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रिपोर्टर की डायरी

Board Exam शुरू होने से 30 मिनट पहले एंट्री बंद कर दी, हताश Student ने दे दी जान

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पटना के मसौढ़ी के गांव खरजमा में बेटी की मौत के बाद बिलखते परिजन।(फोटो : पटना संवादाता)
पटना के मसौढ़ी के गांव खरजमा में बेटी की मौत के बाद बिलखते परिजन। (फोटो : पटना संवादाता)
  • बिहार 10वीं बोर्ड की छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। 
  • 9 बजे तक रिपोर्टिंग टाइम था, पर वह 9:10 बजे पहुंची थी।
  • परीक्षा 9:30 बजे शुरू होनी थी पर एंट्री मिलने से हताश थी।

पटना |

बिहार बोर्ड के पेपर शुरू हो चुके हैं और इस बार पेपर शुरू होने से आधे घंटे पहले सेेंटर पर पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके चलते बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स के पेपर छूट रहे हैं। इस नई व्यवस्था ने पटना में दसवीं की एक छात्रा की जिंदगी छीन ली। एंट्री के लिए तय समय से दस मिनट देरी से पहुंची छात्रा को परीक्षा के लिए प्रवेश नहीं मिला, जिससे हताश होकर उसने चलती ट्रेन के आगे कूदकर जान (Suicide) दे दी है। इस घटना का संज्ञान लेते हुए बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है।

बिहार के मुंगेर में समय से कुछ मिनट लेट होने के कारण दीवार फांदकर परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश करती छात्रा। (प्रतीकात्मक)

बिहार के मुंगेर में समय से कुछ मिनट लेट होने के कारण दीवार फांदकर परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश करती छात्रा। (प्रतीकात्मक)

गौरतलब है कि पूरे बिहार में बोर्ड परीक्षा के दौरान कई ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जब एग्जाम सेंटर बंद होने से परेशान स्टूडेंट और अभिभावक वहां मौजूद पदाधिकारियों के सामने रोते-गिड़गिड़ाते देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं छोटी उम्र के इन विद्यार्थियों के मन पर बुरा असर डालती हैं, इसका एक उदाहरण पटना की हालिया घटना में देखने को मिला है।

पेपर नहीं देने दिया तो चलती ट्रेन के आगे कूदी छात्रा

दसवीं की छात्रा थी कोमल। : (फाइल फोटो)

दसवीं की छात्रा थी कोमल। : (फाइल फोटो)

यह घटना 17 फरवरी को पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र के महाराजचक गांव में हुई, जहां चलती ट्रेन के आगे कूदकर छात्रा कोमल कुमारी ने जान दे दी। यह छात्रा समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के लिए अपने गांव खरजमा से अपने रिश्तेदार के घर महाराजचक चली गई थी।  महाराजचक से छह किलोमीटर की दूरी पर उसका परीक्षा केंद्र बरनी नामक जगह पर था।  जहां मंगलवार की सुबह वह पेपर देने के लिए निकली पर 9:10 बजे सेंटर पर पहुंच पाई, जबकि सेंटर का गेट दस मिनट पहले यानी नौ बजे बंद हो गया था।

सर, प्लीज गेट खोल दीजिए, मेरे करियर का सवाल है…

बेटी की मौत के बाद घटना की जानकारी देते मृतका के पिता मसौढ़ी के खरजमा गांव निवासी मंटू यादव। (फोटो : पटना संवादाता)

बेटी की मौत के बाद घटना की जानकारी देते मृतका के पिता मसौढ़ी के खरजमा गांव निवासी मंटू यादव। (फोटो : पटना संवादाता)

छात्रा के पिता मसौढ़ी के खरजमा गांव निवासी मंटू यादव के मुताबिक, परीक्षा केंद्र पहुंचने पर गेट बंद मिला तो कोमल गेट खटखटाकर बार-बार निवेदन कर रही थी, सर प्लीज गेट खोल दीजिए, परीक्षा 9:30 बजे शुरू होगी। वह सिर्फ दस मिनट लेट थी, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। काफी प्रयास के बाद भी जब गेट नहीं खुला तो वह निराश होकर घर लौट आई।

तेजस्वी ने सरकार को घेरा, परिजनों को मुआवजा मांगा

तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव

वहीं, इस मामले में अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने एक्स पर ट्वीट करके लिखा है कि “बिहार की बेटियों का काल बनी नीतीश-भाजपा सरकार।” उन्होंने लिखा कि जाम और अव्यवस्था के चलते परीक्षा केंद्र पहुंचने में कुछ मिनटों की देरी हो गई और उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला, पर किसी का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने सरकार से  परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही मांग की है कि चंद मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने पर छात्रों का प्रवेश न रोका जाए।

परीक्षा नहीं दे सके स्टूडेंट्स को फिर मौका देगा बोर्ड

बोर्ड परीक्षा के सेंटर पर पेपर के समय से आधे घंटे पहुंचने के अनिवार्य नियम की काफी आलोचना के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने नई व्यवस्था बनाई है। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि किसी कारणवश परीक्षा छूटने वाले स्टूडेंट्स को फिर से बोर्ड एग्जाम में भाग लेने का एक और मौका रहेगा। बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद BSEB की ओर से ऐसे छात्रों के लिए विशेष परीक्षा का आयोजन होगा। विशेष परीक्षा के लिए अप्रैल में आवेदन करना होगा।

 

 

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रोहतास में दूल्हे के भाई समेत 3 युवकों की मौत; कुत्ते ने काटा या जहरीली शराब का असर?

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मौत के कारणों की जांच करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम। (तस्वीर- टीम बोलते पन्ने)
मौत के कारणों की जांच करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम। (तस्वीर- टीम बोलते पन्ने)
  • रोहतास जिले में तिलक में शामिल हुए तीन लोगों की मौत से हड़कंप।
  • तीनों युवकों के शराब पीने से मौत की आशंका, प्रशासन का इनकार।
  • पटना से पांच डीएसपी की टीम ने गांव पहुंचकर शुरू कर दी जांच।

सासाराम | अविनाश कुमार श्रीवास्तव

बिहार के रोहतास जिले में एक तिलक कार्यक्रम में शामिल हुए कम से कम तीन लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत होने की खबर है। इन मौतों के पीछे का कारण जहरीली शराब होने की संभावना को देखते हुए पटना से पांच डीएसपी की विशेष जांच टीम मौके पर पहुंची है। 14 फरवरी को हुए कार्यक्रम के दो दिन के भीतर तीन मौतें होने के बाद स्थानीय सोशल मीडिया पर इसको लेकर चर्चा शुरू हुई, जिसके बाद प्रशासन सतर्क हुआ।

आबकारी अफसर बोले- कुत्ता काटने से मौत हुई, शराब से नहीं

सोशल मीडिया पर मौतों की संख्या तीन से ज्यादा बताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। इस बीच चौंकाने वाली बात यह है कि जांच करने पहुंचे जिला आबकारी असिस्टेंट कमिश्नर ने एक मौत के पीछे का कारण डॉग बाइट बताया। अधिकारी तारिक महमूद का कहना है कि कुत्ते के काटने के बाद मौत हुई है।

जिला उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त तारिक महमूद

जिला उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त तारिक महमूद

बिहार DGP क्या बोले?

कुल मौतों की संख्या और मौत के कारण को लेकर जिला SP कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं। इस बारे में संवाददाता ने जब बिहार डीजीपी विनय कुमार को फोन लगाकर पूछा कि क्या पांच लोगों की मौत शराब पीने से हुई है तो उन्होंने बताया कि अभी इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है। अगर ऐसा कोई कारण निकलकर आता है तो एफआईआर करके कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर से बिहार में जारी शराब बंदी की सफलता पर सवाल खड़ा कर दिया है। बिहार में दस साल से जारी शराबबंदी के बीच कच्ची व विदेशी शराब की तस्करी आम है। शादी समारोह व अन्य छोटे-बड़े कार्यक्रमों में शराब बांटे जाने की खबरें भी सामने आती रहती हैं।

तिलक कार्यक्रम के बाद तबीयत बिगड़ी

रोहतास जिले में बीते 14 फरवरी को बिक्रमगंज प्रखंड के मठिया गांव में एक तिलक चढ़ा। इस तिलक कार्यक्रम से लौटने के बाद अलग-अलग गांव के तीन लोगों की मौत की पुष्टि परिवार व प्रशासन ने की है। मरने वालो में दूल्हे का भाई भी शामिल है।

पिता बोले- कुत्ता काटने से तुरंत मौत कैसे?

इस घटना को लेकर दूल्हे के पिता पूरन सिंह ने कहा कि उनके बेटे लल्लू को कुत्ते ने काटा था, पर वह शराब भी पीता था। उन्हें आशंका है कि तिलक के बाद उनके बेटे व अन्य लोगों ने शराब पी होगी, जिससे उनकी मौत हो गई क्योंकि कुत्ते के काटने के कुछ घंटों बाद ही मौत कैसे हो सकती है?

16 फरवरी को लल्लू की मौत के बाद उनके रिश्तेदार सबदला गांव निवासी अभिजीत सिंह की मौत की भी खबर आई। मरने वालो में तीसरा नाम भोजपुर जिले के राहुल का है।

दो और युवकों की मौत की चर्चा

इसके अलावा, दो अन्य युवकों की भी मौत की खबर है जो अकोढ़ीगोला निवासी व पेशे से बावर्ची बताए जा रहे हैं, हालांकि इसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की जा सकी है।

उत्पाद टीम ने गांव जाकर जांच की

इन मौतों के बाद स्थानीय सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ी तो 17 फरवरी को उत्पाद विभाग की टीम ने जाकर सभी गांव में जांच की। इस दौरान  जिला आबकारी असिस्टेंट कमिश्नर ने मीडिया से कहा था कि

“परिवार कुत्ता काटने की बात बता रहा है, शराब पीने से जुड़े कोई साक्ष्य मौके पर नहीं मिले हैं, मौत कुत्ता काटने से ही हुई है।”

अब देखना होगा कि पटना से आई जांच टीम को इस मामले में क्या मिलता है क्योंकि तीनों शवों का अंतिम संस्कार बिना पोस्टमार्टम कराए ही हो चुका है।

 

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गोपालगंज का ‘मॉडल अस्पताल’ : टॉयलेट का पानी भरने से X-ray सुविधा तक बंद पड़ी, लीकेज से मरीज परेशान

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गोपालगंज का मॉडल अस्पताल
गोपालगंज का मॉडल अस्पताल
  • बिहार के गोपालगंज का मॉडल सदर अस्पताल बेहाल।
  • शौचालय का गंदा पानी फैलने से एक्स-रे नहीं हो रहे।
  • 38 करोड़ की लागत से बना, सीलिंग में लीकेज, मरीज परेशान।

गोपालगंज। आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज जिले में 38 करोड़ की लागत से बनकर शुरू हुआ मॉडल अस्पताल खस्ता हाल है। मरीजों को मेडिकल की आधुनिक सुविधाएं देने के लिए बनाए गए अस्पताल में शौचालय का गंदा पानी सीधे एक्स-रे सेंटर के अंदर भर गया है। हाल इतना खराब है कि दो दिन से अस्पताल में एक्सरे सुविधा बंद है और सैंकड़ों मरीजों को निजी सेंटर में जाकर एक्सरे कराना पड़ रहा है।

गोपालगंज के मॉडल अस्पताल के एक्स-रे वार्ड में फैला शौचालय का गंदा पानी। (टीम : बोलते पन्ने)

गोपालगंज के मॉडल अस्पताल के एक्स-रे वार्ड में फैला शौचालय का गंदा पानी। (टीम : बोलते पन्ने)

इस अस्पताल में हर रोज करीब दो हजार मरीज जिले के अलग-अलग इलाकों से इलाज करने आते हैं, जिसमें एक्स-रे करने वाले करीब आठ सौ तक होते हैं। 100 बेड के इस अस्पताल में आईसीयू, इमरजेंसी और इंडोर की तमाम आधुनिक सुविधाएं होने का दावा किया गया था, पर शुरू होने के कुछ महीने बाद ही इसके निर्माण की खामियां सामने आने लगी हैं।

अस्पताल की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि इसके महत्वपूर्ण वार्डों में बुनियादी स्वच्छता का भी अभाव है। जहां मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए अस्पतालों में स्वच्छता के कड़े मानक होने चाहिए, वहां मरीज और कर्मचारी बदबूदार और दूषित पानी के बीच रहने को मजबूर हैं। अभी हाल ही में यहां ऑक्सीजन पाइप लाइन में भी समस्या आ गई थी। अब एक्सरे सेंटर में गंदा पानी भरने से काम बंद हो गया है।

गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल में एक्स रे वार्ड के बाहर लगी लोगों की भीड.। (टीम : बोलते पन्ने )

गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल में एक्स रे वार्ड के बाहर लगी लोगों की भीड.। (टीम : बोलते पन्ने )

गौरतलब है कि इस भवन का निर्माण बीएमआईसीएल ने कराया है जो बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग का एक निगम है।

इस पूरे मामले पर अस्पताल के सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद का कहना है कि अभी तक अस्पताल का हैंड-ओवर नहीं लिया गया है, सिर्फ जांच के लिए अस्पताल में व्यवस्था चालू की है ताकि समय रहते जो खामियां हैं, वह सामने आ सके।

हालांकि उन्होंने इस बात को माना है कि इस भवन के निर्माण में अनियमितता हुई है।  उनका कहना है कि इसके पूर्व में कई जगह छत की सीलिंग से पानी टपकने और ऑक्सीजन पाइप लाइन समेत कई खामियां सामने आने के बाद संबंधित विभाग को पत्र भेजकर सूचित किया जा चुका है।

ऐसे में सवाल उठता है कि सरकारी निगम की ओर से करोड़ों खर्च करके बनाए गए मॉडल अस्पताल के निर्माण में किसने भ्रष्टाचार किया है और आखिर क्यों खामियां सामने आने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

 

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NEET छात्रा केस : CBI की टीम फिर पहुंची गांव, परिजनों से घंटों पूछताछ, भाई का मोबाइल जब्त

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सीबीआई टीम के आने की जानकारी मीडिया को देते नीट एस्पायरेंट छात्रा के पिता।
सीबीआई टीम के आने की जानकारी मीडिया को देते नीट एस्पायरेंट छात्रा के पिता।

जहानाबाद | शिवा केसरी

नीट की तैयारी कर रही छात्रा संवेदना की संदिग्ध मौत मामले में जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम मंगलवार को एक बार फिर जहानाबाद स्थित छात्रा के पैतृक गांव पहुंची।

इस दौरान टीम ने मृतका के परिजनों से लंबी पूछताछ कर मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर सीबीआई की टीम गांव पहुंची और संवेदना के घर पर करीब तीन घंटे तक मौजूद रही। इस दौरान टीम ने मृतका के माता-पिता और भाई से कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की।

पूछताछ के बाद सीबीआई की टीम मृतका के भाई को अपने साथ लेकर भी चली गई, जिससे मामले की जांच और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मृतका के पिता ने बताया कि उनके बेटे का मोबाइल मखदुमपुर के एक दुकान में मरम्मत के लिए दिया गया था। मोबाइल वापस मिलने के बाद शाम करीब 5:30 बजे से रात लगभग 9:45 बजे तक सीबीआई की टीम ने उससे जुड़े तथ्यों और जानकारी के आधार पर विस्तार से पूछताछ की।

उन्होंने बताया कि जांच टीम पहले से तैयार कुछ सवालों की सूची लेकर आई थी, जिनके आधार पर परिजनों से जानकारी ली गई। सूत्रों के मुताबिक, जांच के लिए पटना से सीबीआई के छह सदस्यीय दल को गांव भेजा गया था। पूछताछ और जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम मृतका के भाई का मोबाइल अपने साथ लेकर रवाना हो गई, जिसे जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

गौरतलब है कि नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई हर पहलू की गहन जांच कर रही है। एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों, परिजनों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर घटना की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है। फिलहाल, सीबीआई की जांच जारी है और मामले से जुड़े नए तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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