प्रदेश रिपोर्ट
Breaking News : CM नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से दिया इस्तीफ़ा
नई दिल्ली | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है।
14 दिन पहले उन्हें राज्यसभा सदस्य चुना गया था।
गौरतलब है कि नीतीश ने अभी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा नहीं दिया है, फिलहाल वो मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सोमवार को कहा,
“नीतीश कुमार ने इस्तीफ़ा दे दिया है। अब आगे की प्रक्रिया की जाएगी।”
एमएलसी संजय गांधी, सीएम नीतीश कुमार का इस्तीफा लेकर विधान परिषद पहुंचे थे।
दरअसल, संवैधानिक नियमों के मुताबिक राज्यसभा सदस्य चुने जाने के 14 दिनों के अंदर नीतीश कुमार को बिहार विधान परिषद के सदस्य पद से इस्तीफा देना अनिवार्य था। वरना उनकी राज्यसभा सदस्यता रद्द हो जाती।
यह अवधि 30 मार्च को समाप्त हो रही थी इसलिए पहले से ही माना जा रहा था कि वे 30 मार्च को इस्तीफा दे देंगे।
नीतीश कुमार साल 2006 से विधान परिषद के सदस्य हैं।
साल 2024 में नीतीश लगातार चौथी बार विधान परिषद के सदस्य बने थे, उनका कार्यकाल 2030 में पूरा होना था।
लेकिन इसी बीच वो 16 मार्च, 2026 को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए।
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बिहार : गांव के सरकारी स्कूल में पढ़कर स्टेट टॉपर बनीं वैशाली की सबरीन परबीन
महुआ, वैशाली | मुन्ना खान
बिहार में 29 मार्च को मैट्रिक (10th board exam) का रिजल्ट जारी हो गया, जिसमें दो लड़कियों ने संयुक्त रूप से स्टेट टॉप करके सुर्खियां बटोरी हैं।
दोनों की उपलब्धि इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि दोनों ही ग्रामीण परिवेश से हैं। बांका की सबरीन के पिता टायर पंचर की दुकान चलाते हैं तो दूसरी टॉपर बांका की पुष्पांजलि के पिता गांव में प्राइवेट टीचर हैं।
वैशाली जिले की सबरीन परवीन के मैट्रिक में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 492 अंक यानी 98.4 प्रतिशत नंबर आए हैं।
टॉपर सबरीन, वैशाली के चेहरा कला ब्लॉक के छौराही गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने यही के उच्च माध्यमिक विद्यालय से पढ़ाई करके स्टेट टॉप किया है।
उनके पिता मोहम्मद शहजाद आलम, पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट में पुराने टायर की दुकान चलाते हैं।
अपनी सफलता पर बात करते हुए सबरीन ने मीडिया से कहा कि उन्हें एग्जाम में अच्छे परफॉर्मेंस का पूरा भरोसा था लेकिन यह नहीं सोचा था कि उनकी तैयारी उन्हें टॉपर बना देगी।
सबरीन परवीन करती हैं कि पढ़ाई में निरंतरता (consistancy) बहुत जरूरी है। पढ़ना रूटीन की दूसरी आदतों जैसा होना चाहिए। वे डॉक्टर बनना चाहती हैं।
परिणाम घोषित होते ही उसके घर पर पड़ोसियों, शिक्षकों और शुभचिंतकों का तांता लग गया, जो सभी उसे बधाई देने पहुंचे थे।
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Bihar Board 10th Result : बांका की पुष्पांजलि ने वैज्ञानिक बनने का सपना लेकर पढ़ाई की, बन गईं स्टेट टॉपर
बांका | दीपक कुमार
घर से बाहर रहकर सरकारी आवासीय स्कूल से पढ़ते हुए बांका की पुष्पांजलि मैट्रिक में स्टेट टॉपर बन गई हैं। वे वैज्ञानिक बनना चाहती हैं और हर दिन 14 घंटे पढ़ाई करती हैं।
बांका जिले के रजौन प्रखंड की बेटी पुष्पांजलि के टॉप कर लेने की खबर फैलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। गोपालपुर गांव स्थित उनके घर में बधाई देने वालो का तांता लग गया है।
बिहार बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में पुष्पांजलि ने पहला स्थान वैशाली जिले की सबरीन परवीन के साथ संयुक्त रूप से हासिल किया है। दोनों के 492 यानी 98.40% अंक हैं। यह रिजल्ट रविवार को जारी हुआ है।
पुष्पांजलि, मूल रूप से रजौन प्रखंड के सिंहनान पंचायत के गोपालपुर गांव की निवासी हैं। अभी वे जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही हैं।
उनकी इस उपलब्धि से बांका ही नहीं जमुई में भी लोग गर्व महसूस कर रहे हैं।
पुष्पांजलि ने शुरूआती पढ़ाई अपने पंचायत क्षेत्र सिंहनान के भगवानपुर में की थी, यहीं उनके पिता लाल मोहन शर्मा स्कूल टीचर हैं।
उनकी मां सिंधु देवी गृहिणी हैं और उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए खूब आगे बढ़ाया।
पुष्पांजलि ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने बताया कि आगे चलकर वह वैज्ञानिक बनना चाहती हैं और देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना रखती हैं।
पुष्पांजलि की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी अवसर मिलने पर बड़ी से बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं।
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बिहार बोर्ड ने जारी किया मैट्रिक का रिजल्ट : बांका की पुष्पांजलि और वैशाली की सबरीन बनीं स्टेट टॉपर
पटना | बिहार बोर्ड ने 10वीं यानी मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का रिजल्ट रविवार को घोषित कर दिया है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के मुताबिक, मैट्रिक परीक्षा 2026 में कुल 81.79% विद्यार्थी सफल घोषित किए गए हैं।
इस बार खास बात यह रही कि टॉप पोजिशन पर दो छात्राओं ने एक साथ कब्जा जमाया है।
बांंका की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन परवीन 492 अंक यानी 98.40% के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है।
पुष्पांजलि ने जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय से दसवीं की परीक्षा दी थी और सबरीन परवीन ने वैशाली के उच्च माध्यमिक विद्यालय से पढ़ाई की।
यह भी खास बात है कि टॉप-5 की सूची में ही अकेले 13 विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई है।
अगर हम रैंक 6 से 10 तक की बात करें, तो यहां कुल 26 विद्यार्थी शामिल हैं।
पूरी टॉप-10 की सूची में कुल 149 विद्यार्थियों के नाम दर्ज हैं।
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