दुनिया गोल
ताइवान की मुख्य विपक्षी नेता चीन पहुंचीं, राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हो सकती है मुलाकात
नई दिल्ली | ताइवान की मुख्य विपक्षी पार्टी की नेता छह दिन के चीन दौरे पर हैं, जिसकी दुनिया भर में चर्चा है। इस दौरे के दौरान उनकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात होने की संभावना है।
ताइवान में कुओमिन्तांग (KMT) पार्टी मुख्य विपक्षी दल है और चेंग ली-वुन को पिछले साल इसका अध्यक्ष चुना गया था। उन्होंने मीडिया को बताया कि
“चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से उन्हें दौरा करने का निमंत्रण मिला था जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। वे “शांति के लिए एक पुल” का काम करेंगी।”
खास बात यह है कि चेंग पिछले एक दशक में चीन की यात्रा करने वाली केएमटी (KMT) की पहली वर्तमान अध्यक्ष हैं।
बता दें कि चीन के ताइवान की वर्तमान सरकार के साथ तनावपूर्ण रिश्ते हैं। ताइवान में अगला आम चुनाव 2028 में होना है।
विपक्षी नेता चेंग के बीजिंग दौरे को लेकर ताइवान की सत्तारूढ़ पार्टी (DPP) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चेंग का रवैया बीजिंग के प्रति “दब्बू” जैसा है और उनकी यात्रा पर कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण होगा।
दरअसल, स्वशासित ताइवान को चीन अपना ही एक हिस्सा मानता है। चीन कहता है कि ताइवान अंततः उसका ही हिस्सा बनेगा। साथ ही चीन इसे हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से इनकार भी नहीं करता है।
ताइवान में डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) की 2016 में सरकार बनी, तब से यहां की सरकार चीन को “क्षेत्रीय शांति भंग करने का मुख्य दोषी” बताती आई है।
दुनिया गोल
अमेरिका-ईरान सीज़फायर : ईरान की वे शर्तें क्या हैं, जिन पर ट्रंप विचार करने को राजी हो गए?
नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच दो सप्ताह के सीज़-फायर (संघर्ष विराम) पर सहमति बन गई है। यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद हुआ है।
इस तरह ट्रंप ने अपनी उस ‘विनाशकारी’ धमकी को फिलहाल टाल दिया है जिसमें उन्होंने “एक पूरी सभ्यता को नष्ट” करने की बात कही थी। ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान के भेजे शांति प्रस्ताव पर विचार करेंगे। ईरान ने भी इस बात का उल्लेख करते हुए सीज़ फायर पर सहमति दे दी है।
ईरान ने इस युद्ध को खत्म करने के लिए एक 10-सूत्रीय प्लान (10-point Peace Plan) पेश किया है। ट्रंप ने इसे “काम करने लायक आधार” (Workable basis) बताया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने आधिकारिक बयान में कहा-
“संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच पिछले विवादों के लगभग सभी विभिन्न बिंदुओं पर सहमति बन गई है, लेकिन दो सप्ताह का समय इस समझौते को अंतिम रूप देने और इसे पूर्ण रूप से लागू करने की अनुमति देगा।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
ईरान की दस शर्तों वाला शांति प्रस्ताव
ईरान की ओर से पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजे गए दस बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव की आधिकारिक डिटेल सामने नहीं आई हैं लेकिन ईरानी मीडिया के हवाले से इन दस बिंदुओं पर पश्चिमी मीडिया व पश्चिम एशिया में रिपोर्टिंग हो रही है। इसके बिंदु इस प्रकार है-

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़
1- ईरानी निगरानी में होर्मुज़ खुलेगा : इस जलमार्ग को ईरान खोलेगा लेकिन इसका प्रबंधन ईरानी सेना के समन्वय में ही होगा।
2- आक्रामकता खत्म हो – सभी प्रकार की आक्रामक कार्रवाइयों को स्थायी रूप से बंद किया जाए।
3- सभी बैन हटाए जाएं : अमेरिका को ईरान पर लगे सभी प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंध (Primary & Secondary Sanctions) हटाने होंगे।
4- ईरान के खिलाफ प्रस्ताव खत्म हों : सुरक्षा परिषद (Security Council) के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (IAEA) के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना।
5- परमाणु कार्यक्रम को मान्यता: ईरान की मांग है कि अमेरिका उसके यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) के अधिकार को स्वीकार करे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप व ईरानी सुप्रीम लीडर।
6- सैन्य वापसी: पश्चिम-एशिया के देशों में मौजूद अमेरिकी लड़ाकू विमानों और सैन्य बलों की वापसी की शर्त शामिल है।
7- फ्रीज़ संपत्ति रिलीज़ हों: यह भी शर्त है कि विदेश में ईरान की सभी फ्रीज़ संपत्तियों (Frozen Assets) को तुरंत रिलीज किया जाए।
8- मुआवजे की मांग: युद्ध और प्रतिबंधों से हुए नुकसान के लिए ईरान को पूर्ण हर्जाना दिये जाने की शर्त शामिल है।
9- सुरक्षा की गारंटी: भविष्य में ईरान पर दोबारा हमला न करने की लिखित गारंटी मिलने की शर्त भी है।
10- लेबनान और सहयोगियों पर हमले का अंत: इज़रायल और अमेरिका द्वारा लेबनान और अन्य ईरानी सहयोगियों पर हमलों को रोकना भी प्रमुख शर्त है।
दुनिया गोल
बड़ी राहत: अमेरिका और ईरान के बीच सीज़ फायर; होर्मुज़ से मिलेगा सुरक्षित रास्ता, इस्लामाबाद में शांति वार्ता होगी
नई दिल्ली | अमेरिका व ईरान दो सप्ताह के लिए युद्ध रोकने पर राज़ी हो गए हैं। पाकिस्तान के पीएम ने इस बारे में बुधवार को ट्वीट करके घोषणा की, जिसमें बताया कि ईरान, लेबनान व उसके सहयोगियों के खिलाफ हमले न किए जाने पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। इसके बदले दो सप्ताह के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट से एक सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा।
यह घोषणा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने बुधवार सुबह 5:20 बजे एक्स पर ट्वीट करके सार्वजनिक की है। गौरतलब है कि अमेरिकी समय के हिसाब से घोषणा मंगलवार रात आठ बजे हुई , जो ईरान पर हमले को लेकर ट्रंप की दी गई डेडलाइन थी।
इस घोषणा के बाद व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बयान जारी किया, जिससे युद्ध रोकने की पुष्टि हुई। फिर ईरानी विदेश मंत्री ने एक्स पर बयान जारी करके बताया कि अगर अमेरिका हमले रोकेगा तो ईरान की देखरेख में दो सप्ताह के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट खोला जाएगा।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री का ट्वीट
ट्रंप ने की पुष्टि, हमला टाला
व्हाइट हाउस की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान जारी किया गया है। उन्होंने कहा है कि वे ईरान पर हमले व बमबारी को दो सप्ताह तक के लिए टाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दोतरफा संघर्ष विराम होगा। साथ ही बताया कि उन्हें दस सूत्री एक पीस प्लान ईरान की ओर से मिला है।

अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान, जिसे व्हाइट हाउस ने एक्स पर जारी किया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका व ईरान के बीच पुराने सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन गई है लेकिन अगले दो सप्ताह में समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले ट्रंप तीन बार ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमले की डेडलाइन आगे बढ़ा चुके हैं।
ईरान की देखरेख में खुलेगा होर्मुज़

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का एक्स पर जारी बयान।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर एक लंबा बयान साझा किया। जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के पीएम व फील्ड मार्शल को युद्ध रोकने के उनके प्रयासों के लिए शुक्रिया कहा। साथ ही कहा कि ईरान की ओर से अमेरिका को भेजे गए शांति योजना को राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से स्वीकार किए जाने और दो सप्ताह के लिए हमले न करने की उनकी घोषणा के बाद ईरान भी जवाबी कार्रवाई रोक देगा। साथ ही ईरान अपनी देखरेख में होर्मुज़ स्ट्रेट से दो सप्ताह के लिए सुरक्षित गलियारा देगा।
इस्लामाबाद में होगी शांति वार्ता
पाकिस्तान के पीएम ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि आगामी 10 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचेंगे। ” गौरतलब है कि दो सप्ताह पहले इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों को बुलाने की पाकिस्तान की कोशिश कामयाब नहीं हो सकी थी।

ओवल ऑफिस में पाकिस्तानी पीएम शहवाज शरीफ व फील्ड मार्शल आसिर मुनीर के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस। (तस्वीर -rawpixel)
ट्रंप की ‘डेडलाइन’ पर हुआ फैसला
गौरतलब है कि मंगलवार सुबह राष्ट्रपति ट्रंप ने एक “सभ्यता नष्ट” करने की चेतावनी देकर दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया था। उन्होंने ईरान को होर्मुज़ खोलने के लिए मंगलवार रात 8 बजे तक का समय दिया था। दिलचस्प बात यह है कि जैसे ही ट्रंप की दी हुई डेडलाइन खत्म हुई, ठीक उसी समय पाकिस्तान ने इस शांति समझौते की घोषणा कर दी।
दुनिया गोल
ट्रंप की कड़ी चेतावनी – “आज रात एक सभ्यता नष्ट होगी”; जानिए इस धमकी पर ईरान की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार की ईरान के ऊपर ‘बड़े हमले’ की चेतावनी जारी की है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा है कि “मंगलवार रात पूरी एक सभ्यता की मौत होने वाली है।”
राष्ट्रपति ट्रंप की यह चेतावनी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने होर्मुज़ खोलने के लिए मंगलवार की शाम आठ बजे (EST) तक की डेडलाइन दी है।
ट्रंप ने लिखा, –
“एक पूरी सभ्यता की आज रात मौत हो जाएगी और फिर कभी वापस नहीं आएगी। मैं ऐसा नहीं चाहता लेकिन शायद ऐसा हो सकता है। हालांकि, अब जब पूरी तरह शासन बदल चुका है। वहां अलग, ज़्यादा समझदार और कम कट्टर सोच वाले लोग आगे आए हैं, शायद कुछ क्रांतिकारी रूप से अच्छा हो सकता है, कौन जानता है?”
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का पोस्ट
राष्ट्रपति ट्रंप की इस धमकी के बाद दुनियाभर के लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर चिंता जाहिर कर रहे हैं।
दूसरी ओर, युद्ध रोकने व होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर ईरान की ओर से अभी तक किसी समझौते पर सहमति नहीं बनी है।
हालांकि ईरान की ओर से 6 अप्रैल को कहा गया था कि उसे पाकिस्तान की ओर से इसको लेकर एक संघर्ष विराम का प्रस्ताव मिला है लेकिन वह किसी “डेडलाइन के दवाब” में आकर निर्णय नहीं लेगा।
अमेरिका ने हद पार की तो हम भी संयम नहीं दिखाएंगे – IRGC
अब मंगलवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने ट्रंप की चेतावनी पर प्रतिक्रिया जारी की है। सरकारी मीडिया ने IRGC के हवाले से कहा गया है कि अगर अमेरिकी सेना “अपनी हदें पार करती है” तो वे भी “संयम” नहीं दिखाएंगे। ईरान, अमेरिका और उसके सहयोगियों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा और वर्षों तक क्षेत्र में तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित करेगा।
बयान में कहा गया है कि –
“अभी तक अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के ख़िलाफ़ काफ़ी संयम दिखाया है और अपने बदले के लिए लक्ष्य चुनने में सावधानी बरती है। लेकिन अब से इन चीज़ों का ध्यान नहीं रखा जाएगा। अगर अमेरिकी सेना अपनी हदें पार करती है, तो हमारी प्रतिक्रिया इस क्षेत्र से भी आगे तक जाएगी।”
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