रिपोर्टर की डायरी
Inside Story : गिरफ्तारी से 3 दिन पहले पप्पू यादव ने कहा था- ‘NEET छात्रा के परिवार से मिलेंगी प्रियंका गांधी’; दिल्ली में आज है बड़ा प्रदर्शन
- पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 31 साल पुराने केस में गिरफ्तार किया।
पटना | हमारे संवाददाता
पूर्णिया के सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी होने के बाद बिहार में यह चर्चा जोरों पर है कि उनकी गिरफ्तारी भले अदालती फरमान पर हुई हो पर इसके पीछे नीट छात्रा हत्याकांड है। इस बीच सांसद पप्पू यादव का तीन फरवरी को दिया गया एक बयान दोबारा चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नीट आकांक्षी छात्रा (Aspirent) के साथ हुए रेप व हत्या मामले में उन्होंने प्रियंका गांधी से बात की है और वे आने वाले दिनों में पीड़ित परिवार से मिलेंगी।
माना जा रहा है कि पप्पू यादव इस मामले को जिस जोर से उठा रहे थे, उससे नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार दवाब में आ रही थी। सांसद पप्पू यादव ने संसद में भी नीट छात्रा की हत्या का मामला उठाया था और वे इसे बिहार के बाद राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उठाने लगे थे।
दिल्ली के बड़े प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे पप्पू यादव
आज (8 feb) इसी मामले में नई दिल्ली में एक प्रदर्शन भी रखा गया है जिसमें पप्पू यादव को हिस्सा लेना था। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जहानाबाद से मृत लड़की के माता-पिता दिल्ली रवाना हो गए हैं। दैनिक भास्कर ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि सांसद पप्पू यादव दिल्ली से पटना शुक्रवार को इसी मामले में आए थे। उन्हें शनिवार को अदालत में उपस्थित होना था और उसके अगले दिन वे पीड़ित परिवार को अपने साथ दिल्ली लेकर जाने वाले थे जहां एक बड़ा प्रदर्शन जंतर-मंतर पर रविवार को होना है।
राहुल-प्रियंका ने गिरफ्तारी की आलोचना की
वहीं, सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद 7 फरवरी को राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके इसकी आलोचना। LOP राहुल गांधी ने कहा कि “नीतीश सरकार ने यह गिरफ्तारी इसलिए करवाई क्योंकि इस बेटी के लिए न्याय की आवाज़ बनकर साथी सांसद पप्पू यादव मजबूती से खड़े हुए थे।” प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “भाजपा की सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपियों के साथ खड़ी हो जाती हैं। इस केस में आवाज उठा रहे सांसद पप्पू यादव जी की गिरफ्तारी इसी असंवेदनशील रवैये की एक और कड़ी है।”
तेजस्वी ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा
इससे पहले नीट आकांक्षी छात्रा की मौत का मामला बिहार विधानसभा के बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उठाया था। तब उन्होंने बिहार में हुईं कई प्रमुख घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार से पूछा था कि क्या ये कानून का राज है?
पटना पुलिस ने एक और केस लगाया
सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के दौरान हुए हंगामे को लेकर पटना पुलिस ने सांसद व उनके समर्थकों पर सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर केस दर्ज किया है। पूर्णियां सांसद को बेऊर जेल के अंदर प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद वापस PMCH भेज दिया गया। उनके मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
प्रदेश रिपोर्ट
गोपालगंज में 80 करोड़ की ठगी: मुनाफे का लालच देकर यूपी की फर्जी कंपनी ने सैकड़ों को ठगा
- बिहार के गोपालगंज में लोगों के साथ 80 करोड़ की ठगी।
- जब ब्याज मिलना बंद हो गया तो ठगी का अहसास हुआ।
- एसपी के पास पहुंचे दर्जनों पीड़ित, खाते फ्रीज़ करने की अपील।
गोपालगंज | आलोक कुमार
गोपालगंज जिले में जालसाज़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी कंपनी ने लोगों को कम समय में निवेश दोगुना करने का झांसा देकर लगभग 80 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। लोगों का कहना है कि वे यूपी के गोरखपुर में एक व्यक्ति के जरिए अपनी रकम जमा कराते थे।
इस महाठगी के शिकार हुए दर्जनों पीड़ितों ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी विनय तिवारी से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ितों ने मुख्य आरोपी विश्वजीत श्रीवास्तव की गिरफ्तारी और अपनी डूबी हुई राशि वापस कराने की मांग की है।

फ्रॉड कंपनी में किए निवेश का चेक दिखाता एक पीड़ित।
ठगी की इस साजिश का शिकार हुए विशम्भरपुर थाना क्षेत्र के काला मटिहिनिया गांव निवासी सुदामा कुशवाहा ने एसपी को आवेदन देकर पूरी घटना बताई। सुदामा के अनुसार, वह मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था और सामान खरीदने अक्सर गोरखपुर जाते थे। वहीं, उसकी मुलाकात गोरखपुर के पादरी बाज़ार (हरसेवकपुर न०-2) निवासी विश्वजीत श्रीवास्तव से हुई।

एसपी से मिलने पहुंचे ठगी के शिकार लोग।
विश्वजीत ने खुद को रियल एस्टेट कारोबारी बताया और कम समय में पैसा दोगुना करने व आकर्षक ब्याज देने का झांसा देकर निवेश शुरू कराया। शुरुआत में कंपनी के एजेंटों ने कुछ लोगों को छोटा मुनाफा देकर उनका विश्वास जीता।
इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई, जमीन बेचकर मिली राशि और सेवानिवृत्ति के पैसे कंपनी में लगा दिए। जब मुनाफा मिलना बंद हुआ, तब निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ।

ग्रामीणों ने एसपी को आवेदन दिया।
पीड़ितों का कहना है कि ठगी गई राशि का आंकड़ा 80 करोड़ से भी ऊपर जा सकता है, क्योंकि जिले के विभिन्न प्रखंडों के हजारों लोग इस जाल में फंसे हुए हैं।
अभी इस मामले में पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रदेश रिपोर्ट
बेतिया (बिहार) : महादलित टोले के 150 मकानों में आग लगी, एक किशोरी झुलसी, कई मवेशियों की मौत
- पश्चिमी चंपारण के बैरिया प्रखंड में भीषण अगलगी।
- 150 घर राख, किशोरी झुलसी, मवेशियों की मौत।
बेतिया | मनोज कुमार
बिहार के पश्चिमी चंपारण के बैरिया प्रखंड में आग लगने से करीब 150 मकान जल गए। इस अगलगी की घटना में करीब दर्जनों मवेशियों की झुलसकर मौत हो गई। साथ ही, 14 वर्षीय एक लड़की गंभीर रूप से झुलस गई है, जिसका इलाज कराया जा रहा है।
ग्रामीणों का राशन-कपड़े आदि सभी जलकर राख हो गए हैं। मौके पर कई परिवार रोते नज़र आए। हालात का जायज़ा लेने पहुंचे स्थानीय विधायक सह आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद ने हर पीड़ित को 12 हजार रुपये की सहायता राशि तुरंत देने का निर्देश दिया है।

मौके पर आग बुझाने की कोशिश करती फायर बिग्रेड
आग लगने की यह घटना लौकरिया पंचायत के मुशहरी टोला वार्ड संख्या 3 और 5 में शुक्रवार की दोपहर को हुई। महादलित टोले में आग लगने से कई लोग बेघर हो गए हैं।
लोग अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर खेत-खलिहान की ओर भागने लगे।

आग बुझाने की कोशिश करते लोग
ग्रामीणों का आरोप है कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई लेकिन गाड़ियां काफी देर से पहुंचीं। जिसके चलते आग और फैलती चली गई।
फिलहाल मौके पर तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुटी हैं।

हवा काफी तेज़ चलने से आग तेज़ी से फैली और देखते ही देखती काफी मकान इसकी ज़द में आ गए।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य में लग गई है।
स्थानीय विधायक सह बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने का निर्देश दिया।

मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक सह मंत्री
मंत्री ने अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवारों के बीच तुरंत राहत सामग्री, प्लास्टिक शीट, 12 हजार रुपये की सहायता राशि, भोजन और रात में रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि गांव के 4-5 घरों में अगले महीने शादी थी, जिसके लिए रखे नगद, गहने, कपड़े और अनाज भी आग की भेंट चढ़ गए। इस हादसे ने कई परिवारों को पूरी तरह से बेघर और बेसहारा कर दिया है।
प्रदेश रिपोर्ट
अवैध खनन के लिए बदल दी सोन नदी की धारा, रोहतास के कई गांवों में जल संकट
- अवैध खनन से सोन नदी के तटीय इलाकों में जल संकट।
- रोहतास के कई गांव प्रभावित, जल स्तर एकदम घटा।
- खनन माफिया ने नदी की मुख्यधारा को बांध बनाकर रोका।
सासाराम, बिहार | अविनाश श्रीवास्तव
बिहार में सोन नदी पर होने वाले अवैध खनन के चलते गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। गर्मी शुरू होते ही सोन नदी के किनारे बसे सैकड़ों गांवों का जलस्तर घट गया है।
गांव के लोग पीने के पानी तक के लिए काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। डेहरी, डालमिया नगर, न्यू सिधौली से लेकर नासरीगंज तक के इलाकों में जल संकट है।

पानी की समस्या के बारे में बताते ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी अभी ठीक से शुरू तक नहीं हुई है और सभी चापाकल, कुए व मोटर पंप सूखने लगे हैं। साथ ही, सोन नदी के किनारे सब्जियां बोने वाले किसान पानी की कमी से सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
उन्हें बोरिंग के सहारे फसलों को पानी देना पड़ रहा है जो बहुत खर्चीला उपाय है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अवैध खनन करते हुए बालू माफिया अस्थायी बांध बना देते हैं जिसने पानी की धारा को बदल दिया है।
“पहले सोन नदी की मुख्य धारा स्वतंत्र रूप से एक छोर से होकर गुजरती थी, लेकिन अब इस धारा को अवैध खनन के लिए नदी के दूसरी छोर की तरफ मोड़ दिया गया है।”
इससे जलस्तर काफी नीचे खिसक गया है।

नल में पानी न होने की समस्या को बताते स्थानीय।
ग्रामीणों ने बताया कि इन गांवों में पहले 30 से 40 फीट की गहराई पर पानी मिल जाता था लेकिन अब वॉटल लेवल 70 से 80 फीट गहराई के भी नीचे पहुंच गया है।
घटते जलस्तर की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने सरकार की ‘नल-जल योजना’ को भी विफल बताया।

गांव में नल-जल में सप्लाई न आने की समस्या उठाती स्थानी महिला।
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि नल से घर तक पहुंचने वाले पानी का वादा तो किया गया लेकिन कई-कई दिनों तक पाइप में पानी की सप्लाई नहीं आती है, इसलिए वे पीने के पानी के लिए इस पर निर्भर नहीं रह सकते।
पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि सोन नदी में बालू खनन के लिए खनन माफिया ने जो बांध बना दिया है, उसे तुरंत प्रशासन हटाए।
इससे नदी की मुख्य धारा स्वतंत्र रूप से बहने लगेगी और आसपास के इलाकों में जलस्तर बना रह सके।
साथ ही उन्होंने नल-जल योजना की कमियां दूर करने की मांग उठाई है।
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