लाइव पन्ना
बिहार में चार जिलों की सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, हड़कंप मचा
- बेगूसराय सिविल जज के पास ईमेल से आई बम धमाके की धमकी।
- सिवान, मुजफ्फरपुर व भागलपुर में भी धमकी के बाद सर्च ऑपरेशन।
पटना|
बिहार के चार जिलों में जिला अदालत को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसने प्रशासनिक और न्यायिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। बेगुसराय, मुजफ्फरपुर, सिवान व भागलपुर की जिला अदालतों में ईमेल भेजकर बम धमाके की धमकी दी गई। आज (28 jan) सुबह ईमेल पर आई धमकी के बाद कोर्ट की ओर से जिला प्रशासन को सूचित किया गया, प्रशासन ने तुरंत कोर्ट परिसरों को खाली कराकर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की भी कोर्ट परिसर में तैनाती हुई।
बेगूसराय : सिविल जज को ईमेल पर मिली बम धमाके की धमकी
धनंजय झा | बेगूसराय सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने का धमकी मिलने की खबर है। जिला जज को ईमेल के जरिए यह धमकी दी गई है, जिसके बाद सिविल कोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कोर्ट परिसर में इस सूचना के बाद लोग सतर्कता बरत रहे हैं, स्थिति नियंत्रण में है।
धमकी भरे मेल में जज को सॉरी बोला – ईमेल में लिखा हुआ है कि “तमिलनाडु में कॉन्टेबलों से कपड़े धुलवाए जा रहे हैं और वहां की मीडिया DMK की गुलाम है, वहां की समस्या आप तक पहुंचाने के लिए सॉरी।” साथ में यह भी विवरण दिया है कि संभावित धमाके कैसे हो सकते हैं। इस ईमेल की पुष्टि कराने के लिए सिविल जज ने इसकी कॉपी तुरंत बेगूसराय एसपी को जांच के लिए भेज दी है।
मुजफ्फरपुर में कोर्ट परिसर खाली कराया गया
बेगुसराय कोर्ट में बम की धमकी के थोड़ी देर बाद मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। यहां भी एहतियातन कोर्ट परिसर खाली कराया गया और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई।
भागलपुर में भी धमकी की खबर, पुलिस बोली-रूटीन ड्रिल
अतिश दीपांकर | भागलपुर जिला परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर है, हालांकि इस मामले में प्रेस वार्ता करके सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि हमें ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है लेकिन कोर्ट में काफी दिन से सुरक्षा को लेकर ड्रिल नहीं हुई थी इसलिए आज वहां ड्रिल की गई।
सिवान में जज के साथ प्रशासन को भी मिला ईमेल
प्रभात खबर के मुताबिक, सिवान सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी का ईमेल एसपी और डीएम को भी मिला, जिसके बाद प्रशासन ने दोपहर 12 बजे तक कोर्ट परिसर में आम लोगों और वकीलों की एंट्री पर रोक लगा दी। पुलिस टीम ने वहां भी सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
नोट – खबर अपडेट की जाएगी।
लाइव पन्ना
बिहार में सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस होगी बैन, पॉलिसी तैयार करने के लिए कमेटी बनी
- सरकारी अस्पतालों पर आम लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए सीएम नीतीश कुमार का कदम।
पटना |
बिहार में जल्द सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर बैन लगाने के लिए पॉलिसी तैयार हो जाएगी। बीते मंगलवार (27 जनवरी) को स्वास्थ्य विभाग ने नीति तैयार करने के लिए एक हाईलेवल कमेटी का गठन कर दिया है। गौरतलब है कि समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसको लेकर घोषणा की थी और कहा था कि निजी प्रैक्टिस बंद कराने की पॉलिसी से आम जनता को लाभ होगा क्योंकि तब सरकारी डॉक्टरों की अस्पतालों में उपलब्धता बढ़ेगी।
इन मॉडलों पर विचार कर सकती है समिति
पॉलिसी का क्या फायदा होगा ?
अगर प्राइवेट प्रैक्टिस बैन करने की नीति ठीक ढंग से लागू होती है तो सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए लंबे इंतजार की सूरत बदलेगी। अस्पतालों में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी और रेफरल सिस्टम की मनमानी पर काफी हद तक लगाम लग सकती है।
लाइव पन्ना
Breaking News : महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की Plan Crash में मौत
- मुंबई से बारामती जा रहा था चार्टर प्लेन, अजित समेत पांच लोग सवार थे।
नई दिल्ली |
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की आज (28 jan) सुबह पौने नौ बजे एक विमान हादसे में मौत हो गई है। विमान में अजित समेत पांच लोग सवार थे जिसमें से कोई नहीं बच सका। ये विमान हादसा पुणे(महाराष्ट्र) के बारामती में हुआ।
यह चार्टर विमान (VTSSK, LJ45) मुंबई से बारामती जा रहा था। बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान विमान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने हादसे की पुष्टि की है। इस हादसे के बाद महाराष्ट्र में तीन दिनों का शोक घोषित किया गया है।
विमान में अजित पवार के अलावा चार अन्य लोग सवार थे जिसमें दो क्रू मेंबर और अजित पवार के दो सहयोगी भी थे। इसमें अजित पवार के निजी सहायक अनिल ढिकले और उनके सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। अजित पवार एक जनसभा को संबोधित करने के लिए जा रहे थे।
लाइव पन्ना
UGC नियमों के खिलाफ इस्तीफा देने वाले बरेली सिटी मजिस्ट्रेट सस्पेंड, योगी सरकार ने जांच बैठाई
- बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को ईमेल के जरिए इस्तीफा दिया।
- UGC के नए समता नियम व शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से बदसलूकी पर नाराजगी जतायी।
- योगी सरकार ने 2018 बैच के इस PCS अफसर के खिलाफ अनुशासनहीनता की जांच बैठाई।
नई दिल्ली|
उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए समता नियमों के विरोध में इस्तीफा दे दिया, इसके बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। द मिंट ने आधिकारिक सूत्रों के आधार पर दावा है कि यूपी सरकार ने इस अफसर के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है और सोमवार की रात उन्हें सस्पेंड करके शामली जिलाधिकारी कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार की ओर से 13 जनवरी को उच्च शिक्षण संस्थानों में OBC/SC/ST विद्यार्थियों के साथ होने वाले भेदभाव से निपटने के लिए नई समता गाइडलाइन जारी की हैं। इस नए नियम को काला कानून बताते हुए बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार (26 jan) को इस्तीफा दे दिया।
शंकराचार्य से ‘बदसलूकी’ का भी मुद्दा उठाया
इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने एक पोस्टर लेकर अपना विरोध जताया, जिसमें लिखा है कि UGC अपना काला कानून वापस ले, साथ ही लिखा है कि माघ मेला के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और संतों के साथ हुए अपमान को नहीं सहा जाएगा। इस इस्तीफे ने यूपी में एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया।
बरेली मंडल के कमिश्नर करेंगे जांच
उत्तर प्रदेश सरकार के नियुक्ति अनुभाग-सात से विशेष सचिव अन्नपूर्णा गर्ग के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि अग्निहोत्री ने प्रथम दृष्ट्या अनुशासनहीनता की है, जिसके कारण तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए बरेली मंडल के आयुक्त बीएस चौधरी को पदेन जांच अधिकारी नामित किया जाता है।
DM आवास में बंधक बनाने का दावा
26 जनवरी की शाम सिटी मजिस्ट्रेट डीएम आवास से बाहर निकले और उन्होंने स्थानीय मीडिया के सामने आरोप लगाया कि डीएम आवास में उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाए रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि डर व असुरक्षा के चलते उन्होंने अपना सरकारी आवास छोड़ दिया है। हालांकि बरेली जिलाधइकारी ने इस आरोप को खारिज किया है।
नए UGC नियम को समझिए
सभी विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान कराने के मकसद से यूजीसी ने हर हायर एजुकेशन संस्थान के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की हैं, जिसमें हर संस्थान को अपने यहां जातिगत भेदभाव से जुड़ी शिकायतें सुनने के लिए कमेटी बनानी होगी और उसका समाधान करना होगा ताकि सभी जाति के विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर मिलें। इस मामले में सवर्ण जाति के कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि नए नियम से उनके खिलाफ झूठी शिकायतें होने लगेंगी और उनसे भेदभाव बढ़ जाएगा, कुछ ऐसा ही स्टैंड बरेली पीसीएस अफसर का है और इसी को लेकर उन्होंने इस्तीफा दिया।
-
जनहित में जारी3 months agoClimate Risk Index 2026: मौसम की मार झेलने वाले टॉप-10 में भारत शामिल, 30 सालों में 80,000 मौतें.. ₹14 लाख करोड़ का नुकसान
-
रिपोर्टर की डायरी3 months agoडालमिया नगर: 40 साल बाद भी बिहार के हर चुनाव में क्यों जिंदा हो जाती है इसकी याद?
-
चुनावी डायरी3 months agoबिहार में दूसरे चरण की वोटिंग जारी..रिकॉर्ड वोटिंग के संकेत
-
चुनावी डायरी3 months agoBihar Election: कई जिलों में वोट का बहिष्कार! जानिए कहां और क्यों नाराज हुए मतदाता
-
लाइव पन्ना3 months agoदिल्ली ब्लास्ट को लेकर कल से आज तक क्या-क्या हुआ?
-
चुनावी डायरी3 months agoबिहार : चुनाव के बीच लापरवाही.. समस्तीपुर में कचरे में मिलीं हजारों वीवीपैट पर्चियां
-
रिसर्च इंजन3 months agoManipur Civil Services Exam Postponed Again: दो साल की हिंसा के बीच बड़ी चूक, 100 पदों की परीक्षा स्थगित – उम्मीदवारों को बड़ा झटका
-
चुनावी डायरी3 months agoBihar News : सहरसा में RJD नगर अध्यक्ष के बेटे की हत्या, 10 लोगों पर केस दर्ज





