नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता से संतुष्टि जताते हुए कहा है कि 6 अप्रैल की शाम 8 बजे (EST) तक उनकी सेना ईरान के ऊर्जा ठिकानों (Energy Infrastructure) पर हमला नहीं करेगी।
ईरान से युद्ध कर रहे अमेरिकी सहयोगी इजरायल की ओर से अभी ट्रंप की इस घोषणा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दूसरी ओर, वॉल स्ट्रीट जर्नल का दावा है कि अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय 10 हजार सैनिकों को पश्चिम एशिया में तैनात करने पर विचार कर रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका व इज़रायल, ईरान के प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल खर्ग द्वीप पर हमले की योजना बना रहे हैं इसलिए बड़ी तादाद में अमेरिकी सैनिकों को भेजा जा रहा है।
इस आशंका को देखते हुए ईरान ने धमकी दी है कि बाब अल-मंडेब स्ट्रेट को बंद कर देगा जो लाल सागर का प्रवेश द्वार माना जाता है और दुनिया के 12% तेल के आवागमन का रास्ता है।
उधर, इज़रायली सेना के ईरान के ऊपर हमले जारी हैं और ईरान की ओर से इज़रायल व खाड़ी देशों पर जवाबी हमले किए जा रहे हैं।
शांति वार्ता ठीक चल रही, 6 अप्रैल तक हमला नहीं – ट्रंप
ट्रुथ सोशल पर यह जानकारी देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) खोलने की डेडलाइन दूसरी बार बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दिया है।
इससे पहले 23 मार्च को ट्रंप नेे चेतावनी दी थी कि अगर अगले पांच दिनों में ईरान होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोलता है तो वह उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमले शुरू कर देंगे। आज यह डेडलाइन समाप्त हो रही थी।
ट्रंप ने नई घोषणा करते हुए बताया है कि युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत “बहुत अच्छी तरह” आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने दावा किया है कि ऐसा वे ईरान के अनुरोध पर कर रहे हैं।
ईरान ने डेडलाइन बढ़ाने का अनुरोध नहीं किया – रिपोर्ट
हालांकि, वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने शांति वार्ता के मध्यस्थ के हवाले से दावा किया है कि ईरान की ओर से उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमले न करने से जुड़ा कोई अनुरोध नहीं किया गया है।
न ही उसने अभी तक अमेरिका के 15 सूत्री मांगों पर कोई जवाब दिया है।
बता दें कि वॉशिंगटन व तेहरान के बीच बैक चैनल वार्ता कराने में पाकिस्तान, तुर्की व मिस्त्र भूमिका निभा रहे हैं।
10 हजार सैनिक भेजेगा पेंटागन – रिपोर्ट
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन के एक अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि पेंटागन (Pentagon) मध्य पूर्व (अथवा पश्चिम एशिया) में 10,000 तक अतिरिक्त थल सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस योजना का मकसद राष्ट्रपति ट्रंप को अधिक सैन्य विकल्प देना है, भले ही वह इस समय तेहरान के साथ शांति वार्ता पर विचार कर रहे हैं।
ईरान ने पाक झंडे वाले अमेरिकी जहाज गुजरने दिए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 26 मार्च को कैबिनेट बैठक में जानकारी दी है कि ईरान ने वार्ता में सद्भावना दिखाते हुए होर्मुज स्ट्रेट से 10 तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी है।
ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए बड़ा उपहार बताते हुए कहा कि यह ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण रियायत है।
उनके अनुसार ये जहाज संभवत: पाकिस्तानी ध्वज वाले थे।
हालांकि व्हाइट हाउस ने जहाजों की पहचान या गंतव्य पर तत्काल कोई आधिकारिक विवरण नहीं दिया।
गौरतलब है कि ईरान, होर्मुज स्ट्रेट से उन जहाजों को जाने नहीं दे रहा है जो अमेरिका या इज़रायल से जुड़े हैं। साथ ही, ऐसी भी खबरें हैं कि वह जहाजों पर शुल्क भी लगा रहा है।

