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दुनिया गोल

अमेरिकी डॉलर पर होंगे राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर, 165 साल पुरानी परंपरा टूटेगी

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100-dollar note Series 2006 A

नई दिल्ली | भारत में जैसे RBI के गर्वनर के हस्ताक्षर नोटों पर होते हैं, ठीक उसी तरह अमेरिका में अमेरिकी ट्रेजरर के हस्ताक्षर वाले डॉलर छपने की परंपरा रही है। लेकिन आगामी जून से अमेरिकी डॉलर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर छपने लगेंगे।

बीते 165 वर्षों में ऐसा पहली बार ऐसा होगा कि ‘अमेरिकी ट्रेजरर’ (U.S. Treasurer) के हस्ताक्षर को नोट से हटा दिया जाएगा।

ट्रंप के हस्ताक्षर वाला आदेश (फाइल फोटो)

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गुरुवार को यह घोषणा करते हुए कहा है कि सौ डॉलर के करेंसी नोट पर यह बदलाव शुरू होगा। यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा जब कोई मौजूदा राष्ट्रपति देश की मुद्रा पर हस्ताक्षर करेंगे।

हालांकि ट्रंप की तस्वीर वाले एक डॉलर के सिक्के नहीं छापे जा सकते हैं क्योंकि अमेरिकी कानून किसी जीवित व्यक्ति का सिक्कों पर चित्रण करने की इजाज़त नहीं देता है।

ट्रंप का हस्ताक्षर, इसकी काफी चर्चा रहती है।

नई करेंसी पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षर होंगे।

हालांकि इन नए नोटों को बैंकों के माध्यम से चलन में आने में कई सप्ताह का समय लग सकता है।

फिलहाल पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन और पूर्व कोषाध्यक्ष लिन मालेरबा के हस्ताक्षर वाले नोट ही छप रहे हैं।

ट्रंप के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने बयान दिया है कि

“अमेरिकी डॉलर पर राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिखे जाने से ज्यादा बेहतर कोई और तरीका नहीं हो सकता जो देश के लिए उनकी उपलब्धियों को दर्ज करा सके।”

गौरतलब है कि ट्रेजरी विभाग जालसाजी रोकने के लिए करेंसी की डिजाइन में बड़े बदलाव करने का अधिकार रखता है और इसी अधिकार का इस्तेमाल करके मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाले डॉलर लाए जाने की घोषणा हुई है।

इससे पहले देखा गया है कि ट्रंप प्रशासन ने कई इमारतों, संस्थानों, सरकारी कार्यक्रमों, युद्धपोतों पर राष्ट्रपति का नाम अंकित किया है।

हाल में एक फेडरल कला पैनल ने ट्रंप की छवि वाले एक Gold Coin के डिजाइन को भी मंजूरी दी है।

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उत्तर कोरिया : अमेरिकी मेन लैंड तक पहुंचने की क्षमता वाले सॉलिड फ्यूल इंजन का परीक्षण किया

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किम जोंग उन, उत्तर कोरिया के तानाशाह हैं।

नई दिल्ली | उत्तर कोरिया (Democratic People’s Republic of Korea) ने दावा किया है कि उसने ऐसे एडवांस हाई-थ्रस्ट ‘सॉलिड फ्यूल’ (ठोस-ईंधन) इंजन का परीक्षण किया है, जो अमेरिकी मेन लैंड तक मार कर सकता है।

‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (KCNA) ने रविवार को यह जानकारी देते दी। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस इंजन का अधिकतम थ्रस्ट 2,500 किलोटन है।

साथ ही कहा कि उनके नेता किम जोंग उन ने इस इंजन के ग्राउंड जेट टेस्ट का अवलोकन किया।

हालांकि यह नहीं बताया गया है कि यह टेस्ट कब और कहां पर किया गया है।

गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका व उसके सहयोगी इज़रायल के हमला करने के बाद किम जोंग उन कह चुके हैं कि उनका देश परमाणु हथियार जरूर बनाकर रहेगा और पश्चिमी आक्रामकता को देखते हुए उनके ये प्रयास जायज़ हैं।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया का यह दावा बढ़ा-चढ़ाकर (exaggeration) पेश किया गया हो सकता है।

बता दें कि उत्तर कोरिया ने घोषणा की थी कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों को निशाना बनाने वाली ऐसी मिसाइलें हासिल करना चाहते हैं जो अधिक तेज हों और उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो।

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‘मूर्ख’ कहे जाने पर सख्ती से विरोध करने वाली फातिम बॉश बनीं ‘मिस यूनिवर्स 2025’

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मैक्सिको की फातिमा बॉश फर्नांडीज बनीं मिस यूनिवर्स 2025
  • मैक्सिको की फातिमा बॉश को आयोजकों ने मूर्ख कहा था।
  • इसके विरोध में फातिमा संग सभी प्रतिभागी बॉकआउट कर गईं।

नई दिल्ली | बैंकॉक में हुई मिस यूनिवर्स – 2025 में आयोजकों ने जिस प्रतिभागी को बेवकूफ कहकर सबके सामने अपमानित कर दिया था, मैक्सिको की उस सौंदर्य प्रतिभागी फातिमा बॉश ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीत लिया है।

मिस यूनिवर्स का ताज पहनतीं फातिमा बॉश (साभार – X/@MissUniverse)

25 साल की फातिमा बॉश फर्नांडीज ने जीत के बाद कहा, –

“मैं चाहती हूं कि मुझे लोग ऐसे व्यक्ति के रूप में याद करें जिसने मिस यूनिवर्स के पुराने ढर्रे (प्रोटोटाइप) को थोड़ा बदला है।”

20 मार्च को संपन्न हुई इस प्रतियोगिता में थाईलैंड की प्रवीणा सिंह फर्स्ट रनर-अप बनीं जो भारतीय मूल की हैं। जबकि वेनेजुएला की स्टेफनी एड्रियाना तीसरे स्थान पर रहीं।

मैक्सिको की फातिमा बॉश फर्नांडीज बनीं मिस यूनिवर्स 2025

क्या था विवाद ?

दरअसल बीते साल नवंबर में प्रतियोगिता के दौरान आयोजक व थाई नेशनल डायरेक्टर नवात इतसराग्रेसिल ने फातिमा को सरेआम फटकार लगाते हुए मूर्ख कहा। उनका आरोप था कि फातिमा ने प्रचार के नियमों का पालन नहीं किया।

फातिमा ने इस पर जब अपने बचाव में बोलना शुरू किया तो नवात ने सुरक्षाकर्मियों तक को बुला लिया था। इस बर्ताव के विरोध में फातिमा के साथ कई प्रतिभागी महिलाओं ने वॉकआउट कर दिया।

जिसमें 2024 की मिस यूनिवर्स विक्टोरिया कजेर भी शामिल रहीं। इस नारीवादी विरोध ने चर्चा पकड़ी।

इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा पकड़ी और मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के आयोजन पर सवाल खड़े हुए। मिस यूनिवर्स संगठन के अध्यक्ष राउल रोचा कैंटू ने इस घटना की निंदा की।

आयोजक नवात ने बाद में रोते हुए माफी मांगी थी।

मैक्सिको की राष्ट्रपति ने किया था समर्थन 

दूसरी ओर, मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शेनबाम भी फातिमा के समर्थन में खड़ी हो गई थीं। उन्होंने फातिमा के विरोध जताने की सराहना करते हुए कहा था-

“अक्सर लोग कहते हैं चुप महिलाएं सुंदर लगती हैं, फातिमा का उदाहरण बताता है कि महिलाएं तब ज्यादा सुंदर लगती हैं जब वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं।”

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Iran War : पाकिस्तान में आज शांति वार्ता को लेकर होगी बैठक, 3 देशों के विदेश मंत्री शामिल होंगे

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ओवल ऑफिस में पाकिस्तानी पीएम शहवाज शरीफ व फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस। (तस्वीर -rawpixel)

नई दिल्ली | इस्लामाबाद में आज ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता से जुड़ी एक अहम बैठक होने जा रही है जो दो दिनों तक चलेगी। पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्र के विदेश मंत्री शामिल होंगे।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी करके इसकी जानकारी दी है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज

पाक झंडे वाले 20 जहाज गुजरने देगा ईरान

इसके कुछ घंटों के बाद ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ट्वीट करके यह भी घोषणा की है कि ईरान, पाकिस्तानी झंडे वाले कुल बीस जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने देने के लिए तैयार हो गया है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री का ट्वीट

माना जा रहा है कि ये अमेरिका के जहाज हैं क्योंकि दो दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने कैबिनेट को जानकारी दी थी कि ईरान ने उनके दस जहाजों को स्ट्रेट से गुजरने दिया और संभवत: उनके ऊपर पाकिस्तानी झंडा लगा था।

29-30 मार्च को इस्लामाबाद में बैठक

पाक विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा- डिप्टी PM और विदेश मंत्री मुहम्मद इशाक डार के बुलावे पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान और मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलती 29 मार्च से 30 मार्च तक इस्लामाबाद आएंगे।

ईरान और चीन से पाक ने बात की

28 मार्च को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर एक घंटे लंबी वार्ता चली। साथ ही, पाकिस्तान ने चीन से भी बात की और चीन ने इस वार्ता पर समर्थन जताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई मौकों पर पाक के सेना प्रमुख फील्‍ड मार्शल आसिर मुनीर की तारीफ कर चुके हैं।

तुर्किये और मिस्त्र के साथ मिलकर मध्यस्थता

गौरतलब है कि पाकिस्तान, तुर्किये व मिस्त्र के साथ मिलकर अमेरिका व ईरान के बीच बैकचैनल डिप्लोमेसी करा रहा है।

इस दौरान ट्रंप ने मध्यस्थों के जरिए ईरान को 15 प्वाइंट की शांति योजना दी है लेकिन ईरान ने सार्वजनिक रूप से इसे खारिज कर दिया और पलटकर अपनी पांच शर्तें ट्रंप के सामने रख दी हैं।

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