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रिपोर्टर की डायरी

बिहार के इस जिले में नरभक्षी बाघ का खौफ, लाठी-डंडा लेकर पहरा दे रहे ग्रामीण

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बाघ के खौफ से गांव में लाठी-डंडा लिए मौजूद ग्रामीण।
बाघ के खौफ से गांव में लाठी-डंडा लिए मौजूद ग्रामीण। (तस्वीर- टीम बोलते पन्ने)
  • वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के गोबर्धनना और मंगुराहा वन क्षेत्र में हमले कर रहा बाघ।
  • बीते 25 दिनों में दो पुरुष और एक महिला को नरभक्षी बाघ मारकर खा चुका है।
  • छह गांवों में लोग लाठी-डंडा लेकर अपने इलाकों की रखवाली कर रहे।

(गौनहा) बेतिया | मनोज कुमार

बीते 25 दिनों में एक नरभक्षी बाघ (Tiger) तीन स्थानीय ग्रामीणों की जान ले चुका है, जिससे बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में खौफ का माहौल है। ग्रामीणों ने इतना ज्यादा खौफ फैल गया है कि वे अपने गांव में लाठी-डंडा लेकर पहरा दे रहे हैं।

ये हमले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के गोबर्धनना और मंगुराहा वन परिक्षेत्र के सटे गांवों में हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही बाघ इंसानों पर हमले कर रहा है और नरभक्षी बन गया है। 12 सितंबर, 1 अक्तूबर और 3 अक्तूबर को एक-एक हत्या कर चुका है। अब तक दो पुरुष और एक महिला को मारकर खा जाने की घटनाएं हुई हैं। इससे इलाके के कैरी, खेखरिया, महायोगीन, बलबल, सोफा और विशुनपुरवा गांवों में डर का माहौल फैल गया। लोग आशंका जता रहे हैं कि बाघ अपने शिकार की तलाश में फिर गांव की ओर लौट सकता है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बाघ न सिर्फ उनके मवेशियों पर लगातार हमले कर रहा है, बल्कि तीन गांव वालो को मार चुका है पर वन विभाग सोया हुआ है। अभी तक वह बाघ को ट्रेस नहीं कर पाया है। दूसरी ओर, DFO ने ग्रामीणों से कहा है कि बाघ को ट्रैक किया जा रहा है, ग्रामीण शाम या सुबह को जंगल के आसपास के खेतों में न जाएं।


 

25 दिनों में दो पुरुष और एक महिला को खा गया बाघ

3 oct – बीते तीन अक्तूबर की देर शाम को बाघ ने मटियरिया गांव के भजन मुसहर(40वर्षीय) को अपना निवाला बना लिया। मटियरिया गांव,  मंगुराहा वन क्षेत्र के गोबर्धना रेंज के पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि वह अन्य चरवाहों के साथ दोपहर में भैंस चराने गए थे। करीब शाम के पांच बजे भैंस चराकर वापस आते समय पंडयी नदी के पास बाघ भजन मुसहर को उठा ले गया, रात नौ बजे जाकर वन विभाग उनके शरीर का कुछ हिस्सा ढूंढ़ पाया।

1 oct- इससे दो दिन पहले किसुन महतो को बाघ ने अपना शिकार बनाया था, मंगुराहा वन क्षेत्र से सटे कैरी खेखरिया टोला गांव के पास हुआ। मृतक की पत्नी श्रीदेवी ने बताया कि वह अन्य चरवाहों के साथ दोपहर में मवेशी लेकर पंडयी नदी के पास गए थे, तभी बाघ उठाकर ले गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूचना करने पर भी वन विभाग की टीम बहुत देर से पहुंची।

12 sep – इस इलाके में बाघ के इंसान हमले की यह पहली घटना थी जो गोवर्धन वन क्षेत्र के सोनबरसा गांव के पास हुई। उमछी देवी नामक महिला को बाघ गर्दन से पकड़कर नदी से 500 मीटर अंदर जंगल में ले गया, वे मवेशी चराने गई थीं। इस दौरान अन्य चरवाहे चीखते रहे, पर कोई बाघ की दहशत में जंगल की ओर नहीं जा पाया। बाद में महिला के पैर का एक हिस्सा मिला, जिससे उनकी शिनाख्त हुई।


 

4 मवेशियों को भी मार डाला, हडकंप 

ग्रामीणों का कहना है कि गोबर्धनना वन क्षेत्र के पास के गांवों ने एक बाघ लगातार हमले कर रहा है। अभी तक दो भैंस और दो बकरियों को भी मारकर खा चुका है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान हुआ और जान का खतरा बना हुआ है।


 

बाघ ट्रैकिंग में लगे वनकर्मी, सतर्क रहने की अपील

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बहुत जल्द बाघ का ट्रैकिंग कर लिया जाएगा। DFO के हवाले से स्थानीय मीडिया ने कवर किया है कि  ग्रामीण शाम या सुबह के समय जंगल के आसपास स्थित अपने खेतों के पास न जाए, अगर जरूरत पड़े तो समूह बनाकर ही जाए।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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रिपोर्टर की डायरी

बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी

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मधेपुरा | रजनीश सिंह

बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?

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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

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  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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