारियों को जमीन पर धकेल रहे हैं, इस दौरान वह इन प्रदर्शनकारियों की मदद भी करते दिखते हैं। इसी दौरान एक संघीय एजेंट उन्हें जमीन पर गिरा लेता है, कुछ और एजेंट्स उन्हें पकड़ लेते हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, इसके कुछ ही क्षण बाद एक अधिकारी प्रेटी की पीठ की ओर निशाना साधे हुए दिखता है और तेजी से लगातार चार गोलियां चलाता है, इसके बाद कुछ और गोलियों की आवाज सुनाई देती है, और फुटेज में एक दूसरा एजेंट भी प्रेटी पर गोली चलाता हुआ लगता है।

गृह सुरक्षा मंत्रालय ने ICE का बचाव किया

गृह सुरक्षा मंत्रालय ने इस घटना को एजेंटों पर हमले के जवाब में की गई कार्रवाई बताया। गृह सुरक्षा मंत्री क्रिस्टी नोएम ने पत्रकारों से कहा कि शनिवार को मारा गया व्यक्ति इमिग्रेशन छापे के दौरान एजेंटों पर हमला कर रहा था। संघीय अधिकारियों ने उस बंदूक की तस्वीर भी साझा की, जिसके बारे में उनका कहना है कि प्रेटी उसे गोलीबारी के वक्त साथ लेकर चल रहा था।
गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक,
“एक बॉर्डर पैट्रोल एजेंट ने आत्मरक्षा में गोली चलाई क्योंकि एक व्यक्ति हैंडगन लेकर करीब आया और उसे निहत्था करने की कोशिशों का हिंसक तरीके से विरोध किया।”

नर्स संगठन ने घटना को जघन्य हत्या कहा

एलेक्स प्रेटी पेशे से आईसीयू नर्स थे, उनकी मौत के बाद नर्सों से जुड़ी सबसे बड़ी संस्था नेशनल नर्सेज़ यूनाइटेड ने बयान जारी करके इसे जघन्य हत्या बताया है। संगठन ने कहा है कि

“एलेक्स अपने समुदाय को बचाने की कोशिश कर रहा था, तभी उसकी हत्या कर दी गई। अब वक्त आ चुका है कि ICE को खत्म कर दिया जाए।”

साभार X

साभार X

देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू 

रॉयटर्स के मुताबिक, घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से फैलते ही सैकड़ों प्रदर्शनकारी उस इलाके में पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने  हथियारबंद व नकाबपोश एजेंटों की आक्रामकता का सामना किया। केंद्रीय एजेंटों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और फ्लैश बैंग ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इस घटना के विरोध में न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डीसी और सैन फ्रांसिस्को सहित अन्य शहरों में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

गर्वनर बोले- जांच हम कराएंगे, संघीय सरकार पर भरोसा नहीं

मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने एक बार फिर से केंद्र सरकार से कहा है कि ICE को हटाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो बताता है कि यह कितना घिनौना कृत्य है। उन्होंने कहा कि हम संघीय सरकार पर इस जांच का नेतृत्व करने के लिए भरोसा नहीं कर सकते। इस घटना की जांच राज्य संभालेगा।

हालांकि DW के मुताबिक, मिनेसोटा ब्यूरो ऑफ क्रिमिनल एप्रीहेंशन के प्रमुख ड्रू इवांस ने पत्रकारों को बताया कि संघीय एजेंटों ने शनिवार को उनकी टीम को जांच शुरू करने से रोक दिया।

रेनी गुड की हत्या मामले की जांच भी लटकी

जनवरी के पहले सप्ताह में हुई रेनी गुड नाम की महिला की हत्या के मामले में भी जांच को लेकर राज्य सरकार सवाल उठा रही है। फेडरल एजेंट्स ने चलती गाड़ी न रोकने को लेकर रेनी के ऊपर गोलियां चला दी थी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद प्रदर्शन हुए तो दवाब में आकर संघीय सरकार ने जांच कराने के आदेश दे दिए मगर इस जांच में राज्य सरकार को शामिल नहीं किया। इसके बाद लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या इस मामलेे में ट्रंप प्रशासन उस ICE को दोषी ठहरा पाएगा जिसका बचाव वह लगातार करता आ रहा है?


क्या है ICE, इनकी शक्तियां ?

आईसीई का पूरा नाम ‘आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी’ है। इस एजेंसी में काम करने वाले एजेंट्स, अमेरिका के संघीय कानून प्रवर्तन अधिकारी (Federal Law Enforcement Officers) हैं। ये होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के तहत आते हैं। इनका काम देश में अवैध रूप से रहने वाले विदेशियों की पहचान करने, उन्हें हिरासत में लेने और निर्वासित (deport) करना है। ट्रंप के दूसरे शासनकाल में इनकी शक्तियों और भूमिका में इजाफा हुआ है क्योंकि संघीय सरकार के लिए अवैध प्रवासन एक राजनीतिक मुद्दा है, जिसके बल पर वह दोबारा सत्ता में आई। इनके पास शक के आधार पर किसी को हिरासत में लेने का अधिकार है।

शक के आधार पर आम अमेरिकी भी प्रताड़ित

प्रोपब्लिका नामक सामाजिक संगठन के मुताबिक, पिछले साल अक्तूबर तक 170 ऐसे मामले सामने आए जब ICE एजेंटों ने आम अमेरिकी नागरिकों को अवैध प्रवासी होने के शक में हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

दुनिया गोल

ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर भीषण हमला, जवाबी ऐक्शन में इजरायल के ईंधन विमान गिराए

Published

on

नतांज परमाणु केंद्र (तस्वीर - X)
नई दिल्ली | ईरान के सबसे महत्वपूर्ण परमाणु संवर्धन केंद्र – नतांज (Natanz) पर एक बार फिर भीषण हमला किया है। ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका-इज़रायल ने संयुक्त रूप से ये हमला किया है।
इसके जवाब में ईरान ने इज़रायल पर मिसाइल हमला करके उसके ईंधन विमानों को निशाना बनाया है। साथ ही, सऊदी अरब, यूएई में भी जोरदार ड्रोन हमले किए हैं। यूएई में हमलों के बाद दो सैनिक व छह विदेशी नागरिकों की मौत हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने 22वें दिन युद्ध को और भीषण बना दिया है। 
 

बंकर ध्वस्त करने वाले बम से परमाणु केंद्र पर हमला

इससे पहले, ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने बयान जारी कर कहा कि नतांज में स्थित शहीद अहमदी रोशन संवर्धन सुविधा पर शनिवार सुबह हमला किया गया। तेहरान से 220 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित यह सुविधा ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का केंद्र है। ईरान ने कहा कि इस हमले में आधुनिक ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल हुआ, जो भूमिगत संरचनाओं को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किए जाते हैं।

12 दिनों के युद्ध में भी बना था निशाना 

एक सप्ताह पहले भी नतांज पर हमला हुआ था। साथ ही, पिछले साल जून में इजरायल-ईरान के 12 दिनों के युद्ध में भी इस परमाणु केंद्र को निशाना बनाया गया था।  बाद में अमेरिका ने भी हमला किया। 

रेडियोधर्मी रिसाव का खतरा टला

राहत की बात यह है कि ईरानी तकनीकी टीम और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने पुष्टि की है कि हमले के बाद क्षेत्र में कोई रेडियोधर्मी रिसाव (radioactive leakage) नहीं हुआ है। आसपास की नागरिक आबादी सुरक्षित बताई जा रही है।

IAEA की चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने तत्काल बयान जारी कर कहा कि “परमाणु सुविधाओं को युद्ध का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। ऐसे हमले किसी बड़ी परमाणु आपदा का कारण बन सकते हैं, जिसका असर पूरे क्षेत्र और वैश्विक स्तर पर हो सकता है।”

ईरान ने इजराइल के सैन्य हवाई अड्‍डे को निशाना बनाया

ईरान ने दावा किया है कि उसने ड्रोन हमलों के जरिए इजरायल की सैन्य उड़ानों को प्रभावित किया है। तेहरान के अनुसार, तेल अवीव के पास बेन गुरियन एयरपोर्ट पर ईंधन टैंक और रिफ्यूलिंग विमानों को निशाना बनाया गया।

ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उनके हमलों के कारण इजरायल को कुछ सैन्य कर्मियों को हटाना पड़ा। ईरान ने साफ कहा है कि जब तक खतरा खत्म नहीं होगा, हमले जारी रहेंगे।

बता दें कि बेन गुरियन एयरपोर्ट, इजरायल के लिए बेहद अहम है, जहां सेना की विशेष यूनिट्स और लड़ाकू विमानों की मरम्मत सुविधाएं मौजूद हैं।

यूएई में दो सैनिक और 6 नागरिक मरे

संयुक्त अरब अमीरात ने शनिवार को ईरान की ओर से छोड़ी गई 3 बैलिस्टिक मिसाइलों और 8 ड्रोन को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार अब तक सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोका जा चुका है।

इन हमलों में 2 सैनिकों की मौत हुई है। साथ ही, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और फिलिस्तीन के कुल 6 नागरिकों की भी जान गई है। करीब 160 लोग घायल बताए गए हैं।

सऊदी अरब पर 20 ड्रोन हमले

ईरान ने सऊदी अरब पर ड्रोन बरसाए हैं। सऊदी ने कहा है कि ईरान की ओर से उसके तेल क्षेत्र पर कुछ घंटों में 20 ड्रोन का हमला हुआ जो उसने मार गिराए हैं। 
Continue Reading

दुनिया गोल

ईरान का सबसे लंबा मिसाइल हमला: 3500 किमी दूर हिंद महासागर में US बेस डिएगो गार्सिया को बनाया निशाना

Published

on

अमेरिकी सैन्य अड्‍डे डिएगो गार्सिया में खड़े एयरक्राफ्ट
नई दिल्ली | ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला करके दुनिया को चौंका दिया है। 
ईरान ने 3500 किलोमीटर दूर हिंद महासागर में अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य हवाई अड्‍डे डिएगो गार्सिया (US Base Diego Garcia) पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी है।
By <a rel="nofollow" class="external text" href="https://www.flickr.com/photos/68686051@N00">Steve Swayne</a> from Maleny, Australia - <a rel="nofollow" class="external text" href="https://www.flickr.com/photos/maleny_steve/2844420985/">Diego Garcia Satellite Photo</a>, <a href="https://creativecommons.org/licenses/by-sa/2.0" title="Creative Commons Attribution-Share Alike 2.0">CC BY-SA 2.0</a>, <a href="https://commons.wikimedia.org/w/index.php?curid=14374053">Link</a>

अंतरिक्ष से लिया गया डिएगो गार्सिया का दृश्य (साभार विकीमीडिया)

यह अमेरिकी बेस ईरान पर हमलों में इस्तेमाल होने वाले विमानों का मुख्य ठिकाना रहा है।
इस हमले के बाद यह युद्ध खाड़ी से निकलकर हिन्द महासागर में फैल सकता है जो भारत के लिए बड़ी चिंता बन सकता है। भारत का 80% ऊर्जा आयात हिंद महासागर से ही होता है। 
अभी तक अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियां मानती थीं कि ईरान की सबसे एडवांस बैलिस्टिक मिसाइलों (जैसे खैबर-शिकन, सज्जील-2) की अधिकतम रेंज 2000 से 2500 किलोमीटर के बीच है।
लेकिन डिएगो गार्सिया पर हमला बताता है कि ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता को कितना विकसित कर लिया है।
 इससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों (खासकर ब्रिटेन) के लिए खतरा बढ़ गया है।
ईरान से डिएगो गार्सिया तक हवाई दूरी लगभग 3400-3500 किमी है। ईरानी मीडिया ने इसे “हाइपरसोनिक” या “नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल” बताया है, लेकिन कोई स्पष्ट नाम नहीं दिया गया।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया, लेकिन हमले से ईरान की तकनीकी प्रगति का संकेत मिलता है।

डिएगो गार्सिया नामक अमेरिकी बेस, ब्रिटेन सरकार द्वारा संचालित ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित सैन्य अड्डा है। यहां B-2 स्टील्थ बॉम्बर, P-8 पोसाइडन निगरानी विमान और कई नौसैनिक जहाज तैनात हैं।
ईरान का यह हमला ब्रिटेन के क्षेत्र में हुआ है, अब देखना होगा कि ब्रिटेन इसको लेकर क्या प्रतिक्रिया देता है। बता दें कि ईरानी विदेश मंत्री ने हाल में ब्रिटेन को चेताया था कि अगर वह अपने क्षेत्र से अमेरिकी विमानों को उड़ने देगा तो उसे युद्ध में शामिल माना जाएगा।
Continue Reading

दुनिया गोल

तेल छूट पर ईरान का तीखा जवाब – ‘बैन हटाकर अमेरिका बाजार को भरमा रहा’

Published

on

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
नई दिल्ली | ईरान के तेल पर अमेरिकी प्रतिबंध को अस्थायी तौर पर हटाए जाने की घोषणा के बाद ईरान ने इसे बाजार को भरमाने वाला कदम बताया है। 
ईरानी प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “वर्तमान में ईरान के पास कोई अतिरिक्त कच्चा तेल नहीं है जो समुद्र में लदा हो और उसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जा सके।”

ईरान के तेल मंत्रालय के प्रवक्ता का ट्वीट

जबकि अमेरिका ने दावा किया था कि समुद्र में मौजूद ईरानी तेल से अस्थायी तौर पर बैन हटाने से 14 करोड़ बैरल तेल बाजारों को मिल सकता है। 
ईरान की ओर से इस पर स्पष्ट जवाब दिया गया है जिसमें उसने अमेरिकी छूट को कोरा आश्वासन करार दिया है।
गौरतलब है कि ईरान लंबे समय से अमेरिका की ओर से लगे प्रतिबंधों को हटाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन अब इसके हटाए जाने पर उसने ऐसी कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी है, जिसने ट्रंप प्रशासन को फिर सवालों के घेरे में ला दिया है।
 
ईरानी तेल मंत्रालय के प्रवक्ता समान घोदौसी ने एक्स पर लिखा है कि
“वर्तमान में ईरान के पास अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए अतिरिक्त कच्चा तेल नहीं है इसलिए अमेरिकी वित्त मंत्री का बयान सिर्फ खरीदारों को आश्वासन देने और बाजार में घबराहट कम करने का तरीका है।”
ईरान के तेल मंत्रालय ने अमेरिका की हालिया छूट (waiver) को “बाजार को मनोवैज्ञानिक रूप से नियंत्रित करने का प्रयास” बताया है।
Continue Reading
Advertisement

Categories

Trending