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रिपोर्टर की डायरी

बिहार: नाम पूछकर पीटा, निजी अंग में पेट्रोल डाला, गर्म रॉड से शरीर दागा… मॉब लिंचिंग के 7वें दिन मर गए नवादा के अतर हुसैन

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अस्पताल में इलाज के दौरान की तस्वीर।
अस्पताल में इलाज के दौरान की तस्वीर।
  • भीड़ की हिंसा के शिकार हुए 40 साल के कपड़ा व्यापारी की इलाज के दौरान मौत।
  • करीब 20 हमलावरों ने युवक को पीटा, पुलिस ने मौके पर बचाकर भर्ती करवाया था।

नवादा | अमन कुमार

बिहार के नवादा जिले में धर्म के आधार पर पकड़कर भीड़ ने एक युवक को क्रूरता से पीटकर अधमरा कर दिया, घटना के सातवें दिन 12 दिसंबर की रात उनकी मौत हो गई है। उनका इलाज नालंदा के अस्पताल में चल रहा था। भीड़ ने युवक के निजी अंगों में पेट्रोल डाला और लोहे की गर्म रॉड से उनके शरीर को दागकर इतना पीटा कि उंगलियां टूट गईं थी। आखिर में वह व्यक्ति धर्म के नाम पर की गई क्रूरता की बलि चढ़ गया।

बीते पांच दिसंबर को रोह थाना क्षेत्र के भट्टा गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली यह घटना हुई जिसमें कपड़ा व्यापारी मोहम्मद अतहर हुसैन (40) को बेरहमी से पीटा गया।

नाम पूछकर बाइक से उतारकर घेर लिया

घटना के दो दिन बाद अतहर ने कैमरे पर अपना बयान दर्ज करवाया, जिसके मुताबिक कि वे नालंदा से रोज नवादा आकर कपड़ा बेचते थे। घटना के दिन वे डुमरी गांव से लौट रहे थे, तभी भट्टा गांव में नशे में धुत 6-7 लड़कों ने उन्हें रोक लिया और नाम पूछकर जबरन उन्हें बाइक से उतारकर लूटपाट की। फिर हाथ-पैर बांधकर कमरे में बंद कर दिया। पैंट उतारकर अपराधियों ने उनके निजी अंग तक जांचे और पेट्रोल डाला। फिर गर्म लोहे की रॉड से उनके शरीर के कई हिस्सों को दाग दिया। उनकी उंगलियां व हाथ-तोड़ दिए। अतहर हुसैन ने बताया कि इन हमलावरों के साथ बाद में और लोग भी जुड़ गए और करीब 15 से 20 लोगों ने उनसे मारपीट की।

पुलिस ने बचाकर भर्ती करवाया

इस घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने अतहर को बचाया था और नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से गंभीर हालत में उन्हें नालंदा के बिहारशरीफ जिला मुख्यालय के लिए रेफर कर दिया गया।

अब तक तीन आरोपी ही पकड़ में आए

रोह थाना प्रभारी रंजन कुमार ने बताया कि मॉब लिंचिंग की इस घटना में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तार किया गया है जिनके नाम सोनू कुमार, रंजन कुमार और श्री कुमार हैं। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम

फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में मजिस्ट्रेटी पोस्टमार्टम कराया गया।इस जघन्य घटना ने एक बार फिर बिहार में धर्म के नाम पर हो रही हिंसा के सवाल खड़े कर दिए हैं।

नालंदा का रहने वाला था मृतक

भीड़ की हिंसा का शिकार हुए मो. अतहर हुसैन नालंदा जिले के रहने वाले थे। लेहरी थाना क्षेत्र के गगन डीह मोहल्ला में उनका घर है। वे पिछले 20 साल से नवादा में कपड़ा ले जाकर बेचते थे।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी

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मधेपुरा | रजनीश सिंह

बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?

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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

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  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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