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दुनिया गोल

पाकिस्तान के कराची में बड़ा हादसा, गैस सिलेंडर धमाके से इमारत ढही, 16 लोगों की मौत और 14 घायल

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मरने वालों में 4 बच्‍चे और 6 महिलाएं भी शामिल
गैस लीक हाेने से हुआ ब्लास्ट,रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

नई दिल्ली। पाकिस्‍तान की आर्थिक राजधानी कराची में सिलेंडर विस्‍फोट से एक तीन मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें अब तक 16 लोगों की मौत हो गई है, वहीं 14 लोग घायल हो गए हैं। मरने वालों में 4 बच्‍चे और 6 महिलाएं हैं। पाकिस्‍तानी मीडिया के मुताबिक सोल्‍जर बाजार नंबर 3 में यह गैस सिलेंडर ब्‍लास्‍ट हुआ। राहत बचावकर्मी मौके पर पहुंच गए हैं और तेजी से बचाव अभियान जारी है।

 

और लोगों के दबे होने की आशंका

जिओ न्‍यूज के मुताबिक डीआईजी डाक्‍टर फारुख लानजार ने कहा कि शुरुआती सूचना के मुताबिक यह विस्‍फोट गैस लीक करने की वजह से हुआ। उन्‍होंने बताया कि इस बात की आशंका है कि और शव अभी इमारत के अंदर दबे हो सकते हैं। उन्‍होंने बताया कि मलबे को हटाने के लिए राहत और बचाव काम तेजी से जारी है। सभी घायलों को अस्‍पताल भेज दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि इस विस्‍फोट के असली कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा।

10 साल की बच्ची ने भी गंवाई जान

बचाव दल के सूत्रों ने बताया कि यह विस्‍फोट बुधवार की रात को पहले फ्लोर पर हुआ। यह विस्‍फोट इतना तेज था कि पूरी इमारत इससे गिर गई और इतने लोग मारे गए।
मरने वालों में एक 10 साल की बच्‍ची और एक 60 साल के बुजुर्ग भी शामिल हैं। सभी पीड़‍ितों की पहचान की कोशिश की जा रही है। एक 14 साल की बच्‍ची को बचा लिया गया है और उसे अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। इमारत के तलाशी का काम पूरा हो गया है और अब मलबे को हटाया जा रहा है।

सिंध के मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लिया

सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने घटना पर घटना पर दुख जताया है। सीएम हाउस की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि मलबे में फंसे लोगों को तुरंत बचाया जाए और पीड़ितों को सबसे अच्छी मेडिकल मदद दी जाए।

दुनिया गोल

एपस्टीन मामले में नाम, ब्रिटेन के राजा चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू गिरफ्तार

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सार्वजनिक पद पर रहते हुए सरकारी फाइलों में हेरफेर के आरोप
बर्थडे के दिन उन्हें सैंड्रिंघम में उनके घर से हिरासत में लिया गया 

 

नई दिल्ली। ब्रिटेन के शाही परिवार को एक बड़ा झटका लगा है। एपस्टीन फाइल में फंसे ब्रिटेन के राजा चार्ल्स के छोटे भाई और पूर्व प्रिंस एंड्रयू को यूनाइटिड किंगडम (UK ) पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर सार्वजनिक पद पर रहते हुए सरकारी फाइलों में हेरफेर के आरोप लगे हैं। बता दें कि पूर्व प्रिंस एंड्रयू का आज 66वां जन्मदिन है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें पुलिस ने उन्हें गुरुवार सुबह करीब 8 बजे सैंड्रिंघम में उनके घर से हिरासत में लिया।

थॉमस वैली पुलिस ने गुरुवार को पुष्टि की कि एंड्रयू को पूरी तरह से जांच के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि वे उन रिपोर्टों की भी जांच कर रहे थे जिसमें एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर ने 2010 में सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन को ट्रेड रिपोर्ट भेजी थीं।

भाई की गिरफ्तारी पर बोले किंग चार्ल्स, निष्पक्ष जांच होगी 

वहीं किंग चार्ल्स ने एंड्रयू की गिरफ्तारी पर बयान दिया है। किंग चार्ल्स ने कहा कि एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर के सार्वजनिक पद के दुरुपयोग की खबर मैंने अत्यंत चिंता के साथ सुनी है। अब इस मामले की पूर्ण, निष्पक्ष और उचित प्रक्रिया के तहत जांच होगी।

एंड्रयू पर लग चुके हैं यौन शोषण के संगीन आराेप

एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर पर कई संगीन आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार एपस्टीन मामले में एक पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 2001 में जब वह 17 साल की थी तब प्रिंस एंड्रयू ने उनका यौन शोषण किया था। हालांकि, एंड्रयू ने उसके सभी आरोपों को खारिज किया था। पीड़िता की अप्रैल 2025 में मौत हो गई थी। इसकी वजह आत्महत्या बताई गई थी।

एपस्टीन से संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं एंड्रयू
एंड्रयू लंबे समय से एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। एपस्टीन फाइल्‍स से संकेत मिले थे कि जब एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड मामलों के राजदूत थे, तब उन्होंने एपस्टीन को कुछ गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजे थे। पिछले साल ही किंग चार्ल्स ने उनके सभी शाही खिताब और सम्मान छीन लिए थे। उन्हें विंडसर एस्टेट के शाही बंगले से भी बेदखल करने का फैसला किया था। एंड्रयू ने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है, लेकिन नई फाइल्स में सामने आई तस्वीरों और ईमेल्स ने उन पर शिकंजा कस दिया है।
अमेरिका में राजदूत पद से हटाए गए थे मैंडेलसन  
ब्रिटेन सरकार एपस्टीन फाइल्स से नए दस्तावेज जारी हाेने के बाद काफी सख्त कार्रवाई कर रही है।  ब्रिटेन ने हाल ही में पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में अपना राजदूत (Diplomat) पद से हटा दिया था, क्योंकि उनके संबंध एपस्टीन से पाए गए थे। उनकी जगह क्रिश्चियन टर्नर को नया राजदूत नियुक्त किया गया है।
क्या है पूरा मामला
हाल ही में एपस्टीन फाइल्स से जुड़े 30 लाख नए दस्तावेज जारी किए गए हैं। कुछ सामग्री पहले ही सार्वजनिक हो चुकी है, जिनमें तस्वीरें भी शामिल हैं। इससे पहले कमिटी से एपस्टीन की संपत्ति के हजारों दस्तावेज आए, जिनमें ज़्यादातर ईमेल थे।
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18 साल बाद India-EU मुक्त व्यापार वार्ता पूरी, अगले साल लागू होगा समझौता

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भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान FTA वार्ता संपन्न होने की घोषणा की गई।
भारत-यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार वार्ता पूरी, मगर हस्ताक्षर अभी नहीं। (तस्वीर - X/@vonderleyen)
  • भारत-यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते पर इस साल के अंत तक हो सकते हैं हस्ताक्षर
नई दिल्ली |
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की वार्ता 18 साल चली बातचीत के बाद पूरी हो गई, इसकी घोषणा 27 जनवरी को नई दिल्ली में हुई भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान की गई। द हिन्दू के मुताबिक, इस समझौते पर हस्ताक्षर इसी साल के अंतिम दौर में हो सकते हैं जबकि समझौता लागू अगले साल की शुरूआत में होने की संभावना है।
मुक्त व्यापार समझौता की वार्ता पूरी होने के दौरान भारत व ईयू के प्रमुख व वाणिज्य मंत्री  (credit - X/@MarosSefcovic)

मुक्त व्यापार समझौता की वार्ता पूरी होने के दौरान भारत व ईयू के प्रमुख व वाणिज्य मंत्री (credit – X/@MarosSefcovic)

FTA को बताया – मदर ऑफ ऑल डील्स

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन ने भारत आने से पहले इस FTA को “मदर ऑफ ऑल डील्स” (Mother of all deals) कहा था। आज हुए शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि यह नई दिल्ली की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील है। यह समझौता दो अरब लोगों के लिए नया बाजार बनाएगा। पीएम मोदी के मुताबिक, इस व्यापार समझौते से दुनिया की 25% GDP और एक-तिहाई वैश्विक व्यापार को लाभ मिलेगा। कई विशेषज्ञ इसे दुनिया की सबसे बड़ी FTA डील बता रहे हैं।
भारत-यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार वार्ता पूरी, मगर हस्ताक्षर अभी नहीं। (तस्वीर - X/@vonderleyen)

भारत-यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार वार्ता पूरी, मगर हस्ताक्षर अभी नहीं। (तस्वीर – X/@vonderleyen)

2007 में शुरू हुई थी FTA वार्ता

यूरोपीय संघ के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता 2007 में शुरू हुई थी जो करीब दो दशक के बाद अब पूरी हो सकी है। भारत व EU के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.24 खरब रुपये (136 बिलियन डॉलर) का है।

भारत-EU ट्रेड – एक नजर में

  • 17% भारतीय सामान यूरोप संघ के देशों में बेचा जाता है।
  • 9% यूरोपीय संघ के देशों का सामान भारतीय बाजार में आता है।
  • 136 बिलियन डॉलर का है भारत-यूरोपीय संघ का द्विपक्षीय व्यापार।

ट्रेड डील का महत्व

  • डील से टैरिफ कम होगा, जिससे भारतीय निर्यात (टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी, ऑटो पार्ट्स) बढ़ेगा।
  • EU के लिए भारत में निवेश और बाजार पहुंच आसान होगी।
  • दोनों पक्षों ने कहा कि यह डील वैश्विक व्यापार में स्थिरता लाएगी।
  • भारत में लग्जरी कारों की कीमत कम होगी, यूरोपीय वाइन के दाम घटेंगे।

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शेख हसीना का नई दिल्ली में पहला सार्वजनिक भाषण, बांग्लादेश ने चेताया- ‘द्विपक्षीय संबंध बिगड़ेंगे’

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पूर्व पीएम शेख हसीना
पूर्व पीएम शेख हसीना
  • 23 जनवरी को प्रेस क्लब में बांग्लादेश पीएम शेख हसीना ने एक ऑडियो भाषण दिया था।

नई दिल्ली|

हिन्दू अल्पसंख्यकों की बांग्लादेश में लगातार हो रही हत्या और भारत में टी-20 विश्वकप खेलने से बांग्लादेश के मना करने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध सबसे निचले स्तर पर हैं। इस बीच नई दिल्ली में निर्वासित जीवन बिता रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहला सार्वजनिक भाषण दिया, जिस पर बांग्लादेश ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि अभी तक इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।

दरअसल 23 जनवरी को दिल्ली के ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया’ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना का एक ऑडियो भाषण चलाया गया। यह भाषण 12 फरवरी को बांग्लादेश में होने वाले आम चुनावों से पहले दिया, जिसमें उन्होंने अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। गौरतलब है कि 78 साल की हसीना अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद अपना 15 साल का शासन खत्म होने पर भारत भाग गई थीं।

बांग्लादेश बोला- यह हमारे देश का अपमान

बांग्लादेश ने कहा कि हसीना को भाषण देने की इजाजत देना एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा जो द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। मंत्रालय ने कहा,

“भारतीय राजधानी में इस कार्यक्रम को होने देना और नरसंहार करने वाली हसीना को खुलेआम नफरत भरा भाषण देने देना… बांग्लादेश के लोगों और सरकार का साफ अपमान है।”

हसीना के प्रत्यर्पण का भी मुद्दा उठाया

बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार पर आरोप लगाया कि वह लगातार अनुरोध किए जाने के बाद भी हसीना का प्रत्यर्पण नहीं कर रहा है। बयान में कहा- “बांग्लादेश को इस बात का बहुत दुख है कि भारत ने द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते के तहत शेख हसीना को सौंपने की अपनी जिम्मेदारियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बांग्लादेश सरकार के बार-बार अनुरोध के बावजूद, उसे इसके बजाय अपनी जमीन से ऐसे भड़काऊ बयान देने की इजाजत दी गई है। यह साफ तौर पर बांग्लादेश के लोकतांत्रिक बदलाव और शांति और सुरक्षा को खतरे में डालता है।”

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