प्रदेश रिपोर्ट
अवैध खनन के लिए बदल दी सोन नदी की धारा, रोहतास के कई गांवों में जल संकट
- अवैध खनन से सोन नदी के तटीय इलाकों में जल संकट।
- रोहतास के कई गांव प्रभावित, जल स्तर एकदम घटा।
- खनन माफिया ने नदी की मुख्यधारा को बांध बनाकर रोका।
सासाराम, बिहार | अविनाश श्रीवास्तव
बिहार में सोन नदी पर होने वाले अवैध खनन के चलते गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। गर्मी शुरू होते ही सोन नदी के किनारे बसे सैकड़ों गांवों का जलस्तर घट गया है।
गांव के लोग पीने के पानी तक के लिए काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। डेहरी, डालमिया नगर, न्यू सिधौली से लेकर नासरीगंज तक के इलाकों में जल संकट है।

पानी की समस्या के बारे में बताते ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी अभी ठीक से शुरू तक नहीं हुई है और सभी चापाकल, कुए व मोटर पंप सूखने लगे हैं। साथ ही, सोन नदी के किनारे सब्जियां बोने वाले किसान पानी की कमी से सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
उन्हें बोरिंग के सहारे फसलों को पानी देना पड़ रहा है जो बहुत खर्चीला उपाय है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अवैध खनन करते हुए बालू माफिया अस्थायी बांध बना देते हैं जिसने पानी की धारा को बदल दिया है।
“पहले सोन नदी की मुख्य धारा स्वतंत्र रूप से एक छोर से होकर गुजरती थी, लेकिन अब इस धारा को अवैध खनन के लिए नदी के दूसरी छोर की तरफ मोड़ दिया गया है।”
इससे जलस्तर काफी नीचे खिसक गया है।

नल में पानी न होने की समस्या को बताते स्थानीय।
ग्रामीणों ने बताया कि इन गांवों में पहले 30 से 40 फीट की गहराई पर पानी मिल जाता था लेकिन अब वॉटल लेवल 70 से 80 फीट गहराई के भी नीचे पहुंच गया है।
घटते जलस्तर की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने सरकार की ‘नल-जल योजना’ को भी विफल बताया।

गांव में नल-जल में सप्लाई न आने की समस्या उठाती स्थानी महिला।
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि नल से घर तक पहुंचने वाले पानी का वादा तो किया गया लेकिन कई-कई दिनों तक पाइप में पानी की सप्लाई नहीं आती है, इसलिए वे पीने के पानी के लिए इस पर निर्भर नहीं रह सकते।
पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि सोन नदी में बालू खनन के लिए खनन माफिया ने जो बांध बना दिया है, उसे तुरंत प्रशासन हटाए।
इससे नदी की मुख्य धारा स्वतंत्र रूप से बहने लगेगी और आसपास के इलाकों में जलस्तर बना रह सके।
साथ ही उन्होंने नल-जल योजना की कमियां दूर करने की मांग उठाई है।
उत्तर प्रदेश
वृंदावन में नाव पलटने से कम से कम 10 लोगों की मौत, करीब 12 श्रद्धालु लापता
नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश के वृंदावन में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पटलने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है और एक दर्जन लोग लापता बताए जा रहे हैं। मरने वाले सभी श्रद्धालु पंजाब से वृंदावन परिक्रमा के लिए आए थे।
यह घटना शुक्रवार दोपहर सवा तीन बजे के करीब हुई।
मौके पर पहुंचे आगरा रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) ने बताया कि
“यह घटना बंसीवट और केशीघाट के बीच में यमुना नदी पर बने पोंटून पुल से नाव के टकरा जाने के चलते हुई। नाव में लगभग 25 से 27 लोग सवार थे और सभी पंजाब से आए हुए थे।”
अधिकारी ने बताया कि मौके पर फायर सर्विस, पुलिस बल, स्थानीय गोताखोर व नाविक भी बचाव अभियान में लगे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए ट्ववीट किया है।
मथुरा पुलिस के अनुसार, “22 लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, लापता लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।”
मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने घटना को दुखद बताते हुए कहा है कि “क़रीब एक दर्जन लोग घंटों तक लापता रहे।”
प्रदेश रिपोर्ट
बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप
पटना | बिहार के पटना में शुक्रवार की सुबह बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया।
एक ईमेल पर मिली इस धमकी में कहा गया कि “शुक्रवार को दोपहर 2:15 बजे विधानसभा में साइनाइड गैस के साथ मिलाए गए 13 RDX IED धमाका होगा।”
साथ ही यह भी सलाह दी कि “धमाके से पहले सभी विधायकों और आम जनता को वहां से तुरंत निकालें।”
बम से धमाके की धमकी की सूचना पर बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीम बिहार विधानसभा पहुंची और पूरे परिसर की तलाशी में जुट गई है।
तलाशी के दौरान अब तक कुछ भी बरामद नहीं किया गया है। हालांकि सतर्कता बरतते हुए विधानसभा परिसर को अलर्ट कर दिया है।
सीवान में सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी
इससे पहले सीवान जिले में सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली. यहां भी मेल के जरिए धमकी दी गई. धमकी भरे मेल के बाद कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जानकारी के मुताबिक, तीन महीने पहले भी सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी मिली थी. बम की सूचना पर सिविल
चुनावी डायरी
नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा की शपथ; मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की उलटी गिनती शुरू
नई दिल्ली | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज राज्यसभा सांसद बन गए हैं। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में पद व गोपनीयता की शपथ ली।
शपथ ग्रहण के दौरान बीजेपी और जेडीयू के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने 5 मार्च को घोषणा की थी कि “उनकी इच्छा है कि वे संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें इसलिए वे मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाएंगे।”

नीतीश कुमार बिहार में बीस साल से सत्ता में हैं और दसवीं बार मुख्यमंत्री की शपथ 20 नवंबर को ली थी।
राज्यसभा सदस्य बनने के साथ ही नीतीश कुमार ऐसे नेता बन गए हैं, जो राज्य के दोनों सदनों के सदस्य व लोकसभा के सदस्य रहने के बाद अब राज्यसभा के भी सदस्य हो गए हैं।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद हाल में बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था लेकिन अभी उन्होंने बिहार का मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ा है।
अब खबर है कि राज्यसभा सांसद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार आज ही पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी कर सकते हैं। पीएम मोदी ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए एक ट्वीट भी किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी का ट्वीट
माना जा रहा है कि वे यहां से बिहार लौटकर 14 अप्रैल तक इस्तीफा दे सकते हैं। जिसके बाद बिहार में नई सरकार बनेगी।
लंबे वक्त बाद मीडिया से बोले नीतीश कुमार

नीतीश कुमार मीडिया से बात कर रहे थे, इस दौरान संजय झा ने रोकने की कोशिश की।
शपथ ग्रहण के सिलसिले में सीएम नीतीश गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का संक्षेप में जवाब दिया। उन्होंने ‘अस्पष्ट तरीके’ से जवाब देते हुए कहा कि “वहां का सबकुछ छोड़कर अब यहीं रहेंगे”।
गौरतलब है कि लंबे समय से नीतीश कुमार की खराब तबीयत की चर्चा बनी हुई है, वे मीडिया से सीधा कोई संवाद नहीं करते हैं। दिल्ली में जब वे मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे तो पार्टी के नेता व उनके करीबी संजय झा उन्हें रोकते भी नज़र आए।
BJP की बैठक में सीएम पर चर्चा

समृद्धि यात्रा के दौरान सम्राट के कंधे पर सीएम नीतीश कुमार का हाथ और सम्राट के अभिवादन करने की तस्वीरों के राजनीतिक मायने हैं।
बिहार में नए मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर आज दिल्ली में बीजेपी के नेता जुटे हैं। शुक्रवार को दिल्ली में बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक होनी तय है।
इस हाई लेवल बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य कोर ग्रुप के सदस्य मौजूद रहेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री की रेस में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सबसे आगे माना जा रहा है।
-
आज के अखबार1 month agoजेरुशलम पोस्ट : इजरायली दौरे पर पीएम मोदी को लेकर ऐसा क्या लिखा जो चर्चा बन गया?
-
प्रदेश रिपोर्ट2 months ago
बिहार की निर्भया : NEET की छात्रा को न्याय दिलाने की मांग दिल्ली से उठी; NDA घटक दलों की असहजता उजागर
-
रिपोर्टर की डायरी2 months agoगोपालगंज का ‘मॉडल अस्पताल’ : टॉयलेट का पानी भरने से X-ray सुविधा तक बंद पड़ी, लीकेज से मरीज परेशान
-
रिपोर्टर की डायरी3 months agoबिहार : रोहतास में अब तक लटकी होमगार्ड भर्ती, बार-बार Joining Date बढ़ने से युवा परेशान
-
आज की सुर्खियां3 months ago
आज की सुर्खियां: सेना की गाड़ी खाई में गिरने से 10 जवानों की मौत; ट्रंप ने किया शांति बोर्ड का औपचारिक लॉन्च
-
रिपोर्टर की डायरी3 months agoबिहार : धान खरीद के बीच रोहतास के FCI गोदाम में धरना, मजदूर बोले- ‘अनाज के हर ट्रक पर 1500 रुपये काटे जा रहे’
-
रिसर्च इंजन3 months agoCM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा : जीत के महज दो माह में बिहार दौरे पर निकले, जानिए क्या है असली मकसद, कितना होगा सफल?
-
रिपोर्टर की डायरी3 weeks agoबिहार पुलिस के घुड़सवार दस्ते की शान है कोमल, अब तक जीत चुकी 11 गोल्ड मेडल

