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बड़ी राहत : राष्ट्रपति ट्रंप के लगाए Global Tariff को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ फैसला देकर पूरी दुनिया के लिए राहत पहुंचाई है। (तस्वीर - प्रतीकात्मक)
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ फैसला देकर पूरी दुनिया के लिए राहत पहुंचाई है। (तस्वीर - प्रतीकात्मक)
  • अप्रैल-25 में ट्रंप ने दुनिया के कई देशों पर टैरिफ की घोषणा की थी।
  • अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
  • सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को अवैध बताया, कहा- यह आपातकालीन शक्ति नहीं।

नई दिल्ली |

भारत समेत दुनिया के कई दर्जन देशों के ऊपर बड़े-बड़े टैरिफ लगा रहे राष्ट्रपति ट्रंप को एक बड़ा झटका लगा है जो दुनेियाभर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए राहत की खबर लाया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (20 feb) को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए टैरिफ लगाने से जुड़ी नीति को असंवैधानिक करार दे दिया है।

सर्वोच्च अदालत ने साफ कहा कि International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) अमेरिकी राष्ट्रपति को इस तरह से टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं देता। बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप इस आपातकालीन शक्ति का इस्तेमाल टैरिफ लगाने के लिए करते आ रहे हैं। फिलहाल दुनिया की नजरें ट्रंप के अगले कदम पर लगी हैं।

इस फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फैसले की कड़ी आलोचना की है और जजों को ‘बेवकूफ’ तक कह डाला। उन्होंने कहा कि यह फैसला अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।

बता दें कि पिछले साल अप्रैल में ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए दुनिया के कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ यानी आयात शुल्क लगा दिए थे। टैरिफ का मतलब होता है कि किसी देश से आने वाले सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया जाए, ताकि वह महंगा हो जाए और घरेलू कंपनियों को फायदा मिले।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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पाक ने US-ईरान को भेजा नया शांति प्रस्ताव: ’45 दिनों का संघर्ष विराम और फिर युद्ध का स्थायी अंत’

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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली | अमेरिका और ईरान एक नए शांति समझौते के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं जिसमें  45 दिनों के लिए संघर्ष विराम और फिर युद्ध के स्थायी अंत की शर्तें हैं। यह प्रस्ताव पाकिस्तान की ओर से भेजा गया है। अगर यह पास होता है कि संघर्ष विराम के साथ ही होर्मुज स्ट्रेट खोल दिया जाएगा।

होर्मुज स्ट्रेट

अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस (Axios) ने यह खबर इस मामले की जानकारी रखने वाले चार अधिकारियों के हवाले से दी है जो अमेरिका, इज़राय व मध्यस्थता करा रहे क्षेत्रीय देशों से जुड़े हैं।  उधर रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान को पाक से प्रस्ताव मिला है लेकिन वह अस्थायी संघर्ष विराम के बदले होर्मुज़ नहीं खोंलेगे।

दो चरणों वाले समझौते पर चर्चा जारी

  • पहला चरण: 45 दिनों का संभावित संघर्षविराम, जिसके दौरान युद्ध के स्थायी अंत पर बातचीत की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है।

  • दूसरा चरण: युद्ध समाप्त करने पर अंतिम समझौता।

ट्रंप ने होर्मुज़ खोलने की डेडलाइन तीसरी बार बढ़ाई

ट्रंप ने पोस्ट के जरिए ईरान को चेतावनी दी है, जिसकी भाषा की काफी आलोचना हो रही है।

ट्रंप ने पोस्ट के जरिए ईरान को चेतावनी दी है, जिसकी भाषा की काफी आलोचना हो रही है।

उधर राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ खोलने की डेडलाइन को तीसरी बार बढ़ाकर मंगलवार की शाम आठ बजे तक कर दिया है। ट्रंप की चेतावनी है कि “अगर होर्मुज़ नहीं खोला गया तो वे ईरान में सब कुछ तहस-नहस कर देंगे।”

इस बारे में राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को ‘एक्सियोस’ (Axios) से कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ ‘गहन बातचीत’ कर रहा है और मंगलवार को समय सीमा समाप्त होने से पहले समझौता हो सकता है।

‘पाक से मिला संघर्ष विराम का समझौता’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई मौकों पर पाक के सेना प्रमुख फील्‍ड मार्शल असीम मुनीर की तारीफ कर चुके हैं।

उधर, एक ईरानी शीर्ष अधिकारी के हवाले से रॉयटर्स ने पुष्टि की है कि ईरान को पाकिस्तान का संघर्ष विराम से जुड़ा एक प्रस्ताव मिला है, जिसकी वह समीक्षा कर रहा है।

साथ ही अधिकारी के हवासे से रॉयटर्स ने यह भी रिपोर्ट किया है कि ‘ईरान किसी अस्थायी संघर्ष विराम के बदले होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोलेगा।’

अमेरिकी समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने शीर्ष अधिकारी के हवाले से यह भी बताया है कि ईरान को नहीं लगता कि अमेरिका एक स्थायी समझौते के लिए तैयार है।

अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ईरान किसी डेडलाइन के खत्म होने के दवाब में आकर कोई फैसला नहीं लेगा।

टेक्स्ट मैसेज से हो ही युद्ध विराम पर चर्चा

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस

एक्सियोस ने अपनी खबर में राजनयिक प्रयासों की जानकारी रखने वाले चार स्रोतों के आधार पर दावा किया है कि यह बातचीत पाकिस्तानी, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों के जरिए हो रही है। साथ ही, ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच टेक्स्ट मैसेज से भी संवाद हो रहा है।

उधर, इसी मामले में रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाक के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर रविवार की रात को उपराष्ट्रपति जेडी वांस, विशेष राजदूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ संपर्क में थे।

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ईरान ने गिराए अमेरिका के F-35 और A-10 विमान, ‘नए डिफेंस सिस्टम’ का किया इस्तेमाल

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ईरान का दावा है कि इस तस्वीर में पीछे की ओर दिख रहे दो विमानों को उसने मार गिराया है।
  • ईरान ने अपने वायु क्षेत्र में उड़ रहे दो अमेरिकी विमानों को मार गिराया।

(नोट – इस खबर को वीडियो में देखने के लिए इस लिंक पर जाएं।)

नई दिल्ली | ईरान ने अमेरिका के दो लड़ाकू विमान मार गिराए, जिसमें उसने अपने नए एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया था। ईरान ने चार अप्रैल को यह दावा किया है।

ईरानी समाचार एजेंसी की ओर से विमान को टारगेट करने की ये तस्वीर पोस्ट की है।

ईरानी समाचार एजेंसी की ओर से विमान को टारगेट करने की ये तस्वीर पोस्ट की है।

बीती 3 अप्रैल को ईरान ने अमेरिका के दो सैन्य विमान और सर्च ऑपरेशन में लगे दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को शिकार बनाकर दुनिया को चौंका दिया था।

विमान के मलबे की तस्वीर जारी की गई है।

इनमें एक F-35 फाइटर जेट और दूसरा A-10 अटैक एयरक्राफ्ट है। CBS न्यूज के मुताबिक, हमले में एक पायलट बचा लिया गया जबकि दूसरे लापता पायलट पर ईरान ने ईनाम घोषित कर दिया है।

न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, 23 साल में पहली बार दुश्मन की गोलीबारी में अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराए गए हैं।  इससे पहले 2003 में इराक युद्ध के दौरान ऐसा हुआ था।

विमान के मलबे की तस्वीर जारी की गई है।

उधर, ईरान ने चार अप्रैल को दावा किया कि अमेरिकी लड़ाकू विमान को गिराने के लिए उसने नई वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence System) का इस्तेमाल किया।

ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड ‘खातम अल-अंबिया’ के हवाले से रॉयटर्स ने यह रिपोर्ट किया है। इस डिफेंस सिस्टम के बारे में विस्तार में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

उधर, ईरानी सरकारी मीडिया ने संयुक्त सैन्य कमान के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि ईरान निश्चित रूप से अपने हवाई क्षेत्र पर “पूर्ण नियंत्रण हासिल” कर लेगा।

युद्ध में अब तक अमेरिका के 7 विमान नष्ट

एक महीने से जारी युद्ध में अब तक 7 अमेरिकी विमान नष्ट हो चुके हैं। दो मार्च को कुवैत में फ्रेंडली फाइट में तीन F-15 विमान गिरे, क्रू मेंबर बच गए।

12 मार्च को इराक में KC-135 टैंकर क्रैश हुआ। 6 क्रू मेंबर मारे गए। सऊदी के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर E-3 सेंट्री व एक विमान नष्ट हुआ था।

ईरान के हालिया हमले पर ट्रंप से NBC न्यूज से कहा कि इसके दोनों देशों के बीच बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रंप बोले- हम युद्ध में हैं।

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ईरान युद्ध से अब तक 5000 से ज्यादा मौतें, 8 भारतीयों की भी जान गई

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सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली | ईरान युद्ध का पांचवां सप्ताह समाप्ति की ओर है और युद्ध ने अब तक पांच हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली है।

मौतों की यह संख्या कई एजेंसियों ने एकत्र की है, जिसे अमेरिकी समाचार एंजेसी रॉयटर्स ने प्रकाशित किया है।

खाड़ी में रहने वाले भारतीय भी युद्ध की जद में हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 8 भारतीयों की मौत हो चुकी है जबकि एक लापता है।

ईरान में अब तक सबसे ज्यादा कुल 3 हजार, पांच सौ, 19 मौते हुई हैं। और करीब 19 हजार लोग घायल हैं।

लेबनान में 1318 मौतें हुई हैं। इसमें ईरान समर्थित 400 हिजबुल्ला लड़ाकू शामिल हैं। साथ ही यहां तीन यूएन के शांति सैनिकों की भी मौत हुई हैं। जिसकी भारत समेत कई देशों ने निंदा की है।

अब तक इज़रायल के 19 लोगों की मौतें हुई हैं। इज़रायल ने दस सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। उधर अमेरिका के अबतक 13 सैनिक मारे जा चुके हैं।

इसके अलावा खाड़ी के आठ देशों में आम लोग मारे गए हैं। यूएई में सबसे ज्यादा 11 लोग व कतर व कुवैत में 7-7 लोगों की मौत हो चुकी है। यह युद्ध बड़ी मानवीय तबाही में बदल गया है।

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