Connect with us

रिपोर्टर की डायरी

बिहार पुलिस ने शराबबंदी में एक आदमी को पकड़ा, जेल में मौत

Published

on

पति की पुलिस हिरासत में मौत की जानकारी महिला
  • पत्नी का आरोप- पुलिस ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, नहीं देने पर जेल भेज दिया
  • तीस ग्रामीणों ने एनएच 139 घेरा, पुलिस ने लाठी चार्ज किया, विधायक मौके पर पहुंचे

अरवल | आजाद खान

मछली पकड़ने का काम करके अपना घर चलाने वाले एक आदमी को उत्पाद पुलिस शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया, तीन दिन के बाद आरोपी की जेल में मौत हो गई। मृतक की पत्नी का कहना है कि उनका पति थोड़ी-बहुत शराब पीते थे पर शराब कभी नहीं बेची, पुलिस ने पैसे के लालच में फंसाकर जेल भेजा।

पति की पुलिस हिरासत में मौत की जानकारी महिला

पति की पुलिस हिरासत में मौत की जानकारी महिला

अरवल में उत्पाद विभाग ने सकरी पंचायत के मदन सिंह टोला में बीते सोमवार को छापामारी की थी। इस दौरान वह 30 साल के प्रमोद चौधरी (पिता मुखलाल चौधरी) को गिरफ्तार करके ले गई। मृतक की पत्नी फुलवंती ने बताया कि बुधवार को उनके पास फोन आया था कि उनके पति सदर अस्पताल में भर्ती हैं। वे पूरे अस्पताल में भटकती रहीं पर पति नहीं मिले और उनकी अकड़ी हुई लाश बाद में मोरर्ची में रखी हुई थी।

20 हजार रुपये नहीं दिए तो जेल भेज दिया

मृतक प्रमोद की पत्नी फुलवंती का कहना है कि उनके घर आठ सितंबर को पुलिस आई और पति को शराब बेचने के आरोप में पकड़कर ले जाने लगी। उनका आरोप है कि सादी वर्दी वाले लोगों (उत्पाद पुलिस) से जब उन्होंने पति को छोड़ने की गुहार लगाई तो उनमें से एक व्यक्ति ने उनसे 20 हजार रुपये मांगे। फुलवंती का कहना है कि उनके पास इतने रुपये नहीं थे तो पुलिस पति को अपने साथ ले गई। महिला ने बताया कि वे अपने पांच छोटे-छोटे बच्चों को लेकर दो दिन थाने दौड़ती रहीं पर पति को नहीं छोड़ा। तीसरे दिन 11 सितंबर को उनके पास पुलिस का फोन आया कि ‘अस्पताल आकर अपने पति की सेवा करो।’  अस्पताल में काफी भागदौड़ के बाद उन्हें पता लगा कि पति की तो मौत हो चुकी है।

आक्रोशित ग्रामीणों राष्ट्रीय राज्य मार्ग घेरा 

पुलिस हिरासत में मौत से आक्रोशित प्रमोद की पत्नी फुलवंती समेत तीस ग्रामीणों ने जहानाबाद पहुंचकर एनएच 139 जाम कर दिया। जाम लगता देखकर पुलिस ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों पर लाठी चार्ज कर दिया जिसमें 28 महिलाएं और 2 पुरुष घायल हो गए। मृतक की पत्नी फुलवंती देवी के दो बेटे और तीन बेटियां हैं और एक बेटी मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही है। ग्रामीणों ने फुलवंती की माली हालत का हवाला देते हुए प्रशासन से दस लाख रुपये मुआवजे की मांग की। इस मौके पर विधायक महानंद सिंह, जिला सचिव जितेंद्र यादव आदि प्रमुख नेता पहुंचे। विधायक ने पुलिस अफसरों से स्थानीय लोगों की बात करवाई, आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने जाम हटाया।

गरीबों को शराब में फंसा रही पुलिस, हिरासत में मौत मर्डर है- विधायक 

विधायक महानंद सिंह ने इस मामले में कहा कि जदयू- भाजपा की सरकार में गरीबों को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है। पुलिस हिरासत में एक गरीब की मौत होना मर्डर है, अगर किसी की शराब पीने की आदत हो गई है तो उसे इस आधार पर गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। पुलिस की आदत है कि जो पैसा दे देता है, उसे छोड़ देती है और रिश्वत न दे पाने वाला गरीब जेलों में सड़ता रहता है। बिहार की जेलों में बंद अधिकांश लोग गलत केसों में बंद हैं और सभी गरीब तबके के हैं।

बिहार में हिरासत में मौत के स्थिति गंभीर

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की नवीनतम “Prison Statistics India 2022” रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में जेलों में कस्टोडियल डेथ्स (हिरासत में मौतें) चिंता का विषय बनी हुई हैं। रिपोर्ट में राज्य-विशिष्ट आंकड़ों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन राष्ट्रीय डेटा के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि बिहार में साल 2022 में लगभग 150-200 मौतें हुईं, जिनमें ज्यादातर प्राकृतिक कारणों (बीमारी, उम्र) से जुड़ी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर 1,000 से अधिक प्राकृतिक और 159 अप्राकृतिक मौतें दर्ज की गईं, जिसमें बिहार का हिस्सा महत्वपूर्ण रहा। इस मामले में सटीक आंकड़ों के लिए NCRB की नवीनतम रिपोर्ट (2023-2025) का इंतजार करना होगा, जो अभी जारी नहीं हुई है।
बिहार की जेलों में क्षमता से 130% ज्यादा कैदी 
बिहार की जेलों में क्षमता 47,750 कैदियों की है, लेकिन ओवरक्राउडिंग (130% से अधिक) और मेडिकल सुविधाओं की कमी ने मौतों की दर को बढ़ाया है।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

रिपोर्टर की डायरी

बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी

Published

on

मधेपुरा | रजनीश सिंह

बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?

Continue Reading

रिपोर्टर की डायरी

गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

Published

on

  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

Continue Reading

रिपोर्टर की डायरी

शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

Published

on

परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

Continue Reading
Advertisement

Categories

Trending