आज के अखबार
महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी देगी हर महीने माहवारी अवकाश
आज के अखबार ( 11 नवंबर 2024 )
चुनावों में महिलाओं के लिए सस्ता सिलेंडर देने के वादे होते रहते हैं पर महाराष्ट्र के चुनाव में माहवारी अवकाश देने का वादा करके महाविकास अघाड़ी चर्चा में आ गई है। इस खबर को इंडियन एक्सप्रेस ने प्रमुखता से छापा है। महाराष्ट्र चुनाव के लिए रविवार को महाविकास अघाड़ी (एमवीए) और भाजपा की ओर से मेनीफेस्टो जारी किया गया। कांग्रेस व शरद पवार वाली एनसीपी वाले गठबंधन एमवीए ने वादा किया गया है कि सत्ता में आने पर वह राज्य की महिला कर्मियों के लिए हर महीने दो दिनों का माहवारी अवकाश देगी। इसके अलावा हर साल पांच सस्ते सिलेंडर देने, महिलाओं को हर महीने तीन हजार रुपये देने व जाति आधारित जनगणना करवाने का वादा किया गया है। बता दें कि ओड़िशा में भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान माहवारी अवकाश लागू करने का वादा किया था। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, देश में बिहार, केरल, ओड़िशा ऐसे राज्य हैं जहां महिला कर्मियों के लिए ऐसे मासिक अवकाश का प्रावधान है जबकि कर्नाटक ने इस साल ही कुल छह माहवारी अवकाश वार्षिक देने का प्रस्ताव रखा है।
दूसरी ओर, बीजेपी, एनसीपी व शिवसेना के गठबंधन ‘महायुती’ ने अपना संयुक्त मेनिफेस्टो जारी नहीं किया बल्कि रविवार को इसके प्रमुख सहयोगी बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी किया है जिसमें महिलाओं के लिए दी जा रही सहायता राशि में एक हजार रुपये बढ़ाने का वादा किया है, इस तरह यह राशि 2100 रुपये हो जाएगी। साथ ही धर्म परिवर्तन रोधी कानून लाने का वादा प्रमुखता से किया है। बता दें कि एनसीपी भी अपना मेनिफेस्टो जारी कर चुकी है लेकिन अभी शिवसेना ने नहीं किया है।
11 नवंबर के इंडियन एक्सप्रेस ने विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद की एक टिप्पणी को प्रमुखता से लिया है। ट्रंप की जीत पर उन्होंने कहा कि अमेरिका को लेकर कई देश नर्वस हैं पर मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि हमारे साथ ऐसा नहीं है। ट्रंप ने जीत के बाद पहली जिन तीन फोन कॉल का जवाब दिया है, उसमें प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत शामिल है। जयशंकर एक कार्यक्रम मेें बोल रहे थे।
जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों से मुठभेड़ में सैनिकों के शहीद होने की खबर आई है। रविवार को हुई मुठभेड़ में एक जेसीओ (जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर) शहीद हुए और तीन सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं। किश्तवाड़ जिले में बीते सप्ताह दो ग्राम रक्षकों की हत्या कर दी गई थी, उसी मामले में आतंकियों को पकड़ने के लिए इनपुट के आधार पर सेना ने अभियान चलाया था।
कनाडा ने कहा है कि उसने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद के वीडियो साक्षात्कार को ब्लॉक नहीं किया। ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ भारतीय विदेश मंत्री की प्रेसवार्ता व एक साक्षात्कार को ऑस्ट्रेलिया के एक समाचार चैनल ने 5 नवंबर को प्रसारित किया था, जिसपर चैनल व भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से आरोप लगाया गया था कि इसे कनाडा में ब्लॉक कर दिया गया है। इस मामले मेें इंडियन एक्सप्रेस के प्रश्न के उत्तर के रूप में कनाडाई प्रवक्ता की ओर से सरकार की पहली प्रतिक्रिया आई है। जिसमें कहा गया है कि इस साक्षात्कार को कनाडा मेें कोई भी आसानी से देख सकता है।
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जेरुशलम पोस्ट : इजरायली दौरे पर पीएम मोदी को लेकर ऐसा क्या लिखा जो चर्चा बन गया?
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भारत-EU संयुक्त बयान में ऐसा क्या, जिसे यूक्रेन पर भारत के बदले रुख की तरह देखा जा रहा?
- भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध पर संयुक्त बयान जारी हुआ जो नई दिल्ली के पुराने रूख से अलग।
नई दिल्ली|
भारत और यूरोपीय संघ के बीच 27 जनवरी को हुई शिखर वार्ता के दौरान FTA समझौते पर वार्ता पूरी होने के साथ एक और अहम घटना हुई। भारत-यूरोपीय संघ ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें इस युद्ध को लेकर भारत का बयान अपने पूर्व के बयानों से अलग है। संयुक्त बयान में भारत-यूरोपीय संघ ने कहा है कि “वे ऐसे प्रयासों का समर्थन करेंगे जो स्वतंत्रता, संप्रभु, क्षेत्रीय अखंडता पर आधारित हो।”
द इंडियन एक्सप्रेस ने इस बयान को लेकर लिखा है कि भारत का यह बयान यूक्रेन पर उसके पुराने रूख से बिल्कुल अलग है क्योंकि चार साल से जारी युद्ध को लेकर कभी भारत ने यूक्रेन पर रूसी आक्रामकता का खंडन नहीं किया था। भारत का यह रूख ही पिछले चार साल से यूरोपीय संघ और भारत के बीच बड़ा रोड़ा बना हुआ था। अखबार ने लिखा है कि भारत की नई पोजिशन रूस हित के विपरीत है क्योंकि 2022 में रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण करके उसकी स्वतंत्रता, संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता को प्रभावित किया है।
EU ने भारत से रूस पर दवाब डालने को कहा
द हिन्दू ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काज़ा कल्लास के हवाले से लिखा है कि शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय संघ ने भारत से कहा कि वह रूस पर यूक्रेन युद्ध को लेकर दवाब बनाए। कल्लास ने शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद हुए थिंक टैंक इवेंट में कहा कि रूस ने यूक्रेन के साथ संघर्ष विराम पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है और आम नागरिकों पर बमबारी कर रहा है। इस मामले में हमने अपने भारतीय सहयोगी से कहा है कि वे रूस पर शांति के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए दवाब बनाएं।
बोर्ड ऑफ पीस पर क्या रूख ?
ट्रंप के बनाए Board of Peace को लेकर भी संयुक्त बयान में जिक्र है, अखबार के मुताबिक दोनों ने इसके गज़ा में शांति व पुर्ननिर्माण के उद्देश्य से समर्थन जताया है, हालांकि दोनों ही इसके उद्देश्य को गज़ा तक ही सीमित रखने का संकेत दे रहे हैं। दोनों ने ही अब तक ट्रंप के बनाए इस बोर्ड को ज्वाइन नहीं किया है।
ईरान पर क्या रुख ?
ईरान में हुए प्रदर्शन को लेकर संयुक्त बयान में कहा गया है कि वे चाहते हैं कि इस स्थिति को डिप्लोमेसी व वार्ता के जरिए सुलझाया जाए। अखबार का कहना है कि इस तरह भारत व ईयू ब्लॉक संदेश दे रहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका व यूरोपीय संघ की आक्रामकता के वे पक्षधर नहीं हैं।
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भारत के ये राज्य 10 साल बाद हो जाएंगे बूढ़े, Aging आबादी पर सरकारी रुख से क्यों चिंतित The Hindu?
- RBI के मुताबिक, भारत के राज्यों में असमान रूप से सांख्यिकी बदलेगी।
क्या है द हिन्दू की चिंता
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