दुनिया गोल
Global Tariff : अब राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ को 10% से बढ़ाकर किया 15%
- 20 फरवरी को ट्रंप ने 10% वैश्विक टैरिफ की घोषणा की, जिसे एक दिन में ही बढ़ा दिया।
नई दिल्ली |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अनिश्चित व्यवहार को एक बार फिर से दोहराते हुए 24 घंटों के भीतर ही अपने ग्लोबल टैरिफ को 5 फीसदी बढ़ाकर 15% कर दिया है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर 21 फरवरी को एक पोस्ट करके लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की विस्तार में समीक्षा करने के बाद वे ग्लोबल टैरिफ को बढ़ाने का निर्णय ले रहे हैं।
बता दें कि 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के लगाए टैरिफ को अवैध बताकर रद्द कर दिया, जिसके कुछ घंटे बाद ही ट्रंप ने 10% नए ग्लोबल टैरिफ की घोषणा कर दी थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा,
“कल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ़ पर जो फ़ैसला दिया है, वह बेकार और बेहद अमेरिका विरोधी है. इस बयान के ज़रिए मैं बताना चाहता हूं कि मैं अमेरिका का राष्ट्रपति होने के नाते, 10 फ़ीसदी वर्ल्डवाइड टैरिफ़ को बढ़ाकर 15 फ़ीसदी कर रहा हूं।”
ट्रंप ने आगे लिखा, “कई देश वर्षों से अमेरिका को नुक़सान पहुंचा रहे थे और कोई जवाब नहीं मिल रहा था (जब तक मैं नहीं आया)। लेकिन अब इसे पूरी तरह से क़ानूनी तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन नए और क़ानूनी तौर पर सही टैरिफ़ तय करेगा, जिससे हमारा ‘अमेरिका को फिर से महान बनाने’ का काम और भी ज़्यादा सफल होगा।”
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अमेरिकी टैरिफ: सुप्रीम कोर्ट का फैसला, ट्रंप का नया कदम और भारत पर असर
- भारत पर फिलहाल 18% अमेरिकी टैरिफ लागू है, ट्रंप टैरिफ का सबसे ज्यादा असर भारत पर रहा है।
नई दिल्ली |
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक दिन पहले आए ऐतिहासिक फैसले ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को बड़ा झटका दिया है। हालांकि टैरिफ नीति को रद्द करने के फैसले के कुछ घंटे बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरी दुनिया पर 10% नए टैरिफ लगा दिए हैं। लंबे समय तक भारत पर दुनिया में सबसे ज्यादा अमेरिकी टैरिफ लागू रहा हाल में 50% से घटाकर 18% कर दिया गया। अब अमेरिकी सर्वोच्च अदालत के फैसले और ट्रंप के नए टैरिफ से भारत की स्थिति को लेकर फिर से आशंकाएं पैदा हो गई हैं।
ट्रंप ने अपनी प्रेसवार्ता में स्पष्ट किया कि भारत के साथ व्यापार समझौते (FTA) में कोई बदलाव नहीं आएगा। इन दोनों ही घटनाक्रमों पर भारत की पहली प्रतिक्रिया आई है, शनिवार (21 feb) शाम को एक प्रेस रिलीज के जरिए भारत सरकार ने कहा है कि वह इन घटनाक्रमों का अध्ययन कर रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत की प्रतिक्रिया उसके पूर्व के रूख के हिसाब से ही सधी हुई और अस्पष्ट है। विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से भले टैरिफ को अवैध बता दिया गया हो पर भारतीय निर्यातकों पर कुछ अमेरिकी टैरिफ का बोझ बरकरार रहेगा।
24 फरवरी से नया टैरिफ लागू होगा
सुप्रीम कोर्ट का फैसला 20 फरवरी 2026 को आया, जिसमें 6-3 के बहुमत से ट्रंप के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पॉवर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ्स को अवैध घोषित किया गया। ट्रंप ने फैसले को शर्मनाक बताते हुए तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्रेड एक्ट 1974 की सेक्शन 122 के तहत 10% का वैश्विक टैरिफ लगाया, जो 150 दिनों के लिए लागू हो सकता है। इसके बाद इसे लागू करने के लिए अमेरिकी संसद की अनुमति जरूरी है। यह टैरिफ सभी देशों पर 24 फरवरी 2026 से लागू हो जाएगा। लेकिन कुछ छूट जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स और फूड पर दी गई हैं।
भारत का टैरिफ 18% से 10% रह जाएगा
ट्रंप ने नए टैरिफ की घोषणा करते हुए कहा है कि यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए जरूरी है। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत पर यह अस्थायी टैरिफ लागू होगा, लेकिन ट्रेड डील जारी रहेगी। यानी भारत के ऊपर हाल में लागू 18% टैरिफ की जगह 10% टैरिफ लागू होगा जो अमेरिकी कानून के मुताबिक अधिकतम 3 महीने तक लागू रह सकता है। बता दें कि ट्रंप ने भारत पर 25% पारस्परिक टैरिफ के अलावा 25% दंडनीय टैरिफ लगाया था, जिसको लेकर उन्होंने कहा था कि रूस से तेल खरीद बंद करने पर इसे हटा लिया जाएगा। ये टैरिफ फरवरी के शुरूआती सप्ताह में हटा दिया गया था। इसके बाद मोदी व ट्रंप की फोन पर वार्ता के बाद पारस्परिक टैरिफ भी 25% से घटाकर 18% कर दिया गया था।
भारत पर इसका क्या असर?
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले से रेसिप्रोकल टैरिफ हटने से भारतीय निर्यातकों को राहत मिली है, लेकिन अन्य टैरिफ लागू रहेंगे।
- सेक्शन 232 के तहत स्टील और एल्युमिनियम पर 50% ड्यूटी जारी है, जिससे दिसंबर 2025 में इन निर्यातों में 66% की गिरावट आई।
- इसके अलावा, $800 से कम वैल्यू के आइटम्स पर डी मिनिमिस एक्जेम्प्शन सस्पेंड होने से टेक्सटाइल, खिलौने, कॉस्मेटिक और इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज प्रभावित होंगे।
- इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टरों को छूट रहेगी।
- आर्थिक रूप से स्टील-एल्युमिनियम भारत का चौथा सबसे बड़ा निर्यात समूह है, और ये टैरिफ छोटे निर्यातकों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
- हालांकि 10% टैरिफ वियतनाम, बांग्लादेश, चीन जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में भारत को अपेक्षाकृत फायदा दे सकता है, क्योंकि पहले भारत पर 50% टैरिफ थे।
FTA या इंटरिम ट्रेड डील पर असर ?
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि व्यापार समझौते मेें कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा, “भारत के साथ डील में कुछ नहीं बदलता। वे टैरिफ देंगे, हम नहीं।”
गौरतलब है कि हाल में जारी हुए भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान में भारत-US इंटरिम एग्रीमेंट का जिक्र किया गया, जिसमें मेंशन था कि अमेरिका भारत से 18% टैरिफ लेगा, जबकि भारत US से 0%। बयान में यह भी बताया गया था कि यह डील MSMEs, किसानों और मछुआरों को फायदा पहुंचाएगी। और भारतीय निर्यातकों को $30 ट्रिलियन अमेरिकी बाजार तक पहुंच मिलेगी।
अगले सप्ताह डील फाइनल होने का संभावना
इस डील को फाइनल करने के लिए एक भारतीय डेलिगेशन अगले हफ्ते अमेरिका जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अब भारत को इस डील की समीक्षा करनी चाहिए ताकि निर्यात बढ़े और अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
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New Global Tariff : ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट को ठेंगा दिखाते हुए फिर पूरी दुनिया पर लगाया टैरिफ
- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के लगाए वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराया।
- फैसला आने के कुछ घंटे बाद ट्रंप ने पूरी दुनिया पर नया टैरिफ लगाया।
- नए टैरिफ के तहत भारत समेत पूरी दुनिया के ऊपर 10% कर लगेगा।
नई दिल्ली |
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 20 फरवरी को दिए ऐतिहासिक फैसले को ठेंगा दिखाते हुए पूरी दुनिया के ऊपर नए 10% टैरिफ का ऐलान करके चौंका दिया है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करके इसकी घोषणा की है, उनके मुताबिक नए टैरिफ तत्काल ही प्रभावी हो जाएंगे। एक दिन पहले ही पूरी दुनिया के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला राहत की खबर लाया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के पिछले साल लगाए वैश्विक टैरिफ को रद्द कर दिया था। ट्रंप ने फैसले के कुछ घंटों बाद ही प्रेस वार्ता करके इसकी कड़ी आलोचना की। फिर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिेए नए ग्लोबल टैरिफ का ऐलान भी कर दिया है जो भारत समेत पूरी दुनिया पर लागू हो जाएंगे।
ट्रंप ने जजों को ‘बेवकूफ’ कहा
ट्रंप ने अमेरिकी सर्वोच्च अदालत के फ़ैसले को “भयानक” बताया और उनकी व्यापार नीति को ख़ारिज करने वाले न्यायाधीशों को “बेवकूफ़” कहा। बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने व्हाइट हाउस की ओर से पिछले साल घोषित किए गए ज़्यादातर ग्लोबल टैरिफ़ को अवैध ठहराया। सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की पीठ ने 6-3 के बहुमत से सुनाए फैसले में कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों से आगे बढ़कर फ़ैसला किया। टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, यह असंवैधानिक है। गौरतलब है कि ट्रंप के खिलाफ यह केस लड़कर जीतने वाले वकील नील कात्याल भारतीय मूल के हैं।
टैरिफ रिफंड पर क्या बोले ट्रंप
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद माना जा रहा है कि इससे संभावित रूप से अरबों डॉलर के टैरिफ़ रिफंड का रास्ता खुल गया है। हालांकि शुक्रवार को व्हाइट हाउस में मीडिया के सामने बोलते हुए ट्रंप ने संकेत दिया कि रिफंड बिना क़ानूनी लड़ाई के नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह मामला वर्षों तक अदालत में उलझा रह सकता है।
दुनिया गोल
बड़ी राहत : राष्ट्रपति ट्रंप के लगाए Global Tariff को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द
- अप्रैल-25 में ट्रंप ने दुनिया के कई देशों पर टैरिफ की घोषणा की थी।
- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।
- सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को अवैध बताया, कहा- यह आपातकालीन शक्ति नहीं।
नई दिल्ली |
भारत समेत दुनिया के कई दर्जन देशों के ऊपर बड़े-बड़े टैरिफ लगा रहे राष्ट्रपति ट्रंप को एक बड़ा झटका लगा है जो दुनेियाभर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए राहत की खबर लाया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (20 feb) को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए टैरिफ लगाने से जुड़ी नीति को असंवैधानिक करार दे दिया है।
सर्वोच्च अदालत ने साफ कहा कि International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) अमेरिकी राष्ट्रपति को इस तरह से टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं देता। बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप इस आपातकालीन शक्ति का इस्तेमाल टैरिफ लगाने के लिए करते आ रहे हैं। फिलहाल दुनिया की नजरें ट्रंप के अगले कदम पर लगी हैं।
इस फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फैसले की कड़ी आलोचना की है और जजों को ‘बेवकूफ’ तक कह डाला। उन्होंने कहा कि यह फैसला अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।
बता दें कि पिछले साल अप्रैल में ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए दुनिया के कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ यानी आयात शुल्क लगा दिए थे। टैरिफ का मतलब होता है कि किसी देश से आने वाले सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया जाए, ताकि वह महंगा हो जाए और घरेलू कंपनियों को फायदा मिले।
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