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टैरिफ से अमेरिका में महंगाई बढ़ी, तीन राज्य हारे..अब कदम पीछे ले रहे ट्रंप

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डोनाल्ड ट्रंप (साभार इंटरनेट)
डोनाल्ड ट्रंप
  • कॉफी, केले, बीफ समेत दर्जन भर खाने के उत्पादों को टैरिफ से छूट दी।
  •  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी करके इसे लागू किया।

नई दिल्ली |

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ती महंगाई से परेशान जनता और घरेलू राजनीति में भारी दबाव झेलने के बाद टैरिफ पर एक बड़ा कदम पीछे खींचा है। उन्होंने 200 से ज्यादा खाने के उत्पादों को टैरिफ से बाहर कर दिया।

ट्रंप ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब पिछले सप्ताह ही उन्हें तीन राज्यों में हार का सामना करना पड़ा था। वर्जीनिया और न्यू जर्सी में राज्य स्तर (गर्वनर) चुनाव व न्यूयॉर्क में निकाय स्तर (मेयर) के चुनाव में उनकी रिपब्लिकन पार्टी हार गई थी।

इसके बाद उन्होंने एक कार्यकारी आदेश जारी किया है।

इसके मुताबिक, खाने के 200 से ज्यादा उत्पादों से टैरिफ हटा दिया गया है। इसमें बीफ, कॉफी, कोको, चाय, मसाले, मेवे, केला, सब्जियां शामिल हैं। नई टैरिफ छूट 13 नवंबर की मध्यरात्रि से लागू हो गई है।

 

4 देशों के जरूरी सामानों पर टैरिफ भी हटाएगा 

द बॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, सरकार ने चार लैटिन अमेरिकी देशों (क्वाडोर, अर्जेंटीना, अल सल्वाडोर और ग्वाटेमाला) के साथ व्यापार समझौतों में टैरिफ हटाने की भी योजना बना रहा है।

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से अखबार ने लिखा कि केले, कॉफी, गोमांस और कुछ परिधान व कपड़ा उत्पादों पर शुल्क समाप्त किया जा सकता है।

 

2.7% महंगा हुए किराने का सामान

ट्रंप ने टैरिफ के बचाव में हर बार यह भी कहा था कि उनके हर देश पर लगाए 10% बेसलाइन टैरिफ व अन्य टैरिफ से घरेलू स्तर पर महंगाई नहीं बढ़ेगी पर ऐसा नहीं हुआ।

अक्तूबर में जारी हुई एक सरकारी रिपोर्ट में पता लगा कि अमेरिका में किराने का सामान पिछले साल की तुलना में लगभग 2.7% महंगा हो चुका है।

 

ये सामान सस्ते होंगे

कॉफी, कोको, काली/हरी चाय, वेनिला बीन्स

गोमांस के कई प्रकार (ताज़ा, जमे हुए, स्मोक्ड)

फल जैसे एवोकाडो, केले, नारियल, नींबू, संतरे, आम, टमाटर, अनानास आदि

मसाले: दालचीनी, इलायची, लौंग, जीरा, अदरक, केसर, हल्दी आदि

मेवे व अनाज, काजू, पाइन नट्स, जौ, टैपिओका, मिसो, पाम हार्ट्स आदि

 

आदेश का बचाव- घरेलू उद्योगों पर असर नहीं 

ट्रंप सरकार ने अपने इस कदम के बचाव में कहा है कि इन चीज़ों का उत्पादन अमेरिका में कम होता है इसलिए टैरिफ हटाने से घरेलू उद्योग पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप लगातार कहते आ रहे हैं कि वे बाहर से आने वाले उत्पादों पर टैरिफ इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि इससे घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

 

टैरिफ घटने से दाम घटेेेंगे

फिलहाल ट्रंप के इस कदम से अमेरिका की जनता को फौरी राहत मिलेगी। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ की वजह से कंपनियां कीमतें बढ़ा देती हैं, इसलिए कर हटने से राहत मिल सकती है।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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Saudi Aramco : सऊदी स्थित मध्यपूर्व की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर हमला

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नई दिल्ली | मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco की प्रमुख ऊर्जा साइट रास तनुरा रिफाइनरी (Ras Tanura refinery) पर ईरान ने ड्रोन हमला किया है।

रॉयटर्स ने सोर्स के हवाले से खबर दी है कि इस हमले के बाद इस रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इस घटना के बाद वैश्विक तेल बाजार में तेज हलचल देखी गई और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 9.32% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बता दें कि सऊदी अरामको, सऊदी सरकार के स्वामित्व वाली पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस कंपनी है जो सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी है। इसकी रस तनूरा कॉम्प्लेक्स नामक रिफाइनरी मध्य पूर्व में सबसे बड़ी है। यह सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित है।

इसकी क्षमता 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) है और यह सऊदी क्रूड ऑयल के निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण टर्मिनल के रूप में कार्य करती है।

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Middle East Tensions : पीएम मोदी ने इजरायल और यूएई के नेताओं से क्या बात की?

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https://www.flickr.com/photos/meaindia/53847805909
भारतीय पीएम मोदी
  • पीएम मोदी ने दोनों राष्ट्राध्यक्षों से फोन वार्ता में तनाव कम करने पर जोर दिया है।

नई दिल्ली |

इजरायल व अमेरिकी की ओर से ईरान पर किए गए हमले के बाद मध्य पूर्व में बनी तनाव की स्थिति के बीच भारतीय पीएम ने रविवार रात (1 march) दो देशों के राष्ट्राध्यक्षों से वार्ता की है। इससे पहले भारत की ओर से इस तनाव को लेकर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है।

गौरतलब है कि इस हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर (रहवर) खामेनेई की हत्या को लेकर भारत की ओर से ईरानी प्रतिनिधि से कोई वार्ता नहीं की गई है। साथ ही, ये हमले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसराइल की दो दिन की यात्रा से लौटने के तुरंत बाद हुए हैं।

पीएम मोदी ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने इजरायली पीएम नेतन्याहू से बात करके क्षेत्रीय तनाव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। साथ ही कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। पीएम मोदी ने भी दोहराया कि जल्द से जल्द संघर्ष रोकना ज़रूरी है।

यूएई पर हुए हमलोें की निंदा की

इजरायल से फोन वार्ता से पहले पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। उन्होंने ट्वीट करके लिखा कि मैंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में हुई जानों के नुकसान पर शोक व्यक्त किया।

गौरतलब है कि ईरान ने यूएई स्थित दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक दुबई एयरपोर्ट पर हमला किया है, जिसे लड़ाई शुरू होने के बाद ऑपरेशन के लिए बंद कर दिया गया है। इससे पहले दुबई के मशहूर लैंड आइलैंड पाम और एक लग्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर हमला किया था।

पीएम मोदी ने यूएई राष्ट्रपति से कहा है कि भारत इस मुश्किल समय में यूएई के साथ एकजुट खड़ा है। उन्होंने यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए उनका धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि भारत तनाव कम करने (De-escalation) , क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है।

भारत ने हमलों पर संयम बरतने की अपील की

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए संयम बरतने की अपील की। MEA के बयान में कहा गया है –
“भारत ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।”
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Breaking News : अमेरिका-इजरायल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, सरकारी मीडिया ने पुष्टि की

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अयातुल्ला अली ख़ामेनेई

नई दिल्ली |

अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने रविवार सुबह (1 march) इसकी पुष्टि की है।

इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू के मारे जाने की भी खबर है।

आयतुल्लाह खामेनेई ने 1989 में इस्लामी गणराज्य के संस्थापक इमाम खुमैनी की मौत के बाद से 37 साल तक ईरान और मुस्लिम उम्मत का नेतृत्व किया, अब उनकी हत्या के बाद ईरान में यह स्थान खाली हो गया है, देखना होगा कि उनका उत्तराधिकारी किसे बनाया जाता है। 

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का दावा किया था।

बता दें कि इजरायल-अमेरिका की ओर से शनिवार को शुरू किए गए हवाई हमलों में ईरान के 31 में से 24 प्रांतों को निशाना बनाया गया, जिसमें राजधानी तेहरान भी शामिल है।

ईरानी सेना ने खामेनेई की शहादत के बाद “खतरनाक अभियान” की शुरुआत की घोषणा की है। सेना ने कहा कि यह हमला कुछ ही देर में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाएगा।

ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक

उधर, इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) ने इस्लामिक क्रांति के नेता खामनेई की शहादत पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा – इससे ईरानी राष्ट्र उनकी राह पर चलने के लिए और अधिक दृढ़ होगा।

ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है।

ईरान में अब तक 200 से ज्यादा मौतें

ईरान के एक गैर-सरकारी मानवतावादी संगठन ‘ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी’ का कहना है कि इन हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हैं। ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 छात्राएं घायल हैं।

ईरान का पलटवार- 9 देशों पर हमले

अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया। ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं।  कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।

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