दुनिया गोल
युद्ध के चलते बर्बाद हो चुके गज़ा में हमास किस तरह शवों को सुरक्षित रख रहा?
- 11 साल बाद हमास ने इज़रायल को लौटाया एक लेफ्टिनेंट का शव।
- हाल के शांति समझौते के तहत हमास शव व अवशेष लौटा रहा है।
नई दिल्ली | महक अरोड़ा
गज़ा युद्ध (2014) में मारे गए इज़रायली सैनिक लेफ्टिनेंट हदार गोल्डिन का शव 11 साल बाद आखिरकार इज़रायल को सौंप दिया गया। हमास ने यह शरीर दक्षिणी गज़ा में रेड क्रॉस को दिया, जिसके बाद इसे इज़रायल डिफेंस फोर्स (IDF) के हवाले कर दिया गया।
गोल्डिन की मौत 1 अगस्त 2014 को हुई थी—उसी दिन जब हमास ने उनके यूनिट पर हमला कर उन्हें अगवा कर लिया था। बाद में उनकी हत्या कर दी गई। वे 23 वर्ष के थे और ‘ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज’ के दौरान मारे गए 68 इज़रायली सैनिकों में से एक थे।
IDF अबू कबीर फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट में DNA परीक्षण के बाद पहचान की औपचारिक पुष्टि करेगा, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय सम्मान दिया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल—हमास ने 11 साल तक शव कैसे सुरक्षित रखा?
क्या गज़ा में आधुनिक शव संरक्षण की सुविधा है?
नहीं।
गज़ा पट्टी में:
- कोई उन्नत कोल्ड-स्टोरेज सुविधा नहीं
- कोई दीर्घकालीन पॉस्टमॉर्टम प्रिज़र्वेशन सिस्टम नहीं
- लगातार बमबारी से मेडिकल सिस्टम ध्वस्त
यहां तक कि हालिया युद्ध में शव रखने के लिए आइस-क्रिम ट्रक इस्तेमाल किए गए—क्योंकि अस्पतालों की मोर्चरी सिर्फ 8–10 शव ही रख सकती है।
तो 11 साल पुरानी बॉडी कैसे बची?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके चार संभावित कारण हो सकते हैं:
हमास विशेष “सीलबंद भूमिगत चैंबर” का उपयोग करता है
हमास की सुरंगों में कई बार सीक्रेट स्टोरेज रूम मिले हैं, जिनमें:
- बेहद कम तापमान
- गहराई के कारण प्राकृतिक ठंडक
- हवा बंद वातावरण
- धातु के एयरटाइट कंटेनर
ऐसी जगहें शव को लंबे समय तक सड़ने नहीं देतीं।
1. ‘वैक्यूम पैकिंग’- गज़ा में हथियारों की तरह शव भी पैक किए जाते हैं
कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमास:
- शवों को प्लास्टिक व रबर-सील पैकिंग में बंद करता है
- अंदर ऑक्सीजन बिल्कुल नहीं पहुंचती
- ऑक्सीजन न मिलने पर शरीर तेजी से नहीं सड़ता
ये तकनीक हथियारों को स्टोर करने में भी उपयोग होती है।
2.शरीर पूरी तरह डिकम्पोज नहीं हुआ—सिर्फ “अस्थियाँ” संरक्षित की गईं
इज़रायल कई मामलों में “रेट्रीवल” के समय सिर्फ:
- हड्डियाँ
- कपड़ों के अवशेष
- डीएनए के अंश पाता है।
संभव है कि गोल्डिन का शव भी वर्षों पहले डिकम्पोज हो चुका था और हमास ने केवल अस्थियाँ संरक्षित रखी हों।
3.गहरे भूमिगत “पॉकेट्स” में प्राकृतिक ममीकरण
गज़ा की कुछ सुरंगों में:
- हवा स्थिर
- तापमान नियंत्रित
- नमी बेहद कम
ऐसी जगहों में शव “नेचुरल ममी” जैसा रूप ले लेते हैं और दशक भर टिके रहते हैं।
4. गज़ा की सच्चाई—शव रखने के लिए आइस-क्रिम ट्रक!
Reuters की रिपोर्ट में बताया गया:
अस्पताल मोर्चरी सिर्फ 10 शव रख सकती है
- ट्रकों के अंदर बच्चों की आइस-क्रिम के पोस्टर लगे होते हैं
- अंदर सफ़ेद कपड़ों में लाशें भरी होती हैं
- कई जगह 100 शवों की मास ग्रेव तैयार हुई
5. 20–30 शव टेंट में रखे जा रहे हैं
गज़ा के डॉक्टर यासिर अली ने कहा, “अगर युद्ध चलता रहा, तो दफनाने के लिए भी जगह नहीं बचेगी।”
इज़रायल में क्या हुआ? शव मिलने पर भावनात्मक लहर
- गोल्डिन की तस्वीर 11 साल से नेतन्याहू के दफ़्तर में लगी थी
- सैन्य कब्रिस्तान में इतना भारी जनसैलाब उमड़ा कि कई इलाकों में जाम लग गया
- सेना ने इसे “राष्ट्रीय सम्मान का क्षण” बताया
- अंतिम संस्कार देखने हजारों लोग पहुंचे
नेतन्याहू ने सैनिक से शव वापसी को बनाया था राजनीतिक मुद्दा
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “राज्य की स्थापना से हमारी परंपरा है—युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को हर हाल में घर लाया जाता है। हदार गोल्डिन की स्मृति सदैव हमारे बीच रहेगी।”
उन्होंने बताया कि 255 बंधकों में से अब तक 250 वापस लाए जा चुके हैं। गोल्डिन उन आखिरी पाँच शवों में से एक थे, जो गज़ा में फंसे थे।
परिवार का 11 साल लंबा इंतजार
गोल्डिन के परिवार ने वर्षों तक अभियान चलाया था। उनका कहना था कि, “हमारे बेटे को वापस लाना, इज़रायल की सैनिक परंपरा का मूल हिस्सा है।” इज़रायली सेना प्रमुख ने भी परिवार को “तीव्र प्रयास” का भरोसा दिया था।
दुनिया गोल
Breaking News : अमेरिका-इजरायल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, सरकारी मीडिया ने पुष्टि की
नई दिल्ली |
अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने रविवार सुबह (1 march) इसकी पुष्टि की है।
इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू के मारे जाने की भी खबर है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का दावा किया था।
बता दें कि इजरायल-अमेरिका की ओर से शनिवार को शुरू किए गए हवाई हमलों में ईरान के 31 में से 24 प्रांतों को निशाना बनाया गया, जिसमें राजधानी तेहरान भी शामिल है।
ईरानी सेना ने खामेनेई की शहादत के बाद “खतरनाक अभियान” की शुरुआत की घोषणा की है। सेना ने कहा कि यह हमला कुछ ही देर में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाएगा।
ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
उधर, इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) ने इस्लामिक क्रांति के नेता खामनेई की शहादत पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा – इससे ईरानी राष्ट्र उनकी राह पर चलने के लिए और अधिक दृढ़ होगा।
ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है।
ईरान में अब तक 200 से ज्यादा मौतें
ईरान के एक गैर-सरकारी मानवतावादी संगठन ‘ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी’ का कहना है कि इन हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हैं। ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 छात्राएं घायल हैं।
ईरान का पलटवार- 9 देशों पर हमले
अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया। ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं। कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।
दुनिया गोल
Critical Minerals Deal: भारत-ब्राजील के बीच हुआ समझौता, कितनी घटाएगा चीन पर निर्भरता?
- ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत दौरे पर महत्वपूर्ण समझौता किया।
- महत्वपूर्ण खनिज और दुर्लभ मृदा को लेकर हुआ एमओयू।
- अभी इस क्षेत्र में भारत 95% खनिजों का आयात करता है।
नई दिल्ली |
दुनिया गोल
Global Tariff : अब राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ को 10% से बढ़ाकर किया 15%
- 20 फरवरी को ट्रंप ने 10% वैश्विक टैरिफ की घोषणा की, जिसे एक दिन में ही बढ़ा दिया।
नई दिल्ली |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अनिश्चित व्यवहार को एक बार फिर से दोहराते हुए 24 घंटों के भीतर ही अपने ग्लोबल टैरिफ को 5 फीसदी बढ़ाकर 15% कर दिया है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर 21 फरवरी को एक पोस्ट करके लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की विस्तार में समीक्षा करने के बाद वे ग्लोबल टैरिफ को बढ़ाने का निर्णय ले रहे हैं।
बता दें कि 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के लगाए टैरिफ को अवैध बताकर रद्द कर दिया, जिसके कुछ घंटे बाद ही ट्रंप ने 10% नए ग्लोबल टैरिफ की घोषणा कर दी थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा,
“कल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ़ पर जो फ़ैसला दिया है, वह बेकार और बेहद अमेरिका विरोधी है. इस बयान के ज़रिए मैं बताना चाहता हूं कि मैं अमेरिका का राष्ट्रपति होने के नाते, 10 फ़ीसदी वर्ल्डवाइड टैरिफ़ को बढ़ाकर 15 फ़ीसदी कर रहा हूं।”
ट्रंप ने आगे लिखा, “कई देश वर्षों से अमेरिका को नुक़सान पहुंचा रहे थे और कोई जवाब नहीं मिल रहा था (जब तक मैं नहीं आया)। लेकिन अब इसे पूरी तरह से क़ानूनी तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन नए और क़ानूनी तौर पर सही टैरिफ़ तय करेगा, जिससे हमारा ‘अमेरिका को फिर से महान बनाने’ का काम और भी ज़्यादा सफल होगा।”
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