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Study : 20 साल में दोगुना हुआ बच्चों में High Blood Pressure का खतरा, जानें क्यों बढ़ रहा और क्या करें परिवार?

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर
  • 21 देशों के 4 लाख बच्चों के ऊपर हुए 96 अध्ययनों के मेटा डेटा के जरिए सामने आए चिंताजनक परिणाम।

नई दिल्ली |

हाई बीपी को हम अब तक बड़ी उम्र के लोगों की बीमारी मानते रहे हैं लेकिन पिछले 20 साल में यह बीमारी छोटे बच्चों और किशोरों को बुरी तरह जकड़ चुकी है।

एक नए वैज्ञानिक अध्ययन से पता लगा है कि पिछले दो दशक में दुनिया भर के बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर के मामले लगभग दोगुने हो गए हैं।

यह स्टडी प्रतिष्ठित जर्नल “द लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ” में प्रकाशित हुआ।

इसमें 21 देशों के 4 लाख बच्चों के ऊपर हुए 96 अध्ययनों के डेटा का विश्लेषण करके रिजल्ट प्रकाशित किए गए हैं।

स्टडी में पाया गया कि इतनी तेजी से बच्चों में उच्च रक्तचाप के मामले इसलिए बढ़े क्योंकि उनके जीवनशैली में बदलाव हुआ।
आउटडोर गेम न खेलने से उनकी शारीरिक गतिविधि घटीं और खाने पीने की आदतों के चलते मोटापा बढ़ा।

 

दुनिया में 11.4 करोड़ बच्चे हाई बीपी के गंभीर मरीज

मेटा स्टडी के मुताबिक, दुनिया में 114 मिलियन (11 करोड़ से ज्यादा) बच्चे 19 साल की उम्र पूरा करने से पहले ही High BP के गंभीर मरीज बन चुके हैं। अब उन्हें पूरे जीवन जानलेवा हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी और कई दूसरी कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

 

रिपोर्ट में बड़ा खुलासा – बच्चों का BP 3.2% से बढ़कर 6.2% हुआ

दुनिया के 21 देशों में किए गए 96 अध्ययनों और 4 लाख से ज़्यादा बच्चों के डेटा की समीक्षा में पाया गया कि:

1. 2000 में: 3.2% बच्चों में हाई BP था

2. 2020 में: यह बढ़कर 6.2% हो गया

यानी 20 साल में बच्चों का BP लगभग दोगुना।

2% बच्चे “Pre-Hypertension” में – यानी BP बढ़ने की शुरुआत

रिपोर्ट के अनुसार:

  • 8.2% बच्चे प्री-हाइपरटेंशन में हैं
  • किशोरों (Teenagers) में यह दर 11.8% तक पहुंच गई

यानी हर 12 में से 1 बच्चा BP बढ़ने की कगार पर है।

 


 

क्यों बढ़ रहा बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर?

सबसे बड़ा कारण — मोटापा + नमक

रिसर्च के अनुसार BP बढ़ने के तीन मुख्य कारण हैं:

1. Obesity (मोटापा) — सबसे बड़ा खतरा

  • मोटापे वाले लगभग 19% बच्चों में हाई BP पाया गया
  • जबकि सामान्य वजन वाले बच्चों में यह केवल 3% से भी कम है

 

2. ज्यादा नमक (High Salt Intake)

आज बच्चे जरूरत से कई गुना ज्यादा नमक खा रहे हैं। जैसे—

  •  चिप्स
  • पिज़्ज़ा
  •  नूडल्स
  • फ्रोज़न फूड
  •  पैकेट स्नैक्स
  • सॉस
  • प्रोसेस्ड मीट

हाई नमक सीधे BP बढ़ाता है।

3. कम शारीरिक गतिविधि + स्क्रीन टाइम

  • घंटों फोन, टैब, गेम्स
  • बाहर खेलने की कमी
  • स्कूल के बाद भी एक्टिविटी बहुत कम

 

डॉक्टर क्यों चिंतित हैं?

विशेषज्ञों का कहना है अगर आज ध्यान नहीं दिया तो बच्चा बड़े होकर गंभीर मरीज बन सकते हैं-

1. Childhood hypertension बचपन से लेकर बुढ़ापे तक खतरनाक बीमारियों का कारण बनता है, इससे आगे चलकर जोखिम बढ़ता है:

  • हार्ट अटैक
  • स्ट्रोक
  • किडनी फेलियर
  • डायबिटीज
  • मोटापा

 

क्या करें माता-पिता? आसान उपाय

1. बच्चों के खाने में नमक कम करें

  • प्रोसेस्ड फूड कम
  • घर का ताज़ा खाना ज़्यादा
  • स्वाद के लिए नींबू, हर्ब्स, मसाले इस्तेमाल करें

2. रोज़ एक घंटे की Physical Activity

  • खेल-कूद, साइकिलिंग, रनिंग आदि गतिविधियां करें।

3. स्क्रीन टाइम कम करें

  • मोबाइल/गेमिंग को लिमिट में रखें।

4. वजन कंट्रोल में रखें

  • संतुलित आहार + एक्टिव लाइफ स्टाइल

5. Regular BP Check-up

  • खासकर उन परिवारों में जहां माता-पिता को BP की समस्या है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हम बच्चों के खान-पान और दिनचर्या पर ध्यान नहीं देंगे तो भविष्य में हम एक ऐसी पीढ़ी तैयार करेंगे जिसे कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों से लड़ना पड़ेगा।


Edited by Mahak Arora

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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