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रिपोर्टर की डायरी

रोहतास : लड़कियों की अच्छे घर में शादी कराने के नाम पर दूसरे राज्यों में हो रही तस्करी, कीमत ₹20 हजार

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  • रोहतास में गरीब लड़कियों को शादी का झांसा देकर हो रही थी मानव तस्करी।
  • जिले की बिक्रमगंज थाना पुलिस ने इस गिरोह के चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
  • यह गिरोह दूसरे राज्यों में शादी कराने के नाम पर लड़कियों की सौदेबाजी करता है।

(नोट – इस खबर को वीडियो पर देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)

सासाराम | अविनाश कुमार श्रीवास्तव

बिहार के रोहतास जिले में गरीब लड़कियों की शादी अच्छे घर में कराने के नाम पर उनकी तस्करी दूसरे राज्यों में की जा रही है। पुलिस के हाथ ऐसा ही एक मामला लगा जिसमें लड़की को 20 हजार रुपये में झांसा देकर बेच दिया गया।

रोहतास जिला के बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र से गरीब परिवारों की लड़कियों को अच्छे घर में शादी कराने का झांसा देकर मानव तस्करी के जाल में फंसाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में बिक्रमगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह गरीब और असहाय परिवारों को निशाना बनाकर उनकी बेटियों की शादी दूसरे राज्यों में कराने के नाम पर सौदेबाजी करता था।

गिरफ्तार किए गए लोगों में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सवाईपुर निवासी दूल्हा निर्मल और उसके पिता रतनलाल शामिल हैं। इसके अलावा करगहर थाना क्षेत्र के सिमरिया निवासी संजय साह और उसकी पत्नी रूबी देवी को भी पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, संजय साह और रूबी देवी स्थानीय स्तर पर दलाली का काम कर रहे थे और बाहर से आए लोगों के साथ मिलकर शादी की पूरी साजिश रचते थे। इनके पास से 20 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं, जिसे पुलिस सौदेबाजी की रकम से जोड़कर देख रही है।

बताया जाता है कि अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र के बाक गांव की रहने वाली एक युवती की शादी राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी निर्मल लाल से कराई गई थी। लड़की और उसके परिजनों को यह भरोसा दिलाया गया था कि शादी के बाद युवती बिहार में ही अपने पति के साथ रहेगी और परिवार को आर्थिक सहयोग भी दिया जाएगा। लेकिन शादी संपन्न होने के बाद हालात बदल गए। आरोप है कि दूल्हा और उसके सहयोगी युवती को जबरन राजस्थान ले जाने की कोशिश कर रहे थे।

इसी दौरान बिक्रमगंज के तेंदुनी चौक के पास गश्ती कर रही पुलिस ने कुछ लोगों को आपस में खीचतान करते देखा। एक युवती को जबरन घसीटकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया। युवती ने पुलिस को बताया कि उसे जबरन दूसरे राज्य ले जाया जा रहा था, जबकि उससे पहले यह आश्वासन दिया गया था कि वह अपने गृह राज्य में ही रहेगी।

इस संबंध में युवती के आवेदन पर कुल छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ है और अब तक कितनी लड़कियों को इस तरह फंसाया गया है।

बिक्रमगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सिंधु शेखर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि इलाके की गरीब लड़कियों को अच्छे घर में शादी का प्रलोभन देकर हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में भेजा जाता है। वहां उन्हें जबरन गलत कार्यों में धकेले जाने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक तंगी और जागरूकता की कमी के कारण कई परिवार ऐसे झांसे में आ जाते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों की शादी के संबंध में किसी भी अनजान व्यक्ति या दलाल के संपर्क में आने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है। इस कार्रवाई को मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

प्रदेश रिपोर्ट

अवैध खनन के लिए बदल दी सोन नदी की धारा, रोहतास के कई गांवों में जल संकट

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बालू माफियों ने नदी के पानी को बांध बनाकर रोक दिया, जिससे जलस्तर घटने से गांवों में जलसंकट पैदा हो गया है।
बालू माफियों ने नदी के पानी को बांध बनाकर रोक दिया, जिससे जलस्तर घटने से गांवों में जलसंकट पैदा हो गया है।
  • अवैध खनन से सोन नदी के तटीय इलाकों में जल संकट।
  • रोहतास के कई गांव प्रभावित, जल स्तर एकदम घटा।
  • खनन माफिया ने नदी की मुख्यधारा को बांध बनाकर रोका।

सासाराम, बिहार | अविनाश श्रीवास्तव

बिहार में सोन नदी पर होने वाले अवैध खनन के चलते गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। गर्मी शुरू होते ही सोन नदी के किनारे बसे सैकड़ों गांवों का जलस्तर घट गया है।

गांव के लोग पीने के पानी तक के लिए काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। डेहरी, डालमिया नगर, न्यू सिधौली से लेकर नासरीगंज तक के इलाकों में जल संकट है।

पानी की समस्या के बारे में बताते ग्रामीण

पानी की समस्या के बारे में बताते ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी अभी ठीक से शुरू तक नहीं हुई है और सभी चापाकल, कुए व मोटर पंप सूखने लगे हैं। साथ ही, सोन नदी के किनारे सब्जियां बोने वाले किसान पानी की कमी से सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।

उन्हें बोरिंग के सहारे फसलों को पानी देना पड़ रहा है जो बहुत खर्चीला उपाय है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अवैध खनन करते हुए बालू माफिया अस्थायी बांध बना देते हैं जिसने पानी की धारा को बदल दिया है।

“पहले सोन नदी की मुख्य धारा स्वतंत्र रूप से एक छोर से होकर गुजरती थी, लेकिन अब इस धारा को अवैध खनन के लिए नदी के दूसरी छोर की तरफ मोड़ दिया गया है।”

इससे जलस्तर काफी नीचे खिसक गया है।

नल में पानी न होने की समस्या को बताते स्थानीय।

नल में पानी न होने की समस्या को बताते स्थानीय।

ग्रामीणों ने बताया कि इन गांवों में पहले 30 से 40 फीट की गहराई पर पानी मिल जाता था लेकिन अब वॉटल लेवल 70 से 80 फीट गहराई के भी नीचे पहुंच गया है।

घटते जलस्तर की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने सरकार की ‘नल-जल योजना’ को भी विफल बताया।

गांव में नल-जल में सप्लाई न आने की समस्या उठाती स्थानी महिला।

गांव में नल-जल में सप्लाई न आने की समस्या उठाती स्थानी महिला।

स्थानीय लोगों की शिकायत है कि नल से घर तक पहुंचने वाले पानी का वादा तो किया गया लेकिन कई-कई दिनों तक पाइप में पानी की सप्लाई नहीं आती है, इसलिए वे पीने के पानी के लिए इस पर निर्भर नहीं रह सकते।

पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि सोन नदी में बालू खनन के लिए खनन माफिया ने जो बांध बना दिया है, उसे तुरंत प्रशासन हटाए।

इससे नदी की मुख्य धारा स्वतंत्र रूप से बहने लगेगी और आसपास के इलाकों में जलस्तर बना रह सके।

साथ ही उन्होंने नल-जल योजना की कमियां दूर करने की मांग उठाई है।

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चुनावी डायरी

नीतीश कुमार ने ली राज्यसभा की शपथ; मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की उलटी गिनती शुरू

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राज्यसभा की सदस्यता लेते नीतीश कुमार (Screen grab- Sansadtv)

नई दिल्ली | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज राज्यसभा सांसद बन गए हैं। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में पद व गोपनीयता की शपथ ली।

शपथ ग्रहण के दौरान बीजेपी और जेडीयू के कई बड़े नेता मौजूद रहे।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने 5 मार्च को घोषणा की थी कि “उनकी इच्छा है कि वे संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें इसलिए वे मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाएंगे।”

नीतीश कुमार बिहार में बीस साल से सत्ता में हैं और दसवीं बार मुख्यमंत्री की शपथ 20 नवंबर को ली थी।

राज्यसभा सदस्य बनने के साथ ही नीतीश कुमार ऐसे नेता बन गए हैं, जो राज्य के दोनों सदनों के सदस्य व लोकसभा के सदस्य रहने के बाद अब राज्यसभा के भी सदस्य हो गए हैं।

नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद हाल में बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था लेकिन अभी उन्होंने बिहार का मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ा है।

अब खबर है कि राज्यसभा सांसद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार आज ही पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी कर सकते हैं। पीएम मोदी ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए एक ट्वीट भी किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी का ट्वीट

माना जा रहा है कि वे यहां से बिहार लौटकर 14 अप्रैल तक इस्तीफा दे सकते हैं। जिसके बाद बिहार में नई सरकार बनेगी।

लंबे वक्त बाद मीडिया से बोले नीतीश कुमार

नीतीश कुमार मीडिया से बात कर रहे थे, इस दौरान संजय झा ने रोकने की कोशिश की।

नीतीश कुमार मीडिया से बात कर रहे थे, इस दौरान संजय झा ने रोकने की कोशिश की।

शपथ ग्रहण के सिलसिले में सीएम नीतीश गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का संक्षेप में जवाब दिया। उन्होंने ‘अस्पष्ट तरीके’ से जवाब देते हुए कहा कि “वहां का सबकुछ छोड़कर अब यहीं रहेंगे”।

गौरतलब है कि लंबे समय से नीतीश कुमार की खराब तबीयत की चर्चा बनी हुई है, वे मीडिया से सीधा कोई संवाद नहीं करते हैं। दिल्ली में जब वे मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे तो पार्टी के नेता व उनके करीबी संजय झा उन्हें रोकते भी नज़र आए।

BJP की बैठक में सीएम पर चर्चा

समृद्धि यात्रा के दौरान सम्राट के कंधे पर सीएम नीतीश कुमार का हाथ और सम्राट के अभिवादन करने की तस्वीरों के राजनीतिक मायने हैं।

बिहार में नए मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर आज दिल्ली में बीजेपी के नेता जुटे हैं। शुक्रवार को दिल्ली में बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक होनी तय है।

इस हाई लेवल बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य कोर ग्रुप के सदस्य मौजूद रहेंगे।

बिहार के मुख्यमंत्री की रेस में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सबसे आगे माना जा रहा है।

 

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प्रदेश रिपोर्ट

जहानाबाद : हॉस्टल में पढ़ रहे 5 साल के बच्चे से कुकर्म के बाद हुई थी हत्या

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इस निजी स्कूल व हॉस्टल में रहकर पढ़ रहा था मासूम।
इस निजी स्कूल व हॉस्टल में रहकर पढ़ रहा था मासूम।
  • PMCH की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे से साथ कुकर्म की पुष्टि।
  • 15 दिन पहले ही बच्चे का हुआ था गुरुकुल हॉस्टल में एडमिशन।

जहानाबाद | शिवा केशरी

बिहार के जहानाबाद के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ रहे पांच साल के बच्चे की हत्या से पहले उसके साथ कुकर्म (अप्राकृतिक यौनाचार) हुआ था। इस बात की पुष्टि गुरुवार को पटना के पीएमसीएच से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई है।

शहर से सटे कनौदी बाईपास के पास के गुरुकुल छात्रावास में मासूम का दाखिला सिर्फ 15 दिन पहले हुआ था। यहां वह अपने 7 साल के भाई संग रहकर पढ़ रहा था।

जहानाबाद एसपी अपराजित लोहान ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने छात्रावास में रहने वाले कैंटीन के एक गार्ड सुदामा प्रसाद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

इसके पहले स्कूल व हॉस्टल के संचालक तरुण कुमार उर्फ गांधी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

बता दें कि चार दिन पूर्व सोमवार को निजी स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ने वाले पांच वर्षीय एक मासूम बच्चा खून से लथपथ मिला था।

उसके गर्दन, पेट, आंख के ऊपर और उसके गुप्तांग पर धारदार हथियार से काटे जाने के कई जख्म पाए गए थे । घटना को लेकर काफी हंगामा मचा था। मृत लड़के के पिता के बयान पर उसकी हत्या किए जाने की प्राथमिकी थाने में दर्ज हुई थी।

जहानाबाद सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए मृत बच्चे के शव को लाया गया था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बेहतर जांच रिपोर्ट के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेजा था। एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से कई सैंपल इकट्ठा किए थे।

पीएमसीएच में तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम गठित कर मंगलवार की सुबह बच्चे का पोस्टमॉर्टम कराया गया। गुरुवार को यहां उसकी रिपोर्ट आई जिसमें उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की भी पुष्टि हुई। सोडोमी की पुष्टि होने के बाद परिजनों काफी गुस्से में हैं और उन्होंने सख्त से सख्त सज़ा की मांग की है।

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