दुनिया गोल
ट्रंप बोले- ‘ईरान में दो सत्ता बदलीं, हम तीसरे शासन के समूह से बात कर रहे’; जानिए क्या हैं इस दावे के मायने?
नई दिल्ली | अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ वार्ता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा है कि “ईरान में एक तरह से सत्ता परिवर्तन तीसरी बार हो चुका है।”
उन्होंने कहा कि पहली बार की सत्ता पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। ईरान में दूसरे शासन के भी ज्यादातर लोग मारे जा चुके हैं और हम अब तीसरे शासन में अलग लोगों से निपट रहे हैं जो पूरी तरह अलग समूह है।
डोनाल्ड ट्रंप ने विमान में रिपोर्टरों के बात करते हुए कहा-
“अगर आप देखें तो पहले ही सत्ता बदल गई है क्योंकि पहला शासन पूरी तरह ख़त्म हो गया, नष्ट हो गया, सब मर गए। दूसरे शासन के ज़्यादातर लोग मर चुके हैं, तीसरे शासन में हम अलग लोगों से निपट रहे हैं, ये पूरी तरह अलग समूह है, तो मैं इसे सत्ता परिवर्तन मानता हूं। मुझे लगता है कि सत्ता परिवर्तन हो चुका है, इससे बेहतर आप कुछ नहीं कर सकते। मुझे लगता है हम उनसे समझौता करेंगे, लगभग पक्का है, लेकिन हो सकता है ना हो। ईरान के मामले में आप कभी कुछ नहीं कह सकते, क्योंकि हम उनसे बातचीत करते हैं और फिर हमें उन्हें उड़ाना पड़ता है।”
क्या है ईरान में पहली व दूसरी सत्ता के मायने
राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयान में पहले शासन के नष्ट होने को ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या से जुड़ा माना जा रहा है।

युद्ध के पहले दिन ही अयातुल्ला अली ख़ामेनेई, ईरानी सर्वोच्च नेता की हत्या कर दी गई।
ईरान के दूसरे शासन के खात्मे के ट्रंप के दावे को सुप्रीम लीडर बनाए गए मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने न आने और उनके शासन के सबसे बड़े नेता अली लारिजानी के मारे जाने के रूप में देखा जा रहा है। लारिजानी, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख थे।
ट्रंप पहले भी मीडिया से कह चुके हैं कि “उनकी बात सुप्रीम लीडर से नहीं हो रही है, मोजतबा के सुप्रीम लीडर बनने के बाद वे कभी सामने नहीं आए हैं।”

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख थे लारीजानी
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मोजतबा भी हमले में घायल हो गए थे और वे रूस में हैं। जबकि कुछ रिपोर्ट्स मानती हैं कि हमले से बचने के लिए वे ईरान में ही किसी खुफिया जगह पर हैं।
ईरान में तीसरे शासन का समूह कौन है?
ऐसे में सवाल है कि अमेरिका किससे बात कर रहा है जिसे ट्रंप ने तीसरे शासन का समूह कहा?
ईरान के कई टॉप नेताओं और कमांडरों के मारे जाने के बाद ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़लीबाफ़ उन चेहरों में से एक हैं, जिन्हें विश्व पटल पर पहचाना जाता है।

ईरानी संसद अध्यक्ष
दरअसल पश्चिमी मीडिया में चर्चा है कि ईरानी संसद के अध्यक्ष मो. बागर गलीबाफ से हालिया वार्ता चल रही है।
ईरान में यह पद सुप्रीम लीडर के करीबी को दिया जाता रहा है।
गलीबाफ, 1994 से 2000 तक आईआरजीसी कमांडर रह चुके हैं और 2000 से 2005 तक नेशनल पुलिस चीफ़ बने।2020 में उन्हें संसद के स्पीकर बनाया गया। वे तीन बार राष्ट्रपति चुनाव भी लड़ चुके हैं।
अब तक कितने शीर्ष लीडरों की हत्या हुई?
इसके अलावा, ईरान के रक्षा मंत्री, इंटेलिजेंसी मंत्री, सैना के CDS, रक्षा परिषद के सचिव, बसीज कमांडर जैसे शीर्ष नेता व अधिकारियों की हत्या हो चुकी है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची
पाक ने हिट लिस्ट से नाम हटवाया
गौरतलब है कि हाल में वॉशिंगटन पोस्ट व रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि ईरानी संसद के अध्यक्ष व विदेश मंत्री को इज़रायल की हिट लिस्ट से अस्थायी तौर पर हटवाया गया है। दावा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका को यह कहते हुए मनाया कि अगर इनको भी मार दिया गया तो फिर बातचीत किससे की जाएगी।
ध्यान रहे कि पाकिस्तान, अमेरिका व ईरान के बीच बैक-चैनल डिप्लोमेसी करा रहा है।
दुनिया गोल
होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखने का जिम्मा संभालने वाले ईरानी कमांडर की मौत की पुष्टि
नई दिल्ली| ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अपने नौसेना कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी की मौत की पुष्टि कर दी है।
तंगसिरी की मौत को लेकर पिछले गुरुवार को इज़रायली सेना ने दावा किया था। अब चार दिन के बाद ईरान की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आई है।
होर्मुज स्ट्रेट को लगभग सभी जहाजों के आवागमन के लिए बंद रखने के ईरानी अभियान का नेतृत्व कर रहे थे।
ईरानी मीडिया ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक आधिकारिक बयान के हवाले से नौसेना कमांडर की मौत की पुष्टि की है।
अमेरिकी वित्त विभाग (US Treasury) ने तंगसिरी पर साल 2019 और 2023 में प्रतिबंध लगाए गए थे।
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म्यांमार में तख्तापलट करने वाले सेना प्रमुख ने पद छोड़ा; जानिए क्या है रणनीति
नई दिल्ली | 2021 में पड़ोसी देश म्यांमार में जिस सेेना प्रमुख ने तख्तापलट किया था, उन्होंने सोमवार (30 march) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
सेना की निगरानी में हाल में कराए गए आम चुनाव के बाद माना जा रहा है कि वे नई सरकार में वे उप-राष्ट्रपति बन सकते हैं।
ध्यान रहे कि तख्तापलट के बाद से म्यांमार में गृहयुद्ध जारी है।
जनरल मिन आंग ह्लाइंग (69) को संसद के निचले सदन (Lower House) के सांसदों की ओर से उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है।
जनरल मिन आंग ह्लाइंग साल 2011 तक सेना से प्रमुख थे।
साथ ही, देश का ऊपरी सदन (Upper House) भी एक उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार को नामांकित करेगा।
इसके बाद दोनों सदन मिलकर इन तीन उम्मीदवारों में से किसी एक को राष्ट्रपति के रूप में चुनेंगे।
हालांकि, इस मतदान की तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।
बता दें कि म्यांमार में कराए गए आम चुनाव में सेना समर्थित ‘यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी’ (USDP) ने जीत हासिल की है।
मगर संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों ने इसे मात्र दिखावा माना है।
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उत्तर कोरिया : अमेरिकी मेन लैंड तक पहुंचने की क्षमता वाले सॉलिड फ्यूल इंजन का परीक्षण किया
नई दिल्ली | उत्तर कोरिया (Democratic People’s Republic of Korea) ने दावा किया है कि उसने ऐसे एडवांस हाई-थ्रस्ट ‘सॉलिड फ्यूल’ (ठोस-ईंधन) इंजन का परीक्षण किया है, जो अमेरिकी मेन लैंड तक मार कर सकता है।
‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (KCNA) ने रविवार को यह जानकारी देते दी। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस इंजन का अधिकतम थ्रस्ट 2,500 किलोटन है।
साथ ही कहा कि उनके नेता किम जोंग उन ने इस इंजन के ग्राउंड जेट टेस्ट का अवलोकन किया।
हालांकि यह नहीं बताया गया है कि यह टेस्ट कब और कहां पर किया गया है।
गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका व उसके सहयोगी इज़रायल के हमला करने के बाद किम जोंग उन कह चुके हैं कि उनका देश परमाणु हथियार जरूर बनाकर रहेगा और पश्चिमी आक्रामकता को देखते हुए उनके ये प्रयास जायज़ हैं।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया का यह दावा बढ़ा-चढ़ाकर (exaggeration) पेश किया गया हो सकता है।
बता दें कि उत्तर कोरिया ने घोषणा की थी कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों को निशाना बनाने वाली ऐसी मिसाइलें हासिल करना चाहते हैं जो अधिक तेज हों और उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो।
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